कमरा नंबर 302 की कहानी : पीली पर्ची पर लिखा है डॉ. रेणुका की मौत का राज, पापा का मैसेज देख रोज करती थी कॉल
छानबीन के दौरान पुलिस को घटना स्थल से एक पीले रंग की छोटी सी पर्ची बरामद हुई। आमतौर पर ऐसी पर्ची किसी विशेष मुद्दे को रेखांकित करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
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यूपी के मोदीनगर स्थित निवाड़ी मार्ग स्थित डीजे डेंटल कॉलेज के महिला छात्रावास में शनिवार दोपहर रेजिडेंट डॉक्टर रेणुका यादव का शव कमरे में पंखें से लटका मिला। डॉ. रेणुका ने करीब एक माह पूर्व ही एमडीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पड़ताल की। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। पुलिस ने छानबीन के बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
अकेली रहती थी डॉ. रेणुका
हरियाणा के रेवाड़ी स्थित गांव कोसली निवासी रामेश्वर यादव सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक हैं। रामेश्वर ने बताया कि उनकी 26 वर्षीय पुत्री रेणुका यादव ने हरियाणा के सिरसा से बीडीएस किया था। डॉ. रेणुका ने लगभग एक माह पूर्व निवाड़ी स्थित डीजे डेंटल कॉलेज एमडीएस ऑरल सर्जरी में प्रवेश लिया था। डॉ. रेणुका दिव्य ज्योति ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूसंस के महिला छात्रावास के कमरा नंबर 302 में अकेली रहती थी। तीन दिन पूर्व डॉ. रेणुका की तबीयत खराब हुई तो उसने कॉलेज से दो दिन की छुट्टी ले ली।
अंदर देख निकल गई सबकी चींख
शनिवार को उसे कॉलेज जाना था, मगर वह कॉलेज नहीं पहुंची। इसके बाद प्रोफेसर ने रेणुका को कॉल की, लेकिन बात नहीं हो पाई। दोपहर 12 बजे सहपाठी रेणुका के कमरे पर पहुंची तो दरवाजा बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो सहपाठियों ने कॉलेज प्रशासन को मामले की जानकारी दी। इसके बाद वार्डन गीता भटनागर ने भी दरवाजा खुलवाने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। कारपेंटर कृष्ण कुमार को मौके पर बुलाया गया। सहपाठी और वार्डन कमरे में दाखिल हुई तो रेणूका यादव पंखे से फंदे पर लटकी मिली। यह देखकर उनकी चींख निकल गई। सूचना के बाद एसीपी मोदीनगर ज्ञानप्रकाश राय व निवाडी थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से बरामद सुसाइड नोट कब्जे में ले लिया। एसीपी का कहना है कि मामला प्रथमदृष्टया खुदकुशी का लग रहा है।
पीली पर्ची पर लिखा, सॉरी-मम्मी पापा मैंने आपको हमेशा निराश किया
छानबीन के दौरान पुलिस को घटना स्थल से एक पीले रंग की छोटी सी पर्ची बरामद हुई। आमतौर पर ऐसी पर्ची किसी विशेष मुद्दे को रेखांकित करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। पुलिस के अनुसार पीली पर्ची सुसाइड नोट है। डॉ. रेणुका यादव ने अग्रेंजी में लिखे सुसाइड नोट में बेहद भावुक बातें लिखते हुए मम्मी पॉपा को सॉरी बोलते हुए लिखा कि आपने मेरी हर इच्छा पूरी की, मैंने जो मांगा आपने वही दिया। मगर मुझे लगता है कि मैंने हमेशा आपको निराश किया है। मैं इतनी मजबूत नहीं हूं कि मैं कोई तनाव झेल सकूं। इस खुदकुशी की केवल मैं ही जिम्मेदार हूं। पुलिस ने सुसाइड नोट फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
गुड मार्निंग का मैसेज मिलते ही पिता को कॉल करती डॉ. रेणुका
रेणुका यादव के पिता रामेश्वर यादव सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती मध्य प्रदेश के नीमच में चल रही है। माता राजेश कुमारी रेवाड़ी के ही सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। छोटा भाई पीयूष यादव डीयू में स्नातक का छात्र है। पिता रामेश्वर यादव ने बताया कि वह रेणुका को रोजना गुड मॉर्निंग का मैसेज भेजते थे। जैसे ही मैसेज मिलता तो रेणुका तुरंत कॉल कर पापा से बात करती थी। रेणुका ने पापा को बताया कि उसे डायरिया की शिकायत है। इसलिए वह कॉलेज नहीं जा रही है। शुक्रवार को भी तबीतय खराब होने के कारण रेणुका ने उनसे बात नहीं की थी। शनिवार को भी रेणुका ने मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद पिता रामेश्वर को रेणुका के स्वास्थ्य को लेकर चिंता होने लगी।
शुक्रवार शाम सहपाठियों के साथ पॉर्लर गई थी रेणुका
वॉर्डन के अनुसार रेणुका यादव तबीयत खराब होने के कारण दो दिन से कॉलेज नहीं जा रही थी। मगर शुक्रवार शाम वह अपनी कुछ सहपाठियों के साथ बाजार और पॉर्लर गई थी। वॉर्डन ने रात दस बजे की उपस्थिति भी भरी थी। मगर शनिवार सुबह रेणुका के कैमरे का दरवाजा नहीं खुला। मोबाइल पर लगातार कॉल की गई मगर कोई उत्तर नहीं मिला तो अनहोनी की आशंका पैदा हुई।
-ज्ञान प्रकाश राय, एसीपी मोदीनगर।
रेणुका यादव एमडीएस ऑरल सर्जरी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। लगभग एक माह पूर्व ही उसने कॉलेज में प्रवेश लिया था। दो दिन से तबीयत खराब होने के कारण वह कॉलेज नहीं आ रही थी। शनिवार को महिला छात्रावास में रेणुका का शव कमरे में पंखे से लटका मिला। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
-प्रोफेसर डॉ. प्रदीप शुक्ला, प्रधानाचार्य डीजे डेंटल कॉलेज