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Ghaziabad News: घायल कर्मचारी की हालत अब भी गंभीर, अज्ञात पुलिसकर्मियों पर हत्या के प्रयास की प्राथमिकी
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मोदीनगर। पुलिस हिरासत से भागने के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए नगर पंचायत कर्मचारी के मामले में अज्ञात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित पिता के बेटे को गलत तरीके से हिरासत में लेने और बेरहमी से पीटने के आरोप पर यह कार्रवाई की गई है। अस्पताल में भर्ती कर्मचारी की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। उनका वेंटिलेटर पर उपचार चल रहा है।
एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि घायल अमित चौधरी के पिता सुभाष चौधरी की शिकायत पर बीएनसी की धारा 109(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
नगर पंचायत पतला में आउटसोर्सिंग कर्मचारी के रूप में तैनात कस्बा पतला निवासी अमित चौधरी को बीती सात अप्रैल की रात पुलिस ने हिरासत में लिया था। परिवार को जब इसकी सूचना मिली तो वह नेहरूनगर के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे।
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पुलिस के अनुसार, नशे में घायल हालत में मिले अमित को पकड़कर मुरादनगर सीएचसी ले जाया गया था, जहां वह पुलिसकर्मियों से छूटकर भाग निकले और ट्रक के चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में बृहस्पतिवार शाम निवाड़ी थाने में परिजनों और ग्रामीणों के हंगामे के बाद डीसीपी ग्रामीण ने उपनिरीक्षक लोकेन्द्र चौधरी व शाहिद खान और हेड कांस्टेबल सचिन मोहन व कांस्टेबल नरेन्द्र को निलंबित कर दिया था।
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निवाड़ी पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
पीड़ित के पिता सुभाष ने निवाड़ी थाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने मंगलवार रात करीब 1:30 बजे अमित के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। अगर अमित मंगलवार रात 11 बजे नशे में और घायल था तो तुरंत परिवार को सूचना क्यों नहीं दी गई। उनका आरोप है कि उसे मुरादनगर सीएचसी ले जाने और ट्रक की चपेट में आकर घायल होने की जानकारी भी छिपाई गई। पुलिस ने मुरादनगर थाने में सड़क हादसे की एफआईआर तक दर्ज नहीं कराई। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर गिरफ्तार करने की मांग की है।
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क्षेत्र में भारी पुलिसबल तैनात
इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। बृहस्पतिवार को आक्रोशित लोगों ने निवाड़ी थाने में ढाई घंटे तक हंगामा किया था। शुक्रवार को भी ग्रामीणों के पंचायत करने की सूचना थी। ऐसे में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए निवाड़ी थाना क्षेत्र में रात से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। कस्बा पतला, सौंदा गंगनहर पुल और निवाड़ी गंगनहर पुल के आसपास भी कई थानों के अलावा पीएसी व क्यूआरटी को तैनात किया गया है। स्थानीय खुफिया इकाई के साथ निवाड़ी थाने में पूर्व में तैनात रहे पुलिसकर्मियों को भी सक्रिय किया गया है।
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एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि घायल अमित चौधरी के पिता सुभाष चौधरी की शिकायत पर बीएनसी की धारा 109(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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नगर पंचायत पतला में आउटसोर्सिंग कर्मचारी के रूप में तैनात कस्बा पतला निवासी अमित चौधरी को बीती सात अप्रैल की रात पुलिस ने हिरासत में लिया था। परिवार को जब इसकी सूचना मिली तो वह नेहरूनगर के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे।
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पुलिस के अनुसार, नशे में घायल हालत में मिले अमित को पकड़कर मुरादनगर सीएचसी ले जाया गया था, जहां वह पुलिसकर्मियों से छूटकर भाग निकले और ट्रक के चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में बृहस्पतिवार शाम निवाड़ी थाने में परिजनों और ग्रामीणों के हंगामे के बाद डीसीपी ग्रामीण ने उपनिरीक्षक लोकेन्द्र चौधरी व शाहिद खान और हेड कांस्टेबल सचिन मोहन व कांस्टेबल नरेन्द्र को निलंबित कर दिया था।
निवाड़ी पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
पीड़ित के पिता सुभाष ने निवाड़ी थाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने मंगलवार रात करीब 1:30 बजे अमित के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। अगर अमित मंगलवार रात 11 बजे नशे में और घायल था तो तुरंत परिवार को सूचना क्यों नहीं दी गई। उनका आरोप है कि उसे मुरादनगर सीएचसी ले जाने और ट्रक की चपेट में आकर घायल होने की जानकारी भी छिपाई गई। पुलिस ने मुरादनगर थाने में सड़क हादसे की एफआईआर तक दर्ज नहीं कराई। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर गिरफ्तार करने की मांग की है।
क्षेत्र में भारी पुलिसबल तैनात
इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। बृहस्पतिवार को आक्रोशित लोगों ने निवाड़ी थाने में ढाई घंटे तक हंगामा किया था। शुक्रवार को भी ग्रामीणों के पंचायत करने की सूचना थी। ऐसे में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए निवाड़ी थाना क्षेत्र में रात से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। कस्बा पतला, सौंदा गंगनहर पुल और निवाड़ी गंगनहर पुल के आसपास भी कई थानों के अलावा पीएसी व क्यूआरटी को तैनात किया गया है। स्थानीय खुफिया इकाई के साथ निवाड़ी थाने में पूर्व में तैनात रहे पुलिसकर्मियों को भी सक्रिय किया गया है।