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Malmas 2026: मलमास में शुभ कार्यों पर विराम, जानें इसकी अवधि, जून में विवाह के सिर्फ पांच मुहूर्त
Tue, 19 May 2026 10:58 PM IST
Akash Dubey
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
Published by: Akash Dubey
Updated Tue, 19 May 2026 10:58 PM IST
सार
17 मई से 15 जून तक मलमास के कारण विवाह सहित शुभ कार्य वर्जित रहेंगे। गुरु के तारे के अस्त होने से जून, जुलाई, अगस्त में विवाह मुहूर्त सीमित हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
मलमास शुरू होते ही शुभ कार्यों पर अस्थायी विराम लग गया है। इस अवधि में विवाह सहित कई मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि 17 मई से 15 जून तक मलमास रहेगा। इसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस दौरान विवाह संस्कार पर पूरी तरह रोक रहती है।
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उन्होंने बताया कि मलमास और आगे चलकर गुरु के तारे के अस्त होने के कारण जून, जुलाई और अगस्त में विवाह के मुहूर्त बेहद सीमित रहेंगे। जून में केवल पांच विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं, जबकि जुलाई में मात्र दो ही शुभ मुहूर्त रहेंगे। 18 जुलाई से आठ अगस्त तक गुरु का तारा अस्त रहेगा। इसके चलते इस अवधि में विवाह के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं होगा।
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पंडित शर्मा ने बताया कि संवत्सर गणना के अनुसार हर तीन वर्ष में एक अतिरिक्त माह जुड़ता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है। चंद्र गणना में तिथियों के अंतर को संतुलित करने के लिए यह व्यवस्था की जाती है।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में गृह निर्माण, गृह प्रवेश और विवाह जैसे कार्य वर्जित माने जाते हैं। हालांकि, यह महीना भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय माना गया है, इसलिए इस दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और विशेष अनुष्ठान करना शुभ फलदायी होता है।