{"_id":"6ac40af552ca14fb6f0bd584","slug":"stockpile-of-explosives-found-100-meters-from-police-outpost-police-and-intelligence-agencies-fail-ghaziabad-news-c-198-1-gbd1023-25008-2026-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: चौकी से 100 मीटर दूरी पर विस्फोटक का भंडार, पुलिस और खूफिया तंत्र हुआ फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: चौकी से 100 मीटर दूरी पर विस्फोटक का भंडार, पुलिस और खूफिया तंत्र हुआ फेल
विज्ञापन
राहुल सिंह
साहिबाबाद। घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूरी पर पुलिस चौकी के इतनी मात्रा में विस्फोटक रखा गया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। हादसे में सामुदायिक केंद्र की दीवारें ही नहीं बल्कि पुलिस सुरक्षा की भी चूल हिला दीं है। हादसे के बाद पुलिस और खूफिया तंत्र की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि यह तो रावण के पुतले के लिए बारूद एकत्र किया गया, यिद कोई आतंकवादी वारदात को अंजाम देना चाहे तो बिना किसी परेशानी के वह अपने मंसूबे में कामयाब हो सकता है।
दरअसल, चौकी से महज 100 मीटर दूर सामुदायिक केंद्र में दो-तीन दिन से रावण का पुतला तैयार किया जा रहा था। आरोप है कि पुतले में इस्तेमाल होने वाले पटाखों के लिए भारी मात्रा में गंधक, पोटाश और नौशादर जमा किया गया। सोमवार सुबह एक के बाद एक पांच बार धमाका हुआ। लगभग हर धमाका पांच मिनट में हुए धमाके से से आसपास का क्षेत्र दहल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सामुदायिक केंद्र में अलग-अलग जगह विस्फोटक रखा गया था और जैसे-जैसे विस्फोटक तक चिंगारी पहुंची तो धमाके हुए। सामुदायिक केंद्र रामलीला मैदान में है, जहां इन दिनों तैयारियां जोरों पर हैं। इसके सामने ही शनि चौक लाजपत नगर चौकी स्थित है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां कई दिनों से रावण का पुतला तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान पटाखों के लिए 10 टन से अधिक बारूद सामग्री भी लाई गई। सवाल यह है कि इतनी बड़ी गतिविधि पुलिस-प्रशासन की नजर से कैसे बची रही? जांच का विषय यह है कि आबादी के बीच सामुदायिक केंद्र में किस विभाग या अधिकारी की अनुमति से आतिशबाजी तैयार की जा रही थी। यदि किसी विभाग को इसकी जानकारी थी तो सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं कराए गए।
-- -
पटाखे तैयार कर दूसरे केंद्रों पर भेजने की थी योजना
जांच में यह भी सामने आ रहा है कि सामुदायिक केंद्र में केवल रावण का पुतला तैयार नहीं किया जा रहा था, बल्कि पटाखे तैयार कर दूसरे रामलीला केंद्रों पर डिलीवरी करने की योजना भी थी। कारीगर इस केंद्र को अपने गोदाम के तौर पर प्रयोग कर रहे थे, जो यहां से पटाखे तैयार कर दशहरे व दिवाली के लिए गाजियाबाद, हापुड़, दिल्ली और नोएडा के अन्य स्थानों पर भेजने की तैयारी कर रहे थे।
विज्ञापन
-- -
ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बचा लिए आसपास के घर
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह ट्रॉली मौके पर नहीं खड़ी होती तो धमाकों और मलबे का असर आसपास के कई मकानों तक पहुंच सकता था। धमाकों से आसपास के कुछ मकानों में दरारें आई है।
-- -
समय पर नहीं पहुंची एंबुलेंस ते निजी से पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने को लेकर भी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक मौके पर सरकारी एंबुलेंस तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद घायलों को निजी एंबुलेंस से दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया।
-- -
सामुदायिक केंद्र पर नहीं फायर एनओसी
सामुदायिक केंद्र नगर निगम के अंतर्गत आता है। बावजूद वहां फायर एनओसी न होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फायर एनओसी नहीं थी तो इतनी बड़ी संख्या में विस्फोटक कैसे रखवाया गया। नगर निगम की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में हैं। निगम का कोई अधिकारी-कर्मचारी हादसे से पहले वहां नहीं गया।
-- --
पुलिस को तलाशने होंगे सवालों के जवाब
धमाकों के बाद मची अफरा-तफरी से एक किमी क्षेत्र के लोग सहम गए। आसमान में उठता धुएं का गुबार दिखाई दिया। हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस को कुछ सवालों के जवाब तलाशने होंगे। बारूद कहां से आया, कैसे लाया गया, किसकी अनुमति से सामुदायिक केंद्र में रखा गया और वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि पुलिस, फायर विभाग और एलआईयू की ओर से इस गतिविधि की कोई निगरानी की गई थी या नहीं।
-- -- -
लोगों की आपबीती: धमाका हुआ तो लगा भूकंप आ गया
- सुबह धमाके की आवाज सुनाई दी तो घरों के दरवाजे-खिड़कियां हिलने लगे। घबराकर बाहर निकले तो लोगों ने गंभीर घटना की जानकारी दी।- दीपक अग्रवाल
- धमाके की आवाज से लगा कि कहीं बड़ा सिलिंडर या ट्रांसफार्मर फटने की घटना हुई है। सामुदायिक केंद्र से धुआं उठता दिखाई दिया तो जाकर पता किया। - अभिनव शर्मा
- निजी एबुलेंस बुक करके झुलसे हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया। आधे घंटे बाद भी सरकारी एबुलेंस का लोग इंतजार करते रह गए, लेकिन वह नहीं आई।-- अभिषेक राय
- हादसे के दौरान तीन गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गईं। शीशे टूट गए तो एक कार की छत टूट गई। लोगों ने पुलिस के आने से पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिया था।-- कृष चौधरी
-- -- -- -- --
- अधिकारियों के वर्जन
- बिना अनुमति समुदायिक केंद्र में बारूद रखने के मामले में अज्ञात के खिलाफ पुलिस को तहरीर दे दी गई है। केंद्रों के लिए नए नियम बनाए जाएंगे, इससे निगरानी की जा सके।-- रेनू सिंह, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम
-- -- --
-सूचना पर तुरंत तीन फायर टेंडर को मौके पर भेजे गए। एनओसी को लेकर जांच की जा रही है। रामलीला समिति से भी पूछताछ की जा रही है।-- सौरभ सिंह, प्रभारी सीएफओ
-- -- -
विज्ञापन
साहिबाबाद। घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूरी पर पुलिस चौकी के इतनी मात्रा में विस्फोटक रखा गया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। हादसे में सामुदायिक केंद्र की दीवारें ही नहीं बल्कि पुलिस सुरक्षा की भी चूल हिला दीं है। हादसे के बाद पुलिस और खूफिया तंत्र की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि यह तो रावण के पुतले के लिए बारूद एकत्र किया गया, यिद कोई आतंकवादी वारदात को अंजाम देना चाहे तो बिना किसी परेशानी के वह अपने मंसूबे में कामयाब हो सकता है।
दरअसल, चौकी से महज 100 मीटर दूर सामुदायिक केंद्र में दो-तीन दिन से रावण का पुतला तैयार किया जा रहा था। आरोप है कि पुतले में इस्तेमाल होने वाले पटाखों के लिए भारी मात्रा में गंधक, पोटाश और नौशादर जमा किया गया। सोमवार सुबह एक के बाद एक पांच बार धमाका हुआ। लगभग हर धमाका पांच मिनट में हुए धमाके से से आसपास का क्षेत्र दहल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सामुदायिक केंद्र में अलग-अलग जगह विस्फोटक रखा गया था और जैसे-जैसे विस्फोटक तक चिंगारी पहुंची तो धमाके हुए। सामुदायिक केंद्र रामलीला मैदान में है, जहां इन दिनों तैयारियां जोरों पर हैं। इसके सामने ही शनि चौक लाजपत नगर चौकी स्थित है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां कई दिनों से रावण का पुतला तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान पटाखों के लिए 10 टन से अधिक बारूद सामग्री भी लाई गई। सवाल यह है कि इतनी बड़ी गतिविधि पुलिस-प्रशासन की नजर से कैसे बची रही? जांच का विषय यह है कि आबादी के बीच सामुदायिक केंद्र में किस विभाग या अधिकारी की अनुमति से आतिशबाजी तैयार की जा रही थी। यदि किसी विभाग को इसकी जानकारी थी तो सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं कराए गए।
विज्ञापन
पटाखे तैयार कर दूसरे केंद्रों पर भेजने की थी योजना
जांच में यह भी सामने आ रहा है कि सामुदायिक केंद्र में केवल रावण का पुतला तैयार नहीं किया जा रहा था, बल्कि पटाखे तैयार कर दूसरे रामलीला केंद्रों पर डिलीवरी करने की योजना भी थी। कारीगर इस केंद्र को अपने गोदाम के तौर पर प्रयोग कर रहे थे, जो यहां से पटाखे तैयार कर दशहरे व दिवाली के लिए गाजियाबाद, हापुड़, दिल्ली और नोएडा के अन्य स्थानों पर भेजने की तैयारी कर रहे थे।
विज्ञापन
ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बचा लिए आसपास के घर
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह ट्रॉली मौके पर नहीं खड़ी होती तो धमाकों और मलबे का असर आसपास के कई मकानों तक पहुंच सकता था। धमाकों से आसपास के कुछ मकानों में दरारें आई है।
समय पर नहीं पहुंची एंबुलेंस ते निजी से पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने को लेकर भी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक मौके पर सरकारी एंबुलेंस तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद घायलों को निजी एंबुलेंस से दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया।
सामुदायिक केंद्र पर नहीं फायर एनओसी
सामुदायिक केंद्र नगर निगम के अंतर्गत आता है। बावजूद वहां फायर एनओसी न होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फायर एनओसी नहीं थी तो इतनी बड़ी संख्या में विस्फोटक कैसे रखवाया गया। नगर निगम की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में हैं। निगम का कोई अधिकारी-कर्मचारी हादसे से पहले वहां नहीं गया।
पुलिस को तलाशने होंगे सवालों के जवाब
धमाकों के बाद मची अफरा-तफरी से एक किमी क्षेत्र के लोग सहम गए। आसमान में उठता धुएं का गुबार दिखाई दिया। हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस को कुछ सवालों के जवाब तलाशने होंगे। बारूद कहां से आया, कैसे लाया गया, किसकी अनुमति से सामुदायिक केंद्र में रखा गया और वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि पुलिस, फायर विभाग और एलआईयू की ओर से इस गतिविधि की कोई निगरानी की गई थी या नहीं।
लोगों की आपबीती: धमाका हुआ तो लगा भूकंप आ गया
- सुबह धमाके की आवाज सुनाई दी तो घरों के दरवाजे-खिड़कियां हिलने लगे। घबराकर बाहर निकले तो लोगों ने गंभीर घटना की जानकारी दी।- दीपक अग्रवाल
- धमाके की आवाज से लगा कि कहीं बड़ा सिलिंडर या ट्रांसफार्मर फटने की घटना हुई है। सामुदायिक केंद्र से धुआं उठता दिखाई दिया तो जाकर पता किया। - अभिनव शर्मा
- निजी एबुलेंस बुक करके झुलसे हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया। आधे घंटे बाद भी सरकारी एबुलेंस का लोग इंतजार करते रह गए, लेकिन वह नहीं आई।
- हादसे के दौरान तीन गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गईं। शीशे टूट गए तो एक कार की छत टूट गई। लोगों ने पुलिस के आने से पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिया था।
- अधिकारियों के वर्जन
- बिना अनुमति समुदायिक केंद्र में बारूद रखने के मामले में अज्ञात के खिलाफ पुलिस को तहरीर दे दी गई है। केंद्रों के लिए नए नियम बनाए जाएंगे, इससे निगरानी की जा सके।
-सूचना पर तुरंत तीन फायर टेंडर को मौके पर भेजे गए। एनओसी को लेकर जांच की जा रही है। रामलीला समिति से भी पूछताछ की जा रही है।