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Ghaziabad News: लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध की लीला का मंचन
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मुरादनगर। श्री बड़ी रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चुंगी नंबर तीन स्थित रामलीला मैदान में चल रहे 95वें रामलीला महोत्सव में लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध की लीला का मंचन किया गया।
मंचन के दौरान राम-रावण युद्ध के प्रसंगों का सजीव चित्रण किया गया। युद्ध के दौरान मेघनाद ने लक्ष्मण पर शक्तिबाण का प्रहार किया, जिससे वह मूर्छित होकर भूमि पर गिर पड़े। लक्ष्मण को अचेत देखकर भगवान श्रीराम व्याकुल हो गए। भाई के प्रति उनके प्रेम और चिंता को देखकर दर्शक भावुक हो उठे। इसके बाद हनुमान जी को संजीवनी बूटी लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। हनुमान जी संजीवनी बूटी लेने हिमालय पहुंचे। वहां सही बूटी की पहचान नहीं होने पर वह पूरा पर्वत उठाकर ले आए। संजीवनी बूटी से लक्ष्मण के प्राण बच गए। लक्ष्मण के होश में आते ही रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कुंभकर्ण वध की लीला का मंचन हुआ। रावण ने युद्ध में अपनी सेना को कमजोर पड़ता देख कुंभकर्ण को जगाया और उसे युद्ध के लिए भेजा। विशालकाय कुंभकर्ण ने रणभूमि में पहुंचकर वानर सेना में खलबली मचा दी। भगवान श्रीराम ने युद्ध करते हुए कुंभकर्ण का वध कर दिया। कुंभकर्ण के धराशायी होते ही दर्शकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। कमेटी के महामंत्री अंकित गर्ग ने बताया कि रामलीला के माध्यम से लोगों को धर्म, सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जा रही है। राहुल मित्तल, बुधगोपाल गोयल, मधुर सिंघल, चेयरमैन दीपक मित्तल, अध्यक्ष मोहित मुंडे, कोषाध्यक्ष अंकुर मित्तल, अरविंद सिंघल, विपिन गर्ग, अर्पित गर्ग, विनय कंसल,नवीन गर्ग,रमेश त्यागी, वंश मित्तल, मनोज शर्मा, नीरज जांगिड़, राजू सक्सेना, गीता सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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मंचन के दौरान राम-रावण युद्ध के प्रसंगों का सजीव चित्रण किया गया। युद्ध के दौरान मेघनाद ने लक्ष्मण पर शक्तिबाण का प्रहार किया, जिससे वह मूर्छित होकर भूमि पर गिर पड़े। लक्ष्मण को अचेत देखकर भगवान श्रीराम व्याकुल हो गए। भाई के प्रति उनके प्रेम और चिंता को देखकर दर्शक भावुक हो उठे। इसके बाद हनुमान जी को संजीवनी बूटी लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। हनुमान जी संजीवनी बूटी लेने हिमालय पहुंचे। वहां सही बूटी की पहचान नहीं होने पर वह पूरा पर्वत उठाकर ले आए। संजीवनी बूटी से लक्ष्मण के प्राण बच गए। लक्ष्मण के होश में आते ही रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कुंभकर्ण वध की लीला का मंचन हुआ। रावण ने युद्ध में अपनी सेना को कमजोर पड़ता देख कुंभकर्ण को जगाया और उसे युद्ध के लिए भेजा। विशालकाय कुंभकर्ण ने रणभूमि में पहुंचकर वानर सेना में खलबली मचा दी। भगवान श्रीराम ने युद्ध करते हुए कुंभकर्ण का वध कर दिया। कुंभकर्ण के धराशायी होते ही दर्शकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। कमेटी के महामंत्री अंकित गर्ग ने बताया कि रामलीला के माध्यम से लोगों को धर्म, सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी जा रही है। राहुल मित्तल, बुधगोपाल गोयल, मधुर सिंघल, चेयरमैन दीपक मित्तल, अध्यक्ष मोहित मुंडे, कोषाध्यक्ष अंकुर मित्तल, अरविंद सिंघल, विपिन गर्ग, अर्पित गर्ग, विनय कंसल,नवीन गर्ग,रमेश त्यागी, वंश मित्तल, मनोज शर्मा, नीरज जांगिड़, राजू सक्सेना, गीता सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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