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Ghaziabad News: हड़ताल खत्म, अब टीकाकरण का ग्राफ बढ़ाने की चुनौती
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गाजियाबाद। एक सप्ताह तक स्वास्थ्य सेवाओं की रफ्तार थामने वाली संविदा कर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई है, लेकिन इससे प्रभावित सेवाओं को पटरी पर लाना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण ठप रहने से नियमित अभियान प्रभावित हुआ। अब कर्मचारियों की वापसी के बाद विभाग के सामने न केवल लंबित काम निपटाने, बल्कि टीकाकरण समेत दूसरी सेवाओं की रफ्तार बढ़ाने की चुनौती है।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ समेत विभिन्न संगठनों के कर्मचारी आठ अक्तूबर से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। हड़ताल के चलते नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण के साथ गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की स्क्रीनिंग भी प्रभावित रही। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों का उपचार, परिवार नियोजन सेवाएं और गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग भी बाधित हुई। इसके अलावा पीएचसी पर एआरवी टीकाकरण, आशाओं की बैठक और संचारी रोगों के प्रति जागरूकता अभियान पर भी असर पड़ा।
हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी कर्मचारियों की मौजूदगी के कारण टीकाकरण जारी रहा और वहां सेवाएं पूरी तरह ठप नहीं हुईं। शनिवार से संविदा कर्मियों के काम पर लौटने के बाद टीबी मरीजों के इलाज समेत प्रभावित चिकित्सीय सेवाएं फिर शुरू हो गई हैं।
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लंबित काम पूरे करने के निर्देश
नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि सभी स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों को लंबित ऑनलाइन काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर टीकाकरण की गति बढ़ाने और ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। दशहरा के बाद सभी के कामकाज की निगरानी की जाएगी। विभाग का जोर प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य करने और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने पर रहेगा।
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उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ समेत विभिन्न संगठनों के कर्मचारी आठ अक्तूबर से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। हड़ताल के चलते नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण के साथ गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की स्क्रीनिंग भी प्रभावित रही। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों का उपचार, परिवार नियोजन सेवाएं और गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग भी बाधित हुई। इसके अलावा पीएचसी पर एआरवी टीकाकरण, आशाओं की बैठक और संचारी रोगों के प्रति जागरूकता अभियान पर भी असर पड़ा।
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हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी कर्मचारियों की मौजूदगी के कारण टीकाकरण जारी रहा और वहां सेवाएं पूरी तरह ठप नहीं हुईं। शनिवार से संविदा कर्मियों के काम पर लौटने के बाद टीबी मरीजों के इलाज समेत प्रभावित चिकित्सीय सेवाएं फिर शुरू हो गई हैं।
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लंबित काम पूरे करने के निर्देश
नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि सभी स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों को लंबित ऑनलाइन काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर टीकाकरण की गति बढ़ाने और ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। दशहरा के बाद सभी के कामकाज की निगरानी की जाएगी। विभाग का जोर प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य करने और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने पर रहेगा।