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Ghaziabad News: साइबर ठगों ने इंजीनियर के खाते से एफडी तोड़ निकाले 18.20 लाख
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गाजियाबाद। कविनगर स्वदेशी कंपाउंड में रहने वाले इंजीनियर उमेश चंद को सर्च इंजन गूगल से बैंक का नंबर लेना इतना भारी पड़ गया कि उनके बैंक खाते से 20 लाख रुपये साफ हो गए। साइबर अपराधियों ने उनका मोबाइल फोन हैक कर रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। इसमें से 18.20 लाख रुपये तो एफडी तोड़कर निकाले गए। मोबाइल पर इसके मैसेज आने पर उन्हें इसकी जानकारी हुई। उन्होंने इस ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
निजी कंपनी में काम करने वाले उमेश चंद ने बताया कि उनके मोबाइल फोन पर मैसेज आया था कि उनके बचत खाते को वेतन खाते में बदल दिया गया। उनका खाता एक्सिस बैंक में है। वह चाहते थे कि खाता बदला न जाए। इसके लिए बैंक के अधिकारी को फोन करना चाहा। उनके पास बैंक का संपर्क नंबर नहीं था। उन्होंने यह नंबर गूगल से ढूंढा। उन्हें नहीं मालूम था कि साइबर अपराधियों ने एक्सिस बैंक के नाम से अपना नंबर गूगल पर डाल रखा है।
उन्होंने बैंक का नंबर समझकर ही काॅल ली। आवाज स्पष्ट नहीं आ रही थी। उधर से कहा गया कि आपसे वीडियो काॅल पर संपर्क करते हैं। इसके बाद वीडियो काॅल आई। उधर से जैसा कहा गया, वह वैसा ही करते रहे। कुछ ही देर बाद पता चला कि उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। एसएमएस आने लगे कि खाते से रकम ट्रांसफर हो रही है। वह काॅल को बंद करने की कोशिश करते रहे, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा था। उन्होंने फोन ही स्विच आफ कर दिया लेकिन इससे पहले ही अपराधी उनके खाते से रकम निकाल चुके थे। बैंक जाकर पता चला कि खाते से 20 लाख अपराधियों के खाते में ट्रांसफर कराए गए हैं। उन्होंने अपना खाता फ्रीज करा दिया।
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एप पर लाॅगिन कराकर की ठगी
वीडियो काॅल पर अपराधी ने कहा कि आप पहले एक्सिस बैंक के एप पर लाॅगिन कीजिए। आपका खाता फिर से बचत खाता कर दिया जाएगा। उन्होंने ऐसे ही किया।
इसके बाद मोबाइल फोन हैक हो गया और उस पर वीडियो काॅल कर रहे अपराधी का नियंत्रण हो गया। उसने एप से विकल्प में जाकर पहले खाते से 1.80 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
इसके बाद एफडी के विकल्प पर गया। वहां से एफडी तोड़ दी। ऐसा करने पर रकम खाते में आती गई और वह उसे अपने खाते में ट्रांसफर करता गया। 50 बार में रकम ट्रांसफर की गई।
साइबर अपराधी के मोबाइल नंबर के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जिन खातों में रकम जमा कराई गई है, उनका भी पता लगाया जा रहा है। पूरे मामले के खुलासे के लिए टीम लगाई गई है। - सच्चिदानंद, एडीसीपी क्राइम
सर्च इंजन से कभी न लें नंबर
- सर्च इंजन पर अपराधियों ने जाल बिछा रखा है। यहां से कोई नंबर न लें। नंबर लेने की गलती करने पर कई लोग ठगी के शिकार हो चुके हैं।
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। सिर्फ क्लिक करने से आपके मोबाइल की जानकारी साइबर अपराधी तक जा सकती है।
- सोशल मीडिया पर चल रहे विज्ञापनों पर पूरी तरह जांच के बाद ही भरोसा करें।
- टास्क पूरा करने पर कमाई और निवेश करने पर मोटी कमाई के लालच में न आएं।
- पांच लाख से कम की ठगी के या किसी भी पोस्ट पर टिप्पणी संबंधी मामलों में स्थानीय थाने पर साइबर सेल डेस्क पर शिकायत दर्ज कराएं।
