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Ghaziabad News: लक्ष्य दिया गया 500 का ऋण मिला सिर्फ 10 को
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गाजियाबाद। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत शुक्रवार को सिर्फ दस युवाओं को ही पांच-पांच लाख का ऋण दिया जा सका, जबकि लक्ष्य 500 का था। आवेदन 750 आए थे, जिनमें से 650 की संस्तुति भी जिला उद्योग केंद्र ने कर दी थी। इसके बावजूद बैंकों ने सिर्फ 230 के ही ऋण स्वीकृत किए। इनमें से 220 की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी।
यह हाल तब है जबकि ऋण स्वीकृत कराने के लिए तत्कालीन डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बैंक अधिकारियों को चार घंटे विकास भवन में रोककर रखा था। प्रशासन के अफसरों की तमाम कोशिशों के बावजूद नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। ऋण वितरण के लिए 24 जनवरी की तारीख तय की गई थी।
दस में से पांच युवाओं को ऋण लखनऊ में दिया गया। पांच को हिंदी भवन में कार्यक्रम आयोजित कर ऋण दिया गया। जिला उद्योग उपायुक्त श्रीनाथ पासवान ने बताया कि सबसे अधिक आवेदन बुटीक और कपड़ों के सिलाई के कार्य के लिए आए थे। वहीं कुछ आवेदन ऐसे कार्यों के लिए आए थे, जो योजना के तहत फिट नहीं बैठ रहे थे। उनके ऋण के आवेदन को निरस्त कर दिया गया था। जिनका ऋण स्वीकृत हुआ है, उन्हें जल्द ही दे दिया जाएगा।
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- पहले थे मजदूर, अब बनेंगे युवा उद्यमी:
राहुल कुमार को शुक्रवार को हिंदी भवन में आयोजित कार्यक्रम के तहत ऋण मिला तो उनके चेहरे की खुशी ही कुछ और थी। वह पहले एक टेंट हाउस में मजदूर का कार्य करते थे। योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद राहुल ने खुद के टेंट हाउस का व्यवसाय शुरु करने के लिए आवेदन किया। ऋण स्वीकृत हो गया और उनके सत्यापन के बाद जब ऋण मिला तो उनके सपने काे पंख लग गए। राहुल ने बताया कि अब खुद का व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।
- बुटीक खोलेंगी तूलिका त्यागी
: तूलिका ने भी योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया था। बैंक की ओर से उनको शुक्रवार को ऋण मिल गया। इससे वह खुद के बुटीक का कार्य शुरु करेंगी। इससे पहले वह घर से ही बुटीक का कार्य करतीं थी।
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यह हाल तब है जबकि ऋण स्वीकृत कराने के लिए तत्कालीन डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बैंक अधिकारियों को चार घंटे विकास भवन में रोककर रखा था। प्रशासन के अफसरों की तमाम कोशिशों के बावजूद नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा। ऋण वितरण के लिए 24 जनवरी की तारीख तय की गई थी।
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दस में से पांच युवाओं को ऋण लखनऊ में दिया गया। पांच को हिंदी भवन में कार्यक्रम आयोजित कर ऋण दिया गया। जिला उद्योग उपायुक्त श्रीनाथ पासवान ने बताया कि सबसे अधिक आवेदन बुटीक और कपड़ों के सिलाई के कार्य के लिए आए थे। वहीं कुछ आवेदन ऐसे कार्यों के लिए आए थे, जो योजना के तहत फिट नहीं बैठ रहे थे। उनके ऋण के आवेदन को निरस्त कर दिया गया था। जिनका ऋण स्वीकृत हुआ है, उन्हें जल्द ही दे दिया जाएगा।
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- पहले थे मजदूर, अब बनेंगे युवा उद्यमी:
राहुल कुमार को शुक्रवार को हिंदी भवन में आयोजित कार्यक्रम के तहत ऋण मिला तो उनके चेहरे की खुशी ही कुछ और थी। वह पहले एक टेंट हाउस में मजदूर का कार्य करते थे। योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद राहुल ने खुद के टेंट हाउस का व्यवसाय शुरु करने के लिए आवेदन किया। ऋण स्वीकृत हो गया और उनके सत्यापन के बाद जब ऋण मिला तो उनके सपने काे पंख लग गए। राहुल ने बताया कि अब खुद का व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।
- बुटीक खोलेंगी तूलिका त्यागी
: तूलिका ने भी योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया था। बैंक की ओर से उनको शुक्रवार को ऋण मिल गया। इससे वह खुद के बुटीक का कार्य शुरु करेंगी। इससे पहले वह घर से ही बुटीक का कार्य करतीं थी।