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Ghaziabad News: मस्जिद, क्लीनिक और काॅल सेंटर में करा रहे थे धर्म परिवर्तन
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गाजियाबाद। युवक-युवतियों का धर्म परिवर्तन कराने के खेल में अब तक तीन खिलाड़ी पकड़ में आए हैं। एक इंजीनियर है, एक डाॅक्टर और एक काॅल सेंटर का कर्मचारी। इनमें जो जहां काम करता था, वहीं पर शिकार की तलाश में रहता था। जो भी शख्स अपने परिवार से नाराज नजर आता, उसी पर फरेब का जाल फेंक देते थे। उसके नजदीकी बढ़ाते, दोस्ती करते और फिर मौका मिलते ही ब्रेन वाश कर डालते। इसके बाद उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाते थे। पुलिस का दावा है कि यह बड़ा नेटवर्क है। इसकी कई कड़ियां जुड़ना अभी बाकी है। जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते है।
1. प्यार का नाटक कर लड़कियों को जाल में फंसाता था राहिल
दिल्ली के संगम विहार काॅलोनी के आई ब्लाॅक में रहने वाले राहिल काॅल सेंटर में अपनी छवि आशिक मिजाज युवक की बना रखी थी। वह साथ में काम करने वाली युवतियों की मदद के बहाने उनसे नजदीकी बनाता था। उनके जन्मदिन पर उन्हें महंगे तोहफे देता था। पहले व्हाट्सएप पर दुआ-सलाम करता था। जो जवाब देने लगे, उससे चैटिंग शुरु कर देता था। इसके बाद फोन पर बातें करता और फिर शादीशुदा होते हुए भी खुद को अविवाहित बताकर प्यार के नाम पर फरेब के जाल में फंसा लेता। धर्म परिवर्तन कराने का अपना यह तरीका उसने पुलिस पूछताछ में बताया है। पुलिस का कहना है कि किसी लड़की से दोस्ती या प्यार हो जाने पर वह उसे उसके धर्म के बारे में बात करता था। इसमें वह उसके धर्म में कमियां बताता था और इस्लाम की खूबियां गिनाता था। इसके लिए जाकिर नाइक और कई मौलानाओं के वीडियो व्हाट्सएप पर साझा करता था। इसी तरह से उसने नोएडा की दो युवतियों को फंसाया। इनमें से नीरू बिष्ट धर्म परिवर्तन कर चुकी थी। दूसरी तैयार हो गई थी लेकिन इससे पहले ही वह पकड़ा गया।
ट्यूशन में छात्रों का ब्रेनवाश कर देता था मोहम्मद मुसीर
दिल्ली की संगम विहार काॅलोनी निवासी मोहम्मद मुसीर पुत्र अली मोहम्मद मस्जिद में गणित का ट्यूशन पढ़ाता था। वह बहुत कम फीस लेता था। इससे उसके पास गरीब परिवार के बच्चे ट्यूशन पढ़ने के लिए आते थे। वह ट्यूशन के बहाने उन्हें इस्लाम के बारे में बताता था। पुलिस ने उससे पूछताछ के बारे में बताया कि इसी तरीके से उसने दिल्ली के ही निवासी अजय का धर्म परिवर्तन कराया था। इससे पहले राहुल अग्रवाल का धर्म परिवर्तन कराकर उसका नाम राहिल रखवाया। राहिल उससे गणित पढ़ने के लिए मस्जिद में आता था। पुलिस का कहना है कि अभी प्रारंभिक पूछताछ में ही कई नाम मिल गए हैं। आशंका है कि मुसीर ने और भी लोगों के धर्म परिवर्तन कराए हैं। उससे ट्यूशन पढ़ने वाले छात्रों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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दिल्ली के तीन युवकों का धर्म परिवर्तन कराया अब्दुल्ला ने
अब्दुल्ला अहमद ने एएमयू से बीडीएस की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली के संगम विहार में दांतों का क्लीनिक खोला। इसमें वह इलाज के साथ धर्म परिवर्तन भी करा रहा था। उसके पास जो मरीज आते, उनमें से ऐसे लोगों की तलाश करता जो धर्म परिवर्तन के लिए राजी हो सकते थे। अमित राठौर और अमृत सिंह ऐसे ही शख्स हैं जिