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सेक्टर स्कीम और सील से अवसाद में आ रहे वैशाली के लोग
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\n\nपरिचर्चा फोटो है\n\nसैक्टर स्कीम और सील से अवसाद में आ रहे वैशाली के लोग\n\n- सील सोसायटी में रह रहे लोगों को सता रहा नौकरी जाने का खतरा\n\n- बच्चों में भी बढ़ रही बोरियत, स्थानीय लोग लगातार सील खोलने की कर रहे अपील\n\n
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। अनलॉक वन में एक ओर जहां पूरा देश खुला हुआ है। वहीं वैशाली के लोग सेक्टर स्कीम और सील की वजह से काफी परेशन हो गए हैं। नौकरी पेशा लोगों को जहां नौकरी जाने का भय सता रहा है वहीं युवाओं और बच्चों में भी लगातार घर के अंदर बंद रहने की वजह से तनाव और अवसाद बढ़ता जा रहा है। इन्हीं सब कारणों से हालांकि स्थानीय लोग लगातार सील खोलने की अपील जिला प्रशासन से कर रहे हैं।
बता दें कि लॉक डाउन के पहले चरण से ही वैशाली की कई सोसायटी में कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान होने की वजह से कई सोसायटियां सील रही। अब पिछले दिनों अत्यधिक संक्रमित मरीजों की पहचान होने के बाद से जिला प्रशासन ने वैशाली में सेक्टर स्कीम योजना लागू कर दी है। वहीं कई सोसायटियों को पूरी तरह सील किया जा चुका है। ऐसे में प्राइवेट जॉब वाले लोग अपने ऑफिस नहीं पहुंच पा रहे। इसकी वजह से लोग अवसाद में जा रहे हैं। स्थानीय लोगों को अब नौकरी जाने के साथ ही घर में बंद रहने की वजह से कई बीमारियों का भय भी सताने लगा है।
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इनसेट\n\nक्या बोले लोग
हमारी सोसायटी में पहले भी सील रही, सील खुलने के कुछ दिन बाद ही फिर सेक्टर स्कीम लागू हो गया। करीब तीन माह से हम अपने फ्लैट से बाहर नहीं निकले हैं। दोस्तों से भी ऑनलाइन कितना बात करें। अब घर बैठे-बैठे काफी बोरियत महसूस होने लगी है। अंकुर श्रीवास्तव
सेक्टर स्कीम के खिलाफ हम लोग लगातार अवाज उठा रहे हैं। इस स्कीम में उन गली मोहल्लों के लोग भी पिस रहे हैं जहां अभी तक कोई केस नहीं मिला है। अब तो दफ्तरों से भी लगातार फोन आने लगे हैं। ऐसे में डर यह लग रहा है कि कहीं लगातार दफ्तर न जाने की वजह से नौकरी न चली जाए। इस तरह हमारे घर परिवार पर संकट मंडरा रहा है। ज्ञान सिंह\n\n\n
पहले दिन से हम लोग सील का विरोध कर रहे हैं। हमारी मांग है कि किसी सोसायटी के जिस टावर में संक्रमित व्यक्ति पाया गया है, केवल उसी टावर को सीज किया जाए। या फिर किसी एक मोहल्ले को। अब 500-1000 की आबादी के बीच कोई संक्रमित पाया जाता है हम सब घर में कैद कर दिए जाते हैं। इसी बात का विरोध हमने पहले भी जतया है। दीपक\n\n\n
सील करना अच्छा है लेकिन एक टावर या एक मोहल्ले की बजाय पूरी सोसायटी को सील करने से परेशानी बढ़ी है। हमारी सोसायटी में भी एक निजी चिकित्सक संक्रमित पाए गए जिनका ईलाज चल रहा है। उनके परिवार के चारों सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। ऐसे में सील से कुछ राहत मिलनी चाहिए ताकि लोग अपने दफ्तर जा सकें। दरअसल अब लोगों को नौकरी की चिंता ज्यादा है, सील के चक्कर में नौकरी चली गई तो बड़ी मुसीबत हो जाएगी। शरद चंद्र तिवारी\n\n\n
हमारी जज कालोनी में तीन लोग संक्रमित पाए गए थे इसके बाद हमारी पूरी कालोनी 24 मई को सीज कर दी गई। अब तीनों संक्रमित लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौट आए हैं। इसके अलावा पूरी कालोनी में कोई अन्य मामला अब तक नहीं निकला है। ऐसे में कालोनी की सील हटा देनी चाहिए। कालोनी के युवा ही नहीं बच्चे और बड़े सभी सील की वजह से तनाव में आ रहे हैं। मैंने सील खेेलने के लिए जिला प्रशासन से अपील भी की है। बलराज सिंह तोमर\n\n\n-----------------\n\nनिशा ठाकुर\n\n\n
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