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Ghaziabad News: एमएमजी अस्पताल में कम पड़े बेड, रेफर किए जा रहे मरीज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:15 AM IST
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Shortage of beds at MMG Hospital; patients being referred elsewhere.
संयुक्त अस्पताल में ओपीडी के लिए पर्ची बनवाने के लिए लगी मरीजों की कतार। संवाद - फोटो : Samvad
गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल में दो वार्ड बंद होने से बेड की संख्या कम हो गई है। इसका सबसे ज्यादा असर भर्ती होने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। हालत यह हैं कि गंभीर मरीजों के साथ-साथ सामान्य मरीजों को भी बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। मजबूरी में अस्पताल प्रशासन प्राथमिक उपचार देने के बाद मरीजों को दूसरे सरकारी अस्पतालों के लिए रेफर कर रहा है। रेफर होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
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सोमवार को अस्पताल की ओपीडी और आईपीडी से करीब 10 मरीजों को रेफर किया गया। अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार औसतन 24 घंटे में 10 से 12 मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। पिछले दस दिनों में ओपीडी और आईपीडी से 21 मरीजों को दूसरे अस्पताल भेजा गया, जबकि इमरजेंसी से भी करीब 15 मरीज रेफर किए जा चुके हैं। अधिकारियों के निर्देश के बाद मरीजों को डूडाहेड़ा अस्पताल और संजय नगर अस्पताल भेजा जा रहा है।
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सोमवार को अस्पताल की ओपीडी में कुल 2652 मरीजों ने इलाज कराया। इनमें 1278 महिलाएं, 934 पुरुष और 440 बच्चे शामिल रहे। वहीं 78 मरीजों को भर्ती किया गया। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन बेड कम होने के कारण सामान्य बीमारी वाले मरीजों को भी भर्ती नहीं किया जा रहा है। कई मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजे जाने में समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं, जिससे इलाज में भी देरी हो रही है।
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अस्पताल प्रशासन बच्चों के लिए महिला अस्पताल में 10 बेड का वार्ड शुरू करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि अभी यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है। दूसरी ओर कई मरीज दूसरे अस्पताल रेफर किए जाने का विरोध भी कर रहे हैं। इससे अस्पताल प्रशासन के सामने व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण बन गया है।

पेट दर्द में किया रेफर
अकबरपुर-बहरामपुर निवासी विजय कुमार पेट में तेज दर्द की शिकायत लेकर एमएमजी अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों ने भर्ती की सलाह दी, लेकिन बेड खाली नहीं होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दूसरे सरकारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। विजय कुमार ने बताया कि रेफर होने के बाद नए अस्पताल में फिर से पर्ची और जांच की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, जिससे इलाज शुरू होने में काफी देर हो गई।


तेज बुखार और कमजोरी में किया रेफर
विजय विहार निवासी शबाना को तेज बुखार और कमजोरी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचीं। भर्ती की जरूरत बताई गई, लेकिन बेड नहीं मिलने पर उन्हें भी दूसरे अस्पताल भेज दिया गया। उनके परिजनों का कहना है कि मरीज की हालत ठीक नहीं थी, फिर भी एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल जाना पड़ा। उनका कहना है कि यदि एमएमजी अस्पताल में पर्याप्त बेड होते तो समय पर भर्ती और इलाज मिल सकता था।



क्रिटिकल केयर यूनिट का दो तल शुरू कराने के लिए लिखा पत्र
सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि ओपीडी के पास उपलब्ध बेड पर मरीजों को शिफ्ट करने की व्यवस्था बनाई जा रही है। जिन मरीजों के लिए बेड उपलब्ध नहीं हो पाते, उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद आवश्यकता के अनुसार दूसरे अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि क्रिटिकल केयर इमारत का दो तल जल्द से जल्द शुरू कराया जाए, जिससे बंद वार्ड को उसमें शिफ्ट किया जा सके। उसके बाद बेड की समस्या दूर हो जाएगी।
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