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Ghaziabad News: शिप्रा रिवेरा सोसायटी में कुत्तों के आतंक से परेशान निवासियों ने किया प्रदर्शन
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इंदिरापुरम। शिप्रा रिवेरा सोसायटी में लावारिस कुत्तों के आतंक से परेशान निवासियों ने बृहस्पतिवार शाम रैली निकालकर नगर निगम के खिलाफ आक्रोश जताया। आरोप लगाया कि आए दिन लावारिस कुत्ते लोगों को काट रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
निवासी श्रुति ठाकुर ने बताया कि सोसायटी में आए दिन लावारिस कुत्ते बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं। कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, इससे लोगों में भय का माहौल है। बच्चे खेलने के लिए घर के बहार नहीं निकल रहे हैं। इसलिए सोसायटी की महिलाओं और लोगों को एकत्र होकर निगम के खिलाफ सड़क पर आकर प्रर्दशन करना पड़ रहा है। शाम पांच से छह बजे तक प्रर्दशन कर नगर निगम को जगाने का प्रयास किया। एओए पदाधिकारी ने भी प्रदर्शन में शामिल होकरा महिलाओं की समस्याओं को निराकरण कराने की मांग की। लोगों ने कहा कि निगम को कुत्तों के लिए अलग से शेल्टर होम बनाकर उसमें रखना चाहिए। सोसायटी से पकड़ने के बाद कुत्तों को वापस छोड़ दिया जाता है। अब बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। वहीं, सोसायटी के कुत्ता प्रेमी लावारिस कुत्तों को ले जाने का विरोध करते हैं। इसे लेकर कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है। प्रदर्शनकारियों ने निगम से मांग की कि कुत्तों के आतंक से स्थायी रूप से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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निवासी श्रुति ठाकुर ने बताया कि सोसायटी में आए दिन लावारिस कुत्ते बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं। कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, इससे लोगों में भय का माहौल है। बच्चे खेलने के लिए घर के बहार नहीं निकल रहे हैं। इसलिए सोसायटी की महिलाओं और लोगों को एकत्र होकर निगम के खिलाफ सड़क पर आकर प्रर्दशन करना पड़ रहा है। शाम पांच से छह बजे तक प्रर्दशन कर नगर निगम को जगाने का प्रयास किया। एओए पदाधिकारी ने भी प्रदर्शन में शामिल होकरा महिलाओं की समस्याओं को निराकरण कराने की मांग की। लोगों ने कहा कि निगम को कुत्तों के लिए अलग से शेल्टर होम बनाकर उसमें रखना चाहिए। सोसायटी से पकड़ने के बाद कुत्तों को वापस छोड़ दिया जाता है। अब बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। वहीं, सोसायटी के कुत्ता प्रेमी लावारिस कुत्तों को ले जाने का विरोध करते हैं। इसे लेकर कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है। प्रदर्शनकारियों ने निगम से मांग की कि कुत्तों के आतंक से स्थायी रूप से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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