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UP: न आमदगी दर्ज कराई, न किया मुखबिर पर विश्वास; नोएडा से निकले थे सादी वर्दी में सौरभ संग सात पुलिसकर्मी
Mon, 26 May 2025 02:28 PM IST
अनुज कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 26 May 2025 02:28 PM IST
सार
गाजियाबाद के नाहल गांव में पुलिस की टीम पर हुए पथराव में एक सिपाही की मौत हो गई है। इस मामले में खुलासा हुआ है कि गौतमबुद्धनगर के सात पुलिसकर्मियों की टीम सादी वर्दी में दबिश देने पहुंची थी।
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सिपाही सौरभ देशवाल और आरोपी कादिर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मसूरी के नाहल गांव में गौतमबुद्धनगर की फेस तीन थाना पुलिस के सिपाही सौरभ की मुठभेड़ में मौत होने के बाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। नोएडा फेस तीन थाने के दारोगा सचिन राठी की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में बताया गया है कि सात पुलिसकर्मी नाहल गांव में आरोपी कादिर उर्फ मंटर को पकड़ने गई थी। इनमें पुलिस टीम में दारोगा उदित सिंह, निखिल, सिपाही सचिन, सौरभ, संदीप कुमार और सोनित भी शामिल थे।
पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कादिर गांव में मौजूद है। मुखबिर ने पुलिस को यह भी बताया था कि कादिर एक आदतन अपराधी है और पुलिस को देखकर भाग सकता है और गांव में कई आपराधिक प्रवृत्ति के लोग रहते हैं। जैसे ही पुलिस टीम ने कादिर को पकड़ने की कोशिश की, उसने और वहां मौजूद अन्य लोगों ने पुलिस का विरोध करना शुरू कर दिया। कादिर ने लोगों को उकसाया कि पुलिस उसे पकड़कर ले जा रही है और उन्हें मारने के लिए कहा। इसके बाद भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
हमलावरों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग की और पथराव भी किया। कांस्टेबल सौरभ को सिर में गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कांस्टेबल सोनित भी घायल होकर गिर गए। पुलिस टीम ने अपनी जान बचाने और कादिर को वहां से निकालने की कोशिश की। घायल कांस्टेबल सौरभ को तत्काल नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुकदमे में मुख्य आरोपी कादिर उर्फ मंटर और उसके भाई व कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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न आमदगी दर्ज कराई, न किया मुखबिर पर विश्वास
मसूरी थाने में दर्ज मुकदमे में बताया गया कि मुखबिर ने टीम को बताया था कि नाहल गांव में आपराधिक प्रवृति के लोग रहते हैं। जिस पर टीम ने विश्वास नहीं किया। इतना ही नहीं सादी वर्दी और निजी वाहनों से टीम ने दबिश दी।
पुलिस महकमे ने सिपाही सौरभ के बलिदान पर जताया शोक
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के थाना फेस-3 में नियुक्त आरक्षी सौरभ कुमार ने 25 मई की रात में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अभियुक्त को पकड़ कर अदम्य साहस व वीरता का परिचय दिया। अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के समस्त पुलिसकर्मी इस घटना से आहत हैं और उसे शत्-शत् नमन करते हुए अपनी शोक संवेदना प्रकट करते हैं।
पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर ने अपने वेतन से एक लाख रुपये की धनराशि और कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में नियुक्त समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा अपने वेतन से एक दिन के वेतन की अनुग्रह धनराशि आरक्षी स्व. सौरभ कुमार के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है।
कौन है कुख्यात अपराधी कादिर उर्फ मंटर
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि मसूरी सहित आरोपी वांछित अपराधी कादिर के खिलाफ 20 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मुजफ्फरनगर में सात, मसूरी में चार, गौतमबुद्धनगर, हापुड़ और मेरठ में भी मुकदमे दर्ज हैं। कादिर उर्फ मंटर की एचएस सं 283ए है,जिस पर दो दर्जन मुकदमें चोरी गैंगस्टर अधिनियम आदि के पंजीकृत हैं,जिसमें 16 मसूरी थाने में दर्ज हैं।
ये भी पढ़ें: कौन है कादिर?: लूट, और चोरी के 24 मुकदमे, वांटेड को पकड़ने गई पुलिस पर भीड़ ने की फायरिंग, सिपाही को मार डाला
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पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कादिर गांव में मौजूद है। मुखबिर ने पुलिस को यह भी बताया था कि कादिर एक आदतन अपराधी है और पुलिस को देखकर भाग सकता है और गांव में कई आपराधिक प्रवृत्ति के लोग रहते हैं। जैसे ही पुलिस टीम ने कादिर को पकड़ने की कोशिश की, उसने और वहां मौजूद अन्य लोगों ने पुलिस का विरोध करना शुरू कर दिया। कादिर ने लोगों को उकसाया कि पुलिस उसे पकड़कर ले जा रही है और उन्हें मारने के लिए कहा। इसके बाद भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
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हमलावरों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग की और पथराव भी किया। कांस्टेबल सौरभ को सिर में गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कांस्टेबल सोनित भी घायल होकर गिर गए। पुलिस टीम ने अपनी जान बचाने और कादिर को वहां से निकालने की कोशिश की। घायल कांस्टेबल सौरभ को तत्काल नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुकदमे में मुख्य आरोपी कादिर उर्फ मंटर और उसके भाई व कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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न आमदगी दर्ज कराई, न किया मुखबिर पर विश्वास
मसूरी थाने में दर्ज मुकदमे में बताया गया कि मुखबिर ने टीम को बताया था कि नाहल गांव में आपराधिक प्रवृति के लोग रहते हैं। जिस पर टीम ने विश्वास नहीं किया। इतना ही नहीं सादी वर्दी और निजी वाहनों से टीम ने दबिश दी।
पुलिस महकमे ने सिपाही सौरभ के बलिदान पर जताया शोक
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के थाना फेस-3 में नियुक्त आरक्षी सौरभ कुमार ने 25 मई की रात में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अभियुक्त को पकड़ कर अदम्य साहस व वीरता का परिचय दिया। अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के समस्त पुलिसकर्मी इस घटना से आहत हैं और उसे शत्-शत् नमन करते हुए अपनी शोक संवेदना प्रकट करते हैं।
पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर ने अपने वेतन से एक लाख रुपये की धनराशि और कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में नियुक्त समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा अपने वेतन से एक दिन के वेतन की अनुग्रह धनराशि आरक्षी स्व. सौरभ कुमार के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है।
कौन है कुख्यात अपराधी कादिर उर्फ मंटर
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि मसूरी सहित आरोपी वांछित अपराधी कादिर के खिलाफ 20 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मुजफ्फरनगर में सात, मसूरी में चार, गौतमबुद्धनगर, हापुड़ और मेरठ में भी मुकदमे दर्ज हैं। कादिर उर्फ मंटर की एचएस सं 283ए है,जिस पर दो दर्जन मुकदमें चोरी गैंगस्टर अधिनियम आदि के पंजीकृत हैं,जिसमें 16 मसूरी थाने में दर्ज हैं।
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