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Ghaziabad News: ऋषभ क्लाउड-9 सोसायटी में दूसरी बार भी जांच में पानी के नमूने फेल
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गाजियाबाद। वैशाली सेक्टर-1 स्थित ऋषभ क्लाउड-9 सोसायटी में दूसरी बार लिए पांच नमूने भी फेल हो गए हैं। इसके पहले सोसायटी से लिए गए 30 नमूनों की जांच रिपोर्ट फेल आई थी। पानी में गंदगी और टीडीएस की मात्र अधिक पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने मेंटेनेंस एजेंसी को नोटिस देने के साथ ही प्रशासन से कार्रवाई की संस्तुति की है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि क्लाउड-9 सोसायटी में पेयजल की व्यवस्था एक निजी एजेंसी देखती है लेकिन पेयजल की शुद्धता के लिए एजेंसी की ओर से कुछ भी नहीं किया गया है। पानी की टंकियां खुली हैं, उनमें बरसात के पानी के साथ गंदगी भी जाती है। यही पानी पाइप लाइन के जरिए सोसायटी के सभी फ्लैटों में जाता है।
जांच में पानी में घातक बैक्टीरिया के साथ टीडीएस की मात्रा बहुत ज्यादा पाई गई है। यह पानी सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। ऐसे दूषित पानी का लगातार सेवन करने से आंत, गुर्दा और दिल संबंधी गंभीर रोग हो सकते हैं। डीएसओ ने बताया कि मेंटेनेंस एजेंसी को पेयजल की गुणवत्ता में सुधार के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। यदि एजेंसी की ओर से सुधार नहीं किए जाते हैं तो फिर प्रशासन और जीडीए के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।
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दो नमूनों से हुई थी शुरुआत
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि शिकायत मिलने पर सोसायटी से पेयजल के दो नमूनों की जांच की गई थी। दोनों नमूने फेल हो गए थे। इसके बाद दूसरी बार लिए गए 28 नमूने फेल हो गए थे। पहले लिए गए नमूनों की जगह दोबारा पांच नमूने लिए गए थे। वह भी जांच में फेल पाए गए हैं। अब तक सोसायटी से लिए पेयजल के सभी 35 सैंपल जांच में फेल पाए जा चुके हैं। सोसायटी को नोटिस जारी किया गया है।
केडब्ल्यूडी सृष्टि में तीसरी बार नमूने हुए थे पास
जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि केडब्ल्यू सृष्टि में 52 नमूने दो बार में फेल हुए थे। नोटिस देने के बाद भी तीसरी बार जांच की गई थी। मेंटेनेंस विभाग की तरफ से डोजियर मशीन लगवाने के साथ ही पानी में क्लोरीनेशन कराया दिया गया था। तीसरी बार में सभी नमूने पास हो गए थे।
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जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि क्लाउड-9 सोसायटी में पेयजल की व्यवस्था एक निजी एजेंसी देखती है लेकिन पेयजल की शुद्धता के लिए एजेंसी की ओर से कुछ भी नहीं किया गया है। पानी की टंकियां खुली हैं, उनमें बरसात के पानी के साथ गंदगी भी जाती है। यही पानी पाइप लाइन के जरिए सोसायटी के सभी फ्लैटों में जाता है।
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जांच में पानी में घातक बैक्टीरिया के साथ टीडीएस की मात्रा बहुत ज्यादा पाई गई है। यह पानी सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। ऐसे दूषित पानी का लगातार सेवन करने से आंत, गुर्दा और दिल संबंधी गंभीर रोग हो सकते हैं। डीएसओ ने बताया कि मेंटेनेंस एजेंसी को पेयजल की गुणवत्ता में सुधार के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। यदि एजेंसी की ओर से सुधार नहीं किए जाते हैं तो फिर प्रशासन और जीडीए के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।
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दो नमूनों से हुई थी शुरुआत
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि शिकायत मिलने पर सोसायटी से पेयजल के दो नमूनों की जांच की गई थी। दोनों नमूने फेल हो गए थे। इसके बाद दूसरी बार लिए गए 28 नमूने फेल हो गए थे। पहले लिए गए नमूनों की जगह दोबारा पांच नमूने लिए गए थे। वह भी जांच में फेल पाए गए हैं। अब तक सोसायटी से लिए पेयजल के सभी 35 सैंपल जांच में फेल पाए जा चुके हैं। सोसायटी को नोटिस जारी किया गया है।
केडब्ल्यूडी सृष्टि में तीसरी बार नमूने हुए थे पास
जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि केडब्ल्यू सृष्टि में 52 नमूने दो बार में फेल हुए थे। नोटिस देने के बाद भी तीसरी बार जांच की गई थी। मेंटेनेंस विभाग की तरफ से डोजियर मशीन लगवाने के साथ ही पानी में क्लोरीनेशन कराया दिया गया था। तीसरी बार में सभी नमूने पास हो गए थे।