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Ghaziabad News: तिलबेगमपुर की प्रधान का जाति प्रमाणपत्र निकला फर्जी, पद से हटाया

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 12 Apr 2023 12:27 AM IST
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The caste certificate of Tilbegampur's head turned out to be fake, removed from the post
बुलंदशहर। ब्लॉक सिकंदराबाद की ग्राम तिलबेगमपुर की ग्राम प्रधान ओबीसी के फर्जी जाति प्रमाणपत्र पर प्रधान बन गईं। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर डीएम ने प्रधान को पद से हटा दिया है। डीपीआरओ ने बताया कि डीएम के आदेश पर कार्रवाई की गई है।
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पंचायत चुनावों में शासन से स्तर का ग्राम प्रधान पद का आरक्षण तय हुआ था। इसी के अनुपालन में नामांकन और निर्वाचन प्रक्रिया हुई थी। गांव तिलबेगमपुर में ओबीसी वर्ग के लिए पद आरक्षित था। इसमें गांव निवासी साबिर की पत्नी मुनाजरी ने चुनाव लड़ा तो वह प्रधान बन गईं। गांव निवासी आजाद ने आरोप लगाया था कि मुनाजरी सामान्य जाति से है और उन्होंने फर्जीवाड़ा कर ओबीसी का प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। मामला शासन में पहुंचने के बाद डीएम ने एडीएम प्रशासन, एसडीएम सदर और पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया था। जांच होने पर आरोप सही पाए गए। डीपीआरओ डाॅ. प्रीतम सिंह ने बताया कि प्रधान मुनाजरी मुस्लिम राजपूत जाति हैं। गांव में आरक्षण ओबीसी का है। तथ्य छिपाकर प्रधान ने ओबीसी का प्रमाणपत्र लगाते हुए प्रधान पद हासिल किया। तत्काल प्रभाव से प्रधान को पद से हटाते हुए शान मौहम्मद ग्राम पंचायत सदस्य को कार्यवाहक प्रधान बनाया है।
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झोझा जाति का लगाया प्रमाणपत्र
प्रधान ने झोझा जाति का प्रमाणपत्र लगाया है। शिकायत मिलने पर चार सदस्यीय जांच टीम ने जब मामले में जांच पड़ताल शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। मुनाजरी का गांव कमालपुर एवं इकबाल अहमद से कोई संबंध नहीं निकला। यह गांव जौलीगढ़ की निवासी है और विवाह तिलबेगमपुर निवासी साबिर से हुआ, जो राजपूत जाति से हैं। ऐसे में प्रधान मुनाजरी का मुस्लिम राजपूत होना पाया गया। आख्या में यह भी उल्लेख है कि मुनाजरी झोझा जाति में नहीं आती हैं। निर्वाचन आयोग से तथ्य छिपाकर वह प्रधान बनी हैं। ग्राम प्रधान के ओबीसी प्रमाणपत्र को भी जांच टीम ने निरस्त कर दिया है।
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ग्राम पंचायत तिलबेगमपुर की प्रधान ने तथ्य छिपाकर ओबीसी के प्रमाणपत्र पर प्रधानी का चुनाव जीता था। जांच में सभी आरोप सही पाए गए हैं। प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया है। डीएम के आदेश पर गांव में कार्यवाहक प्रधान बना दिया है। - डॉ. प्रीतम सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
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