फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   The building owner said, "The promise is baseless, and the house tax has increased by a maximum of 78 percent."

Ghaziabad News: भवन स्वामी बोले...वादे में दम नहीं, सर्वाधिक 78 फीसदी तक की गृहकर में हुई वृद्धि

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 02:13 AM IST
विज्ञापन
The building owner said, "The promise is baseless, and the house tax has increased by a maximum of 78 percent."
गाजियाबाद। जैसे-जैसे समय गुजर रहा है, गृहकर की दरों का गुणाभाग लोगों की समझ में आने लगा है। बढ़ी दरों को कम करने के बावजूद भी 2024 की दरों की तुलना में अब भी गृहकर में सर्वाधिक 78 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। सीधे तौर पर कहें तो एक से दस साल पुराने 12 फीट तक की चौड़ी सड़क पर बने 100 वर्गगज के जिस भवन के लिए 2024 में 1990 रुपये गृहकर चुकाया गया था। उसका अब 3545 रुपये चुकाना होगा। इतना ही नहीं, 24 फीट चौड़ी सड़क पर बने मकान का गृहकर 2488 की बजाय अब 4370 और 24 फीट से अधिक चौड़ी सड़क पर बने मकान का गृहकर 3006 के स्थान पर 5287 रुपये चुकाने होंगे।
विज्ञापन

इसी तरह 12 फीट चौड़ी सड़क पर बने 11 से 20 वर्ष तक के पुराने 100 वर्गगज के भवन के 1200 रुपये अधिक यानी 3191, 24 फीट तक की चौड़ी सड़क पर बने 100 वर्गगज मकान के 1444 रुपये अधिक यानी 3933 और 100 वर्गगज के 24 फीट से अधिक चौड़ी सड़क पर बने भवन के 1752 रुपये अधिक यानी 4759 रुपये चुकाने होंगे।
विज्ञापन

वहीं, 21 वर्ष से अधिक पुराने भवन के लिए 40-42 फीसदी अधिक राशि चुकानी होगी। इस बारे मेें पूर्व पार्षद हिमांशु मित्तल ने बताया कि गृहकर की बढ़ी हुई दरें पूरी तरह वापस नहीं हुईं। इसमें मामूली कटौती की गई है। सर्वाधिक वृद्धि 78 फीसदी और सबसे कम वृद्धि 40 फीसदी तक हुई है। ऐसे में जनता को इससे राहत नहीं मिली है। यह केवल झूठ का एक पुलिंदा है। अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी की जा रही है। जनता से किसी भी स्थिति में धोखा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

-अब सोशल मीडिया पर भी निकल रहा लोगों का गुस्सा :
बढ़े हुए गृहकर को लेकर लोगों की नाराजगी कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस मामले में जहां लोगाें ने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। गृहकर से प्रभावित पुनीत कुमार, तिलकराज और अमित गुप्ता ने निगम के अफसर और नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए। व्हाट्सएप ग्रुप पर टिप्पणी करते हुए उन्हाेंने लिखा कि जनता को बेवकूफ बनाया जा रहा है। जो वादा जनता से किया गया, वह पूरा नहीं हुआ। व्यापारियों में भी इसको लेकर भारी रोष है। उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अवधेश शर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में जवाब लिया जाएगा। किसी भी स्थिति में बढ़ा गृहकर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

-छूट की बात भी नहीं आ रही समझ : व्यापारी नेता रामकिशोर अग्रवाल ने बताया कि छूट की बात पूरी तरह बेबुनियाद है। छूट कभी भी स्थाई नहीं होती। स्थाई बढ़ोतरी पर बात होनी चाहिए। बिना छूट के कितना गृहकर जमा करना है और इसमें कितने फीसदी की वृद्धि हुई है, महापौर और निगम के अफसरों को यह साफ करना चाहिए। घुमाफिराकर अपनी बात को कहना स्वीकार्य नहीं है। इस बारे में निगम के अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि साफ्टवेयर अपडेट का काम चल रहा है। इसके बाद पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed