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पापी बाप को 25 साल की सजा: बेटी को बनाया था हवस का शिकार, बहन ने दिलाया न्याय
Fri, 01 Mar 2024 07:57 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, साहिबाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, साहिबाबाद
Published by: अनुज कुमार
Updated Fri, 01 Mar 2024 07:57 PM IST
सार
गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में एक सौतेले पिता को बेटी से दुष्कर्म मामले में न्यायालय ने 25 साल की सजा सुनाई है। मामला साहिबाबाद थाना क्षेत्र का है। बड़ी बहन ने 14 साल की छोटी बहन को न्याय दिलाया।
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Jail demo
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सौतेले पिता को 25 वर्ष कठोर कारावास की सजा। साथ ही अभियुक्त को 30 हजार 500 रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया। मामला साहिबाबाद थाना क्षेत्र का है। विशेष लोक अभियोजक संजीव बखारवा ने बताया कि 10 नवंबर 2018 को युवती ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसके सौतेले बाप ने उसकी 14 वर्षीय छोटी बहन को घर में अकेली पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
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पीड़िता की मां और बड़ी बहन काम पर गए हुए थे। पीड़िता घर में झाड़ू लगा रही थी। तभी इसरार ने नाबालिक के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बुरी तरह से मारा-पीटा और गला घुट कर जान से मारने की कोशिश की। तभी घर पहुंची दरवाजा अंदर से बंद था।
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पीड़िता अंदर चिल्ला रही थी। युवती ने दरवाजा खोलने की कोशिश की तो सौतेले पिता इसरार दरवाजा खोलकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर सौतेले पिता के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में नामजद कर गिरफ्तार कर किया और जेल भेज दिया।
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मामले के अंतिम सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में न्यायाधीश हर्षवर्धन की अदालत में हुई। अदालत ने पेश सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर सौतेले पिता इसरार को 25 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अभियुक्त को 30 हजार 500 रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया। अदालत में अर्थ दंड की सारी धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश पारित किया।
मामले में 10 गंवा पेश हुए
मामले में आरोप पत्र 20 अक्टूबर 2018 को पेश किया गया। अभियुक्त को सजा दिलाने में पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता और उसकी बहन के बयान अहम रहे।