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स्वाइन फ्लू की दस्तक से मचा हड़कंप, सैंपलिंग शुरू
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 17 May 2017 10:27 PM IST
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Swine Flu
- फोटो : demo pic
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एनसीआर में स्वाइन फ्लू की दस्तक के साथ ही पशु चिकित्सा विभाग सतर्क हो गया है। कबूतरों के साथ दूसरे पक्षियों में डायरिया की शिकायत के बाद अब विभाग को बर्ड फ्लू का खतरा भी दिखने लगा है। पक्षियों को संक्रमण से बचाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
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मुरादनगर ब्लॉक के मुर्गी पालन केंद्रों की निगहबानी शुरू कर दी गई है और मुर्गियों के 10 सैंपल और पूर्व में ग्लैंडर्स की हिस्ट्री के चलते 61 घोड़ों और खच्चरों के सैंपल भी लेकर मंडलीय मेरठ लैब को जांच के लिए भेजे गए हैं।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. बिजेंद्र त्यागी ने बताया कि स्वाइन फ्लू सूअर से फैलता है, लेकिन जिस तरह से बिना मौसम बीमारी ने दस्तक दी है। विभाग बर्ड फ्लू की संभावना के चलते एहतियात बरत रहा है। पक्षियों में संक्रमण की जांच के लिए अलग-अलग पोल्ट्री फार्म से दस सैंपल लिए गए हैं।
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किसी भी संक्रमण की आशंका को देखते हुए पहले से ही शासन के आदेशानुसार प्रति माह दस सैंपल की जांच कराई जाती रही है, अब जब गाजियाबाद के एक स्वाइन फ्लू प्रभावित व्यक्ति की मौत नोएडा के अस्पताल में हो चुकी है इसलिए फ्लू के कैसे भी संक्रमण की स्थिति से बचने के लिए प्रयास शुरू हो गए हैं।
शासन ने निगम के साथ मिलकर सूअरों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने का अभियान शुरू कर दिया है। जंगली कबूतरों की निगेहबानी की जा रही है ताकि संक्रमण मिलने पर उसे समय रहते काबू किया जा सके। उन्होंने बताया कि फार्म हाउस से सैंपल लेने के साथ ही लोगों को पक्षियों की विशेष देखभाल के लिए जागरूक किया जा रहा है।
बढ़ती गर्मी की वजह से पशु पक्षी भी बेहाल हैं। ऐसे में इनके बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। सभी गांवों में और अन्य सामाजिक लोगों को भी सचेत कर दिया गया है कि यदि किसी भी स्थान पर एक साथ कई पक्षियाें की मौत हो रही है तो तुरंत सूचना दें।
फ्लू के साथ ही पशु चिकित्सा विभाग ग्लैंडर्स (घोड़े में फैलने वाली संक्रामक बीमारी, जो मनुष्य में भी फैल जाती है) के लिए भी सचेत है। निरंतर अभियान के तहत दो दिन पूर्व ही तीन ब्लॉक से 61 सैंपल लिए गए हैं। सभी सैंपल को अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार भेज दिया गया है।
भोजपुर, रजापुर और मुरादनगर ब्लॉक में पशु पालकों के यहां से यह सैंपल लिए गए हैं। भट्ठों पर काम कर रहे खच्चरों का भी सैंपल ले लिया गया है। ग्लैंडर्स जांच का यह अभियान निरंतर चल रहा है।