{"_id":"570bfb674f1c1b894b4a6ac5","slug":"solar-lights-in-scandals-will-prevent-urban-planning-solar-masses","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोलर लाइटों में ‘घोटालों’ को रोकेगी नगरीय सौर पुंज योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोलर लाइटों में ‘घोटालों’ को रोकेगी नगरीय सौर पुंज योजना
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 12 Apr 2016 01:06 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार की ‘डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजना’ सोलर स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट लाइट्स और सोलर पैनल के घोटालों पर अंकुश लगाएगी। यूपी सरकार ने नगर निगमों और पालिकाओं में ज्यादा दरों पर सोलर लाइटें खरीदने की शिकायतों पर यह योजना वर्ष 2016-17 के लिए शुरू की है।
योजना का मकसद प्रदेश में सोलर एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ाना भी है। अब नगर निकायों में नेडा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की बेंच मार्क दरों पर ही सोलर लाइटें और पैनल खरीदे जाएंगे।
नगर विकास विभाग के सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, जल निगम के एमडी और सीएंडडीएस विंग के निदेशक को पत्र भेजकर नयी व्यवस्था को तत्काल लागू करने के आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन
आदेश में उन्होंने कहा है कि ‘संज्ञान में आया है कि नगर निकायों में फर्मों और कंपनियों द्वारा लगाई जाने वाली सोलर लाइटें, सोलर हाईमास्ट लाइटों की दरें प्रदेश सरकार, यूपी नेडा और केंद्र सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) की बेंच मार्क दरों से ज्यादा हैं।’
सरकारी रकम का दुरुपयोग के मामले संज्ञान में आने पर प्रदेश सरकार ने ‘डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजना’ शुरू की है। अब इस योजना की गाइड लाइंस के मुताबिक सोलर लाइटें खरीद और पैनल लगाए जाएंगे।
सरकार ने कार्यदायी संस्थाओं के लिए शर्तें भी तय की हैं। इस योजना में काम करने वाली कार्यदायी संस्थाओं, फर्मों को एक निश्चित रकम एफडी के तौर पर निकायों में जमा करानी होगी। यह फर्में उनके द्वारा लगाई गई सोलर लाइटों की 5 साल की गारंटी भी देंगी।
सोलर लाइट खरीद घोटाले की जांच की मांग
सोलर लाइट खरीद में हुए कथित घोटाले की जांच की मांग के लिए पार्षद पति व भाजपा नेता हिमांशु मित्तल ने महापौर अशु वर्मा को ज्ञापन दिया। आरोप है कि सीईएल कंपनी में 20 वाट की सोलर लाइट की कीमत 25 हजार रुपये हैं।
निगम ने ऐसी ही लाइट 42 हजार रुपये में खरीदी है। 17 हजार रुपये एक लाइट पर ज्यादा भुगतान किया गया है। 100 लाइटें खरीदीं गई हैं। उनका कहना है कि इसकी शिकायत लोकायुक्त से भी की जाएगी। उधर, भाजपा कार्यकर्ता सचिन सोनी, सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद भारतीय ने भी महापौर को ज्ञापन देकर जांच की मांग की है।
सोलर लाइट खरीद में घोटाले के आरोप लगे हैं। इसकी जांच कराई जाएगी। नगर आयुक्त से वार्ता कर फाइल तलब की जाएगी। आरोप सही मिले तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। - अशु वर्मा, महापौर
विज्ञापन
योजना का मकसद प्रदेश में सोलर एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ाना भी है। अब नगर निकायों में नेडा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की बेंच मार्क दरों पर ही सोलर लाइटें और पैनल खरीदे जाएंगे।
विज्ञापन
नगर विकास विभाग के सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, जल निगम के एमडी और सीएंडडीएस विंग के निदेशक को पत्र भेजकर नयी व्यवस्था को तत्काल लागू करने के आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन
आदेश में उन्होंने कहा है कि ‘संज्ञान में आया है कि नगर निकायों में फर्मों और कंपनियों द्वारा लगाई जाने वाली सोलर लाइटें, सोलर हाईमास्ट लाइटों की दरें प्रदेश सरकार, यूपी नेडा और केंद्र सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) की बेंच मार्क दरों से ज्यादा हैं।’
सरकारी रकम का दुरुपयोग के मामले संज्ञान में आने पर प्रदेश सरकार ने ‘डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजना’ शुरू की है। अब इस योजना की गाइड लाइंस के मुताबिक सोलर लाइटें खरीद और पैनल लगाए जाएंगे।
सरकार ने कार्यदायी संस्थाओं के लिए शर्तें भी तय की हैं। इस योजना में काम करने वाली कार्यदायी संस्थाओं, फर्मों को एक निश्चित रकम एफडी के तौर पर निकायों में जमा करानी होगी। यह फर्में उनके द्वारा लगाई गई सोलर लाइटों की 5 साल की गारंटी भी देंगी।
सोलर लाइट खरीद घोटाले की जांच की मांग
सोलर लाइट खरीद में हुए कथित घोटाले की जांच की मांग के लिए पार्षद पति व भाजपा नेता हिमांशु मित्तल ने महापौर अशु वर्मा को ज्ञापन दिया। आरोप है कि सीईएल कंपनी में 20 वाट की सोलर लाइट की कीमत 25 हजार रुपये हैं।
निगम ने ऐसी ही लाइट 42 हजार रुपये में खरीदी है। 17 हजार रुपये एक लाइट पर ज्यादा भुगतान किया गया है। 100 लाइटें खरीदीं गई हैं। उनका कहना है कि इसकी शिकायत लोकायुक्त से भी की जाएगी। उधर, भाजपा कार्यकर्ता सचिन सोनी, सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद भारतीय ने भी महापौर को ज्ञापन देकर जांच की मांग की है।
सोलर लाइट खरीद में घोटाले के आरोप लगे हैं। इसकी जांच कराई जाएगी। नगर आयुक्त से वार्ता कर फाइल तलब की जाएगी। आरोप सही मिले तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। - अशु वर्मा, महापौर