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सराहनीय: ट्रैक पर खेल रहे थे चार बच्चे, चंद सेकेंड के फासले पर थी ट्रेन, दरोगा और सिपाही ने दौड़ लगाकर बचाया

Sun, 08 May 2022 11:05 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मसूरी (गाजियाबाद)
संवाद न्यूज एजेंसी, मसूरी (गाजियाबाद) Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 08 May 2022 11:05 PM IST
सार

बच्चों में दो पांच-पांच साल के हैं, एक छह का और एक चार का। चारों बच्चे मसूरी के हैं। सुबह घूमते हुए प्लेटफार्म के पास पहुंच गए थे। डासना रेलवे हाल्ट चौकी प्रभारी कुलदीप पंवार और सिपाही जितेंद्र गश्त पर थे। तभी हापुड़ से गाजियाबाद की तरफ कोयले से लदी मालगाड़ी आ गई। 

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rpf inspector and constable rescued four children playing on railway track in masuri ghaziabad
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : shutterstock

विस्तार

आरपीएफ के दरोगा कुलदीप पंवार और सिपाही जितेंद्र भारद्वाज ने रविवार सुबह दस बजे चार बच्चों की जान बचाने का सराहनीय कार्य किया। ये बच्चे ट्रैक पर कोल्ड ड्रिंक के ढक्कन और पत्थर की गिट्टियां रखकर खेल रहे थे। तभी मालगाड़ी आ गई। बच्चों और मालगाड़ी के बीच का फासला बहुत कम रह गया था। बच्चे खेल में इतने मगन थे कि मालगाड़ी की आवाज को अनसुना कर दिया। यह देख दरोगा और सिपाही चिल्लाई लेकिन बच्चों ने उनकी आवाज पर भी ध्यान नहीं दिया। इस पर दोनों ने दौड़ लगाई और चारों को उठाकर ट्रैक से अलग किया। चंद सेकेंड बाद ही मालगाड़ी उस ट्रैक से गुजरी।

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बच्चों में दो पांच-पांच साल के हैं, एक छह का और एक चार का। चारों बच्चे मसूरी के हैं। सुबह घूमते हुए प्लेटफार्म के पास पहुंच गए थे। डासना रेलवे हाल्ट चौकी प्रभारी कुलदीप पंवार और सिपाही जितेंद्र गश्त पर थे। तभी हापुड़ से गाजियाबाद की तरफ कोयले से लदी मालगाड़ी आ गई। बच्चे उसी ट्रैक पर थे जिस पर गाड़ी आई थी। गाड़ी बच्चों के नजदीक पहुंच गई, लेकिन वे हटे नहीं। कुलदीप और जितेंद्र बच्चों की तरफ ही पैदल जा रहे थे। जब उन्हें लगा कि बच्चे खुद से नहीं हटेंगे तो दोनों ने दौड़ लगाई। दोनों ने एक-एक कर दो-दो बच्चों को उठाया और ट्रैक से दूर किया। अब बच्चों को समझ आया कि वे कितने बड़े खतरे में थे।
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परिजनों ने जताया आभार
दरोगा और सिपाही चारों बच्चों को चौकी पर ले गए। वहां उनके परिजनों को बुलाया। चारों बच्चे मसूरी के हैं। परिजनों को हिदायत दी कि बच्चों को ट्रैक के पास न जाने दें। परिजनों ने बच्चों को कलेजे से लगा लिया और दरोगा, सिपाही का आभार जताया।
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अक्सर आ जाते हैं बच्चे
दरोगा कुलदीप पंवार ने बताया कि कस्बा नजदीक है। वहां से बच्चे अक्सर रेल लाइन पर आ जाते हैं। कई बार बच्चे लाइन पर ही खेलते हैं। ऐसे में खास नजर रखनी पड़ती है। बच्चों को देखते ही वहां से हटाया जाता है। साथ ही चेतावनी दी जाती है कि यहां न खेलें। उनके परिजनों को बुलाकर भी हिदायत दी जाती है।

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