- पांच लाख से ज्यादा की ठगी के मामलों में नगर कोतवाली परिसर में पहली मंजिल पर बने साइबर अपराध थाने में शिकायत करें।
यहां करें शिकायत
- साइबर अपराध होने पर तत्काल साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत करें।
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निजी कंपनी में काम करने वाले उमेश चंद ने बताया कि उनके मोबाइल फोन पर मैसेज आया था कि उनके बचत खाते को वेतन खाते में बदल दिया गया। उनका खाता एक्सिस बैंक में है। वह चाहते थे कि खाता बदला न जाए। इसके लिए बैंक के अधिकारी को फोन करना चाहा। उनके पास बैंक का संपर्क नंबर नहीं था। उन्होंने यह नंबर गूगल से ढूंढा। उन्हें नहीं मालूम था कि साइबर अपराधियों ने एक्सिस बैंक के नाम से अपना नंबर गूगल पर डाल रखा है।
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उन्होंने बैंक का नंबर समझकर ही काॅल ली। आवाज स्पष्ट नहीं आ रही थी। उधर से कहा गया कि आपसे वीडियो काॅल पर संपर्क करते हैं। इसके बाद वीडियो काॅल आई। उधर से जैसा कहा गया, वह वैसा ही करते रहे। कुछ ही देर बाद पता चला कि उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। एसएमएस आने लगे कि खाते से रकम ट्रांसफर हो रही है। वह काॅल को बंद करने की कोशिश करते रहे, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा था। उन्होंने फोन ही स्विच आफ कर दिया लेकिन इससे पहले ही अपराधी उनके खाते से रकम निकाल चुके थे। बैंक जाकर पता चला कि खाते से 20 लाख अपराधियों के खाते में ट्रांसफर कराए गए हैं। उन्होंने अपना खाता फ्रीज करा दिया।
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एप पर लाॅगिन कराकर की ठगी
वीडियो काॅल पर अपराधी ने कहा कि आप पहले एक्सिस बैंक के एप पर लाॅगिन कीजिए। आपका खाता फिर से बचत खाता कर दिया जाएगा। उन्होंने ऐसे ही किया।
इसके बाद मोबाइल फोन हैक हो गया और उस पर वीडियो काॅल कर रहे अपराधी का नियंत्रण हो गया। उसने एप से विकल्प में जाकर पहले खाते से 1.80 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
इसके बाद एफडी के विकल्प पर गया। वहां से एफडी तोड़ दी। ऐसा करने पर रकम खाते में आती गई और वह उसे अपने खाते में ट्रांसफर करता गया। 50 बार में रकम ट्रांसफर की गई।
साइबर अपराधी के मोबाइल नंबर के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जिन खातों में रकम जमा कराई गई है, उनका भी पता लगाया जा रहा है। पूरे मामले के खुलासे के लिए टीम लगाई गई है। - सच्चिदानंद, एडीसीपी क्राइम
सर्च इंजन से कभी न लें नंबर
- सर्च इंजन पर अपराधियों ने जाल बिछा रखा है। यहां से कोई नंबर न लें। नंबर लेने की गलती करने पर कई लोग ठगी के शिकार हो चुके हैं।
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। सिर्फ क्लिक करने से आपके मोबाइल की जानकारी साइबर अपराधी तक जा सकती है।
- सोशल मीडिया पर चल रहे विज्ञापनों पर पूरी तरह जांच के बाद ही भरोसा करें।
- टास्क पूरा करने पर कमाई और निवेश करने पर मोटी कमाई के लालच में न आएं।
- पांच लाख से कम की ठगी के या किसी भी पोस्ट पर टिप्पणी संबंधी मामलों में स्थानीय थाने पर साइबर सेल डेस्क पर शिकायत दर्ज कराएं।
- पांच लाख से ज्यादा की ठगी के मामलों में नगर कोतवाली परिसर में पहली मंजिल पर बने साइबर अपराध थाने में शिकायत करें।
यहां करें शिकायत
- साइबर अपराध होने पर तत्काल साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत करें।