{"_id":"6ad29345cc1f2c60050fd6bd","slug":"residents-kept-complaining-about-the-problems-and-each-time-officials-turned-a-deaf-ear-ghaziabad-news-c-198-1-gbd1023-25506-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: समस्याओं की शिकायत करते रहे निवासी और हर बार अनसुना करते रहे अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: समस्याओं की शिकायत करते रहे निवासी और हर बार अनसुना करते रहे अधिकारी
विज्ञापन
अमर उजाला संवाद-- -
साहिबाबाद। जीटी रोड मुख्य मार्ग पर बसी पांच गलियों की ओमनगर में समस्याओं का अंबार तो है, लेकिन इसका समाधान जिनके हाथ में है, वही कोई संज्ञान नहीं ले रहे। अमर उजाला संवाद में स्थानीय निवासियों का दर्द छलक उठा। पानी न मिलने से लेकर दूषित भूजल और अतिक्रमण से परेशान लोग अपनी शिकायतें कर थक चुके हैं और अब कोई सुनवाई नहीं हो रही।
काॅलोनी की पांच गलियों में 200 से अधिक मकानों में करीब 1100 मतदाता हैं और वह प्रत्येक चुनाव में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं बावजूद इसके उनकी सुनवाई करने कोई जन-प्रतिनिधि भी आगे नहीं आया। स्थानीय निवासी राजीव त्यागी ने कहा कि यहां की सबसे बड़ी समस्या गलियों के मुहाने पर खड़ी गाड़ियां है। इसकी शिकायत वह लोग नगर निगम से लेकर पुलिस प्रशासन तक कर चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल पा रहा। ब्रजवीर सिंह का कहना था कि गलियों के सामने अवैध तौर पर लोगों ने पार्किंग बना डाली है, जब कभी भी इमरजेंसी में गाड़ी लेकर निकलना हो तो काफी समय गली के मुहाने पर खड़ी गाड़ी के मालिक को भी ढूंढने में लग जाता है। शिकायत पर एक-दो बार पीसीआर की टीम यहां पहुंची भी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।
संवाद में शामिल दिवाकर दुबे ने कहा कि क्षेत्र में पानी की भी बड़ी समस्या है। नगर निगम ने लोगों की शिकायत पर एक वर्ष पूर्व पानी की पाइपलाइन बिछा तो लेकिन पानी सप्लाई अभी तक सुचारू नहीं हो सकी। कुछ मकानों में पानी आता भी है तो महज 15 मिनट के लिए और वह भी दूषित रहता है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी राजू शर्मा ने कहा कि राजेंद्र नगर औद्योगिक क्षेत्र, कालोनी के सामने है लेकिन वहां से जुड़े कुछ लोग आवासीय गलियों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं, जिसकी वजह से परेशानी हो रही है।
राहुल शर्मा ने कहा कि उनके घर के बराबर में एक केमिकल का गोदाम है, इसकी वजह से उनके घर की दीवार तक खराब हो रही है,कई बार शिकायत की है लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। उनके घर में लोग आए दिन बीमार रहते हैं और दादी को अस्थमा तक की परेशानी हो गई है। अशोक चौहान ने कहा परेशानी तब और बढ़ जाती है जब शिकायतों के बाद कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारी दर्जनों शिकायत करने के बावजूद यहां झांकने तक नहीं आया। संवाद में सुरेंद्र त्यागी, गंगा दयाल शर्मा व लक्ष्मीकांत शुक्ल सहित कई लोग शामिल रहे और अपनी बात रखी।
विज्ञापन
साहिबाबाद। जीटी रोड मुख्य मार्ग पर बसी पांच गलियों की ओमनगर में समस्याओं का अंबार तो है, लेकिन इसका समाधान जिनके हाथ में है, वही कोई संज्ञान नहीं ले रहे। अमर उजाला संवाद में स्थानीय निवासियों का दर्द छलक उठा। पानी न मिलने से लेकर दूषित भूजल और अतिक्रमण से परेशान लोग अपनी शिकायतें कर थक चुके हैं और अब कोई सुनवाई नहीं हो रही।
काॅलोनी की पांच गलियों में 200 से अधिक मकानों में करीब 1100 मतदाता हैं और वह प्रत्येक चुनाव में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं बावजूद इसके उनकी सुनवाई करने कोई जन-प्रतिनिधि भी आगे नहीं आया। स्थानीय निवासी राजीव त्यागी ने कहा कि यहां की सबसे बड़ी समस्या गलियों के मुहाने पर खड़ी गाड़ियां है। इसकी शिकायत वह लोग नगर निगम से लेकर पुलिस प्रशासन तक कर चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल पा रहा। ब्रजवीर सिंह का कहना था कि गलियों के सामने अवैध तौर पर लोगों ने पार्किंग बना डाली है, जब कभी भी इमरजेंसी में गाड़ी लेकर निकलना हो तो काफी समय गली के मुहाने पर खड़ी गाड़ी के मालिक को भी ढूंढने में लग जाता है। शिकायत पर एक-दो बार पीसीआर की टीम यहां पहुंची भी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।
विज्ञापन
संवाद में शामिल दिवाकर दुबे ने कहा कि क्षेत्र में पानी की भी बड़ी समस्या है। नगर निगम ने लोगों की शिकायत पर एक वर्ष पूर्व पानी की पाइपलाइन बिछा तो लेकिन पानी सप्लाई अभी तक सुचारू नहीं हो सकी। कुछ मकानों में पानी आता भी है तो महज 15 मिनट के लिए और वह भी दूषित रहता है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी राजू शर्मा ने कहा कि राजेंद्र नगर औद्योगिक क्षेत्र, कालोनी के सामने है लेकिन वहां से जुड़े कुछ लोग आवासीय गलियों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं, जिसकी वजह से परेशानी हो रही है।
राहुल शर्मा ने कहा कि उनके घर के बराबर में एक केमिकल का गोदाम है, इसकी वजह से उनके घर की दीवार तक खराब हो रही है,कई बार शिकायत की है लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। उनके घर में लोग आए दिन बीमार रहते हैं और दादी को अस्थमा तक की परेशानी हो गई है। अशोक चौहान ने कहा परेशानी तब और बढ़ जाती है जब शिकायतों के बाद कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारी दर्जनों शिकायत करने के बावजूद यहां झांकने तक नहीं आया। संवाद में सुरेंद्र त्यागी, गंगा दयाल शर्मा व लक्ष्मीकांत शुक्ल सहित कई लोग शामिल रहे और अपनी बात रखी।