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Ghaziabad News: सूर्या की मां ने जताया जान का खतरा, घर और शस्त्र लाइसेंस न मिलने की दी शिकायत
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खोड़ा। सूर्या की हत्या के करीब सवा दो माह बाद अब उनकी मां सरोज देवी ने अपनी जान को खतरा बताया है। खोड़ा थाने में उन्होंने मौखिक शिकायत भी की है। सूर्या की मां का आरोप है कि 30 जुलाई को जब वह गली में टहल रही थी, तभी उन्होंने कुछ धर्म विशेष के युवकों को यह बोलते हुए सुना कि सूर्या को मार दिया, अब उसकी मां को मारना है। पीड़िता का कहना है कि युवकों ने उन्हें नहीं पहचाना, वह भी उनकी बात सुन चुपचाप घर के अंदर चली गईं।
पीड़िता मां सरोज चौहान का आरोप है कि उन्होंने पूरे मामले की शिकायत खोड़ा थाने के एसएचओ से की तो जवाब में उन्होंने कहा कि वह कोई दूध में पड़ी मक्खी की तरह नहीं है, कोई भी निकालकर फेंक देगा। यह भी कहा कि जो बीता वह एक हादसा था। मृतक की मां का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने घर और लाइसेंसी शस्त्र की मांग की गई थी, लेकिन आज तक दोनों में से कुछ नहीं मिला है। बेटे को एजेंसी ने नौकरी जरूर दी है। सरोज का आरोप है कि उनका मामला पुलिस-प्रशासन ठंडे बस्ते में डालने में लगा है। उन्होंने बताया कि थाने स्तर पर सुनवाई न होने पर वह डीसीपी धवल जायसवाल से मिलने उनके कार्यालय भी पहुंची थी, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। वह आवास और शस्त्र लाइसेंस के लिए डीएम के यहां भी गई थीं, लेकिन वे बाहर थे। आरोप है कि उनकी सुरक्षा में भी कटौती की गई है। पहले पुलिस सुरक्षा में लगी थी, अब पीआरडी (प्रांतीय रक्षा दल) का एक जवान दिन में रहता और एक जवान रात में रहता है। वहीं, इस मामले में डीसीपी धवल जायसवाल का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी, महिला के कहे अनुसार उस दिन का मोहल्ले में लगे सीसीटीवी की फुटेज भी तलाशी जाएगी ताकि हकीकत का पता चल सके।
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पीड़िता मां सरोज चौहान का आरोप है कि उन्होंने पूरे मामले की शिकायत खोड़ा थाने के एसएचओ से की तो जवाब में उन्होंने कहा कि वह कोई दूध में पड़ी मक्खी की तरह नहीं है, कोई भी निकालकर फेंक देगा। यह भी कहा कि जो बीता वह एक हादसा था। मृतक की मां का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने घर और लाइसेंसी शस्त्र की मांग की गई थी, लेकिन आज तक दोनों में से कुछ नहीं मिला है। बेटे को एजेंसी ने नौकरी जरूर दी है। सरोज का आरोप है कि उनका मामला पुलिस-प्रशासन ठंडे बस्ते में डालने में लगा है। उन्होंने बताया कि थाने स्तर पर सुनवाई न होने पर वह डीसीपी धवल जायसवाल से मिलने उनके कार्यालय भी पहुंची थी, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। वह आवास और शस्त्र लाइसेंस के लिए डीएम के यहां भी गई थीं, लेकिन वे बाहर थे। आरोप है कि उनकी सुरक्षा में भी कटौती की गई है। पहले पुलिस सुरक्षा में लगी थी, अब पीआरडी (प्रांतीय रक्षा दल) का एक जवान दिन में रहता और एक जवान रात में रहता है। वहीं, इस मामले में डीसीपी धवल जायसवाल का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी, महिला के कहे अनुसार उस दिन का मोहल्ले में लगे सीसीटीवी की फुटेज भी तलाशी जाएगी ताकि हकीकत का पता चल सके।
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