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पंद्रह अक्तूबर तक अपने ठीये के मालिक बन जाएंगे अस्थाई दुकानदार
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Updated Sun, 18 Jun 2017 11:02 PM IST
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पटरीयो पर लगी दुकाने
- फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद। ठेला-पटरी और खोखा से अपना कारोबार करने वाले अस्थाई दुकानदारों को यूपी सरकार जल्द ही अपने ठीये का मालिक बनाने जा रही है। पथ बाजार विक्रय समिति का गठन करके सरकार उनका पंजीकरण करेगी। ऐसे दुकानदारों को प्रमाण पत्र और पहचान पत्र भी जारी किए जाएंगे।
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इतना ही नहीं सरकार नए पथ बाजार भी बनाने पर विचार कर सकती है। शासन के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने इसके लिए सभी नगर आयुक्तों और स्थानीय निकाय निदेशक को आदेश जारी कर दिया है।
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शासन के प्रमुख सचिव ने इसके लिए उत्तर प्रदेश पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियम) नियमावली-2017 का हवाला दिया है। इसमें सभी नगर आयुक्तों और नगर निकाय निदेशक को आदेश दिया गया है कि 15 जुलाई से लेकर 30 अक्तूबर तक छह चरणों में पथ विक्रेताओं के पंजीकरण से लेकर उनके पहचान पत्र तक जारी किए जाने की कार्रवाई पूरी कर ली जाए।
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प्रमुख सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि 15 जुलाई 2017 तक पथ विक्रय समिति का गठन कर लिया जाए। इसके बाद 15 अगस्त तक ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए, जहां पथ बाजार से प्रभावित हैं। इसमें वेंडिंग और नो-वेंडिंग जोन का भी स्पष्ट होना चाहिए।
इसी प्रकार 30 अगस्त तक पथ विक्रेताओं का सर्वेक्षण और 30 सितंबर तक पथ विक्रय पंजीकरण कार्य पूरा कर लिया जाए। ऐसे में एक प्रकार से पथ बाजार में ठेला, पटरी और खोखे में अपना छोटा मोटा कारोबार करने वाले अस्थाई दुकानदार उस जगह के मालिक बन जाएंगे।
प्रमुख सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि पथ बाजार के लिए पंजीकृत किए गए सभी दुकानदारों को विक्रय प्रमाणपत्र 15 अक्तूबर और इसके बाद उन्हें परिचय पत्र 30 अक्तूबर 2017 तक अवश्य ही जारी कर दिए जाएं। 15 जुलाई से शुरू होने वाले इस कार्य की कार्रवाई से समय-समय पर शासन को भी अवगत कराना होगा।