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Ghaziabad News: धनतेरस पर बाजार में 800 करोड़ की धनवर्षा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2024 01:13 AM IST
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Rs 800 crore rain in the market on Dhanteras
माई सिटी रिपोर्टर
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गाजियाबाद। धनतेरस पर बाजार में जमकर धनवर्षा हुई। खरीदारी का यह महापर्व महीने के अंत में आने का भी कोई खास असर बाजार पर दिखाई नहीं दिया। देर रात तक दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जमा रही। सबसे ज्यादा उड़ान सराफा और ऑटोमोबाइल बाजार ने भरी। लोगों ने शगुन के तौर पर उपहार स्वरूप सोने-चांदी के आइटम ज्यादा खरीदे। वाहनों की डिलीवरी लेने के लिए आधी रात तक ऑटोमोबाइल शोरूम ग्राहकों की भीड़ से गुलजार दिखे। इस बार धनतेरस पर जिलेभर में करीब 800 करोड़ रुपये के कारोबार का अंदाजा लगाया जा रहा है।
सराफा और ऑटोमोबाइल ही नहीं इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, बर्तन, उपहार और परिधान आदि खरीदने के लिए भी बाजार में खरीदारों की जमकर भीड़ उमड़ी। पारंपरिक मान्यताओं को निभाते हुए लोगों ने इस दिन वाहनों की जमकर खरीदारी की। हालाकि, ज्यादातर लोगों ने बुकिंग पहले कराई थी और धनतेरस के दिन शोरूम से डिलीवरी लेकर महज औपचारिकता ही निभाई। गर्ग मोटर्स एंड सर्विसेज के निदेशक एवं ऑटोमोबाइल बाजार के जानकार प्रमोद गर्ग ने बताया कि जिले में टीवीएस, होंडा, हीरो, बजाज सहित अन्य कंपनियों के लगभग 18 से 20 शोरूम हैं, जबकि 15 से ज्यादा कारों के शोरूम हैं।
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धनतेरस के दिन लगभग 2500-2800 दोपहिया वाहनों की डिलीवरी का अनुमान है, जबकि 500 से अधिक कारों की बिक्री हुई है। अकेले ऑटोमोबाइल बाजार में ही तकरीबन 150 करोड़ के कारोबार का अनुमान लगाया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग शुभ शुभ मुहूर्त देखकर खरीदारी के लिए निकले। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के एनसीआर संयोजक एसके जैन ने बताया कि इस बार गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में 1,500 से 1,600 करोड़ का कारोबार होने का अंदाजा अब तक लगाया जा चुका है, जिसमें गाजियाबाद में लगभग 800 करोड़ का कारोबार हुआ है।
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बर्तन खरीदकर निभाई पारंपरिक मान्यता
महंगे भाव की वजह से सोना-चांदी ग्राहकों की पहुुंच से दूर होने की वजह से बर्तन खरीदकर लोगों ने पारंपरिक मान्यता को निभाया। बाजारों में सबसे ज्यादा भीड़ बर्तन की दुकानों पर दिखाई दी। इसके अलावा मालीवाड़ा, तुराबनगर, गांधीनगर, विजयनगर, आंबेडकर, घंटाघर, प्रताप विहार, वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम के बाजारों के अलावा मॉल में भी लोगों की भीड़ दिखाई दी। रसोई से संबंधित उत्पाद लोगों ने ज्यादा खरीदे। इसके अलावा कपड़ों के आउटलेट की तरफ भी ग्राहकों का रुझान दिखा।
सोने से ज्यादा चांदी को दी तवज्जो
सराफा एसोसिएशन गाजियाबाद के संरक्षक राजकिशोर गुप्ता ने बताया कि धनतेरस के दिन 24 कैरेट सोने का रेट 85 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का रेट एक लाख 500 रुपया प्रति किलो दर्ज किया गया। दाम बढ़ने के कारण इस बार पारंपरिक आभूषणों से ज्यादा चांदी और सोने के सिक्के ज्यादा खरीदे गए हैं। इसके अलावा प्राइमा के उपहार स्वरूप फ्रेम की बिक्री ज्यादा हुई है, जिनकी कीमत 2500 रुपये से 2.5 लाख तक है।
धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन केवल शगुन के तौर पर लोगों ने खासतौर पर चांदी को तवज्जो दी। जिले में करीब 150 छोटे-बड़े जूलरी शोरूम हैं, जिनमें तकरीबन 250 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया जा सकता है। सराफा एसोसिएशन के महामंत्री गौरव गर्ग ने कहा कि चांदी के नोट भी इस बार प्रचलन में रहे।
उपहारों की दुकान में आई बहार
इस बार उपहारों के बाजार में खासी रौनक दिखाई दी। इसके अलावा मिठाई, ड्राइफ्रूट्स भी जमकर खरीदे गए। देर शाम तक बाजारों में खरीदारी का सिलसिला चलता रहा। उपहार के तौर पर लोग ड्राइफ्रूट्स के आकर्षक पैक तैयार करवाते हैं। किराना मंडी में कॉरपोरेट गिफ्टिंग का काम तेज रफ्तार से चल रहा है। फूड प्रोफेशनल्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष केसरी कुमार मिश्र बताते हैं कि जिले में लगभग 50 हजार मिठाई की छोटी-बड़ी दुकानें हैं। मिठाई, ड्राइफ्रूट्स और उपहारों को मिलाकर इस बार करीब 100 करोड़ के कारोबार का अनुमान है। दुकानदार अमित कौशिक ने बताया कि डिनरसेट, क्राॅकरी की भी लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। रेडिमेड मिठाई के डिब्बों की शुरुआत 100 रुपये से हो जाती है, जो 1,000 तक की रेंज में बाजार में मौजूद है। वहीं, डिनर सेट 1,000 रुपये से शुरू होकर 5,000 रुपये तक की रेंज में हैं।
ऑनलाइन बाजार का दिखा असर
ई-कॉमर्स कंपनियों का बढ़ते दायरे का सबसे ज्यादा असर इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के बाजार पर पड़ रहा है। गौतमबुद्धनगर-गाजियाबाद इलेक्ट्रॉनिक एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप गर्ग ने बताया कि रिटेल बाजार के ग्राहकों को ऑनलाइन कंपनियों खींच लिया है। उम्मीद थी कि धनतेरस पर अच्छा कारोबार होगा लेकिन पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार 50 से 60 प्रतिशत कारोबार ही हो पाया है। इसकी दूसरी बड़ी वजह इस बार धनतेरस का त्योहार महीने के अंत में पड़ना भी बताया जा रहा है।

लोकल फॉर वोकल का दिखा जलवा
अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कारोबारी संगठनों की तरफ से लगातार घरेलू उत्पादों को तरजीह देने की अपील की जा रही है। इस बार दिवाली पर लोकल फॉर वोकल पर भी खासा जोर दिखा। मध्यमवर्गीय व्यापारियों के चेहरे खिले दिखाई दे रहे हैं। सजावटी सामान से लेकर मिट्टी से बने उत्पादों की खरीदारी में लोगों ने जमकर रुझान दिखाया।
किसका कितना कारोबार होने का अनुमान
सराफा बाजार 250 करोड़
ऑटोमोबाइल बाजार 150 करोड़
मिठाई और उपहार 100 करोड़
बर्तन बाजार 70 से 80 करोड़
सजावट का बाजार 50 करोड़
इलेक्ट्रॉनिक बाजार 50 करोड़
अन्य 100 करोड़
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