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Ghaziabad News: मातम में डूबी बस्ती...घरों में नहीं जले चूल्हे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2024 03:13 AM IST
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The colony is immersed in mourning no stoves are lit in the houses
रिची कुमार
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लोनी। बेहटा हाजीपुर में पार्किंग ठेकेदार शारिक के मकान में लगी आग में पांच लोगों को जिंदा जल जाने से पूरी बस्ती मातम में डूबी हुई है। बृहस्पतिवार को किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। सुबह पोस्टमार्टम के बाद शारिक की पत्नी और बेटे के शव बस्ती में पहुंचे तो हर किसी की आंख नम हो गई। लोग कह रहे थे कि इस हादसे पर यकीन करना भी मुश्किल है।
शारिक के परिवार के आसपास के लोगों से मधुर संबंध हैं। पड़ोसियों ने जैसे ही मकान में आग लगती देखी, बाल्टियां लेकर आ गए। सभी ने भरसक प्रयास किया लेकिन पांच लोगों की जिंदगी नहीं बचा पाए। सैंकड़ों लोग जमा हो गए थे। इतनी भीड़ थी कि संकरी गली में अग्निश्मन की टीम को पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। कोई बाल्टी लेकर आया तो कोई सीढ़ी लेकिन थोड़ी देर में ही आग और धुआं पूरे मकान में फैल गया। रात 12 बजे पांच लोगों के शव निकाले गए।
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बृहस्पतिवार सुबह पांचों का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद शारिक की पत्नी परवीन और बेटे फैज का शव बेहटा हाफिजपुर पहुंचा। शारिक के मकान का सारा सामान आग से राख हो गया। इसलिए, शवों को पड़ोसी के घर में रखवाया गया। उन्हें कब्रिस्तान ले जाया। जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मां-बेटे को एक ही कब्र में सुपुर्द ए खाक किया गया।
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शारिक की बहन, बहनोई और उनकी बेटी के शव को रटौल ले जाया गया। बहनोई सैफुर रहमान रटौल के ही निवासी थे। परवीन और फैज को सुपुर्द ए खाक करने के बाद शारिक के परिवार के लोग रटौल के लिए रवाना हो गए।

15 मिनट पहले ही बीमार पिता नमाज पढ़ने गए थे
शारिक के पिता इश्तियाक करीब 15 सालों से बीमार चल रहे हैं। वह चलने और बोलने में असमर्थ हैं। घटना से 15 मिनट पहले ही वह किसी तरह घर से नीचे आए थे। फिर आसपास के लोगों की मदद से मस्जिद गए थे। वहां उन्होंने नमाज अदा की। लोगों का कहना है कि घटना के दौरान इश्तियाक घर पर होते तो वह भाग नहीं पाते।
पानी के टैंकर नहीं पहुंच सके

जिस मकान में आग लगी थी, वह अंदर गलियों में था। दमकल विभाग की गाड़ियां आईं, लेकिन 300 मीटर पहले ही रुक गई। आगे गली छोटी थी। दमकल कर्मियों ने 300 मीटर तक पानी का पाइप जोड़ा फिर पानी मकान तक पहुंचा। आग लगने पर घर का सारा सामान, एक कार, बाइक समेत अन्य सामान जल कर राख हो गया था।


नहीं मिला हाइट बैरिकेट
लोनी के एसडीएम निखिल चक्रवर्ती ने बताया कि मौके पर कुछ लोगों का कहना था कि रास्ते में कुछ दबंगों ने हाइट बैरिकेट लगा रखे हैं। इस कारण दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंच सकी थी। सुबह टीम बैरिकेट को हटाने पहुंची, लेकिन वहा कोई बैरिकेट नहीं मिला। यदि भविष्य में कोई बैरिकेट लगाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई जाएगी। वहीं उन्होंने कुछ दिनों पहले ही लोनी नगर पालिका, दमकल विभाग और जीडीए को पत्र लिखा था कि जल्द घरों में चल रहे छोटे कारखानों का चिन्हित करण कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जल्द बैठक होगी।
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