फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   The builders sold the flats and left, while the officials remained negligent.

Ghaziabad News: बिल्डर फ्लैट बेच कर चले गए, लापरवाह बने रहे अधिकारी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 02:28 AM IST
विज्ञापन
The builders sold the flats and left, while the officials remained negligent.
साहिबाबाद। आवास विकास परिषद की ओर से शुक्रवार को सात सोसायटियों में बकाया जमा न करने पर सीलिंग की कार्रवाई का नोटिस चस्पा किया गया। आविप के इस नोटिस से सोसायटियों में रहने वाले करीब एक हजार से अधिक लोगों की चिंता बढ़ गई है जो अपनी जीवन भर की जमा पूंजी फ्लैट खरीदने में लगा चुके हैं।
विज्ञापन

आविप के बकायदारों में दो बिल्डर ऐसे हैं जिन पर सौ करोड़ से अधिक का बकाया है। हैरत की बात यह है कि इन बिल्डरों ने ग्रुप हाउसिंग बनाई जिनमें 200 से अधिक फ्लैट हैं। गार्डेनिया इंडिया लिमिटेड और फ्यूटेक प्राइवेट लिमिटेड दोनों बिल्डरों ने ग्रुप हाउसिंग बनाई हुई है।
विज्ञापन

गार्डेनिया ग्लैमर और गार्डेनिया गीतांजली नाम से वसुंधरा में दो अलग-अलग सोसायटी है, जिनमें 500 से अधिक फ्लैट हैं। हैरत की बात यह है कि बिल्डर चोरी छिपे तहसील में आवंटियों की रजिस्ट्री भी कर रहे हैं। यह सब कुछ पिछले दो दशक से चल रहा है लेकिन आविप अधिकारियों ने कभी इतनी सख्ती नहीं दिखाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

गार्डेनिया निवासी तपन भारती ने बताया कि वह लोग अपनी जमा पूंजी अपने फ्लैटों में लगा चुके हैं और अब आविप संपत्ती सील करने की बात कह रहा है, इस सीलिंग से बिल्डर की बजाय आम जनता ही प्रभावित होगी। गार्डेनिया निवासी मनीष त्यागी का कहना है कि एक वर्ष पूर्व भी नोटिस चस्पा किया गया था। इसके बाद बिल्डर ने कई लोगों की फर्जी रजिस्ट्री कर दी, तब भी आवास विकास परिषद के अधिकारी कुछ नहीं कर सके, अब सीलिंग की बात कह रहे हैं। आवंटियों ने कहा कि परिषद यदि सीलिंग की कार्रवाई करता है तो वह लोग कोर्ट से लेकर सड़क तक अपनी आवाज उठाएंगे।
पूर्व में भी आविप अधिकारी समय-समय पर नोटिस जमा करते रहे हैं। परिषद अपनी वेबसाइट पर हमेशा लोगों को आगाह करता है और किसी भी संपत्ति को खरीदने से पहले पूछताछ करने की सलाह देता है। अनिल कुमार सिंह, उप आवास आयुक्त, मेरठ जोन
नोटिस चस्पा होने के बाद सहकारी समिति पदाधिकारी पहुंचे कार्यालय
नोटिस चस्पा करने के बाद सभी बकायदार व उनके प्रतिनिधि आवास विकास परिषद कार्यालय पहुंचे और रकम जमा करने की समायाविधि को जाना। आवास विकास परिषद के संपत्ति प्रबंधक पीएस रावत ने बताया कि नोटिस चस्पा होने के बाद शुक्रवार शाम से ही लोगों के फोन आने लगे और वह अपना बकाया कम अधिक की बात करने लगे।

कुछ समिति पदाधिकारियों ने आविप की ओर से बताए गए बकाया रकम को अधिक बताया और अपने रिकॉर्ड के मुताबिक कम बकाया होने की बात कही। संपत्ति प्रबंधक ने बताया कि ऐसे बकायदारों को कहा गया है कि उनके हिसाब से जितना बकाया है, पहले वह उतना ही जमा करें, इसके बाद जमा और बकाया रकम का हिसाब किया जाएगा। बकायदारों को ओटीएस के तहत भी आवेदन करने को कहा गया ताकि उन्हें कुछ छूट मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed