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Ghaziabad News: फर्जी फर्म दर्शाने वाले पर राज्य कर अधिकारी ने दर्ज कराया मुकदमा
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गाजियाबाद। जीएसटी में पंजीकरण कराने के लिए महाराष्ट्र के फर्म स्वामी महेश अनंत वाख ने ऑनलाइन आवेदन में फर्जी किरायानामा और अन्य अभिलेख ऑनलाइन अपलोड कर दिए। भौतिक सत्यापन के दौरान राज्य कर विभाग को मौके पर न फैक्टरी की बजाए अन्य का मकान मिला। जांच में सामने आया कि मकान मालिक फर्म संचालक को जानता तक नहीं। ऐसे में सहायक आयुक्त राज्य कर अधिकारी विध्यवासिनी शर्मा ने फर्म संचालक के खिलाफ कविनगर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
एसीपी कविनगर भाष्कर वर्मा ने बताया कि राज्य खंड-12 में तैनात सहायक आयुक्त राज्य कर अधिकारी विध्यवासिनी शर्मा के मुताबिक महेश अनंत वाख निवासी अवल गांव मोरोसी ताल मुरबाड ठाणे महाराष्ट्र ने 25 दिसंबर 2024 को जीएसटी पंजीयन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के दौरान फर्म स्वामी ने उत्कर्ष शर्मा द्वारा एक किरायानामा अपलोड किया गया। इसमें उत्कर्ष शर्मा को सेक्टर-दो राजेंद्र नगर साहिबाबाद स्थित मकान का मालिक बताकर प्रतिमाह 10 हजार रुपये किराया और 11 माह का एग्रीमेंट पोर्टल पर अपलोड़ किया गया। इसके साथ ही बिजली का बिल भी अपलोड किया गया। मार्च में फर्म की रिटर्न भी दाखिल की गई और भारी मात्रा में फर्जी आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) दर्शायी गई। 28 अप्रैल 2024 को फर्म का भौतिक सत्यापन किया गया। फर्म के पते पर मकान मालिक सत्यदेव यादव मिले। उन्होंने टीम को बताया कि वह फर्म स्वामी को नहीं जानते और न ही कोई किरायानामा किया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद विध्यवासिनी शर्मा फर्जी फर्म सर्वश्री महेश एंटरप्राइजेज सेक्टर-दो राजेंद्र नगर साहिबाबाद के संचालक महेश अनंत वाख निवासी अवल गांव मोरोसी ताल, मुरबाड ठाणे महाराष्ट्र के खिलाफ कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एसीपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस के अंतर्गत कूटरचित, छलकपट करने की धारा 318(4), दस्तावेजों की जालसाजी की धारा 338, झूठे दस्तावेज तैयार कर प्रयोग करने की धारा 336, धोखाधड़ी और जालसाजी करने की धारा 336(3) और नकली दस्तावेजों का असली में प्रयोग करने की धारा 340(2) मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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एसीपी कविनगर भाष्कर वर्मा ने बताया कि राज्य खंड-12 में तैनात सहायक आयुक्त राज्य कर अधिकारी विध्यवासिनी शर्मा के मुताबिक महेश अनंत वाख निवासी अवल गांव मोरोसी ताल मुरबाड ठाणे महाराष्ट्र ने 25 दिसंबर 2024 को जीएसटी पंजीयन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के दौरान फर्म स्वामी ने उत्कर्ष शर्मा द्वारा एक किरायानामा अपलोड किया गया। इसमें उत्कर्ष शर्मा को सेक्टर-दो राजेंद्र नगर साहिबाबाद स्थित मकान का मालिक बताकर प्रतिमाह 10 हजार रुपये किराया और 11 माह का एग्रीमेंट पोर्टल पर अपलोड़ किया गया। इसके साथ ही बिजली का बिल भी अपलोड किया गया। मार्च में फर्म की रिटर्न भी दाखिल की गई और भारी मात्रा में फर्जी आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) दर्शायी गई। 28 अप्रैल 2024 को फर्म का भौतिक सत्यापन किया गया। फर्म के पते पर मकान मालिक सत्यदेव यादव मिले। उन्होंने टीम को बताया कि वह फर्म स्वामी को नहीं जानते और न ही कोई किरायानामा किया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद विध्यवासिनी शर्मा फर्जी फर्म सर्वश्री महेश एंटरप्राइजेज सेक्टर-दो राजेंद्र नगर साहिबाबाद के संचालक महेश अनंत वाख निवासी अवल गांव मोरोसी ताल, मुरबाड ठाणे महाराष्ट्र के खिलाफ कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एसीपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस के अंतर्गत कूटरचित, छलकपट करने की धारा 318(4), दस्तावेजों की जालसाजी की धारा 338, झूठे दस्तावेज तैयार कर प्रयोग करने की धारा 336, धोखाधड़ी और जालसाजी करने की धारा 336(3) और नकली दस्तावेजों का असली में प्रयोग करने की धारा 340(2) मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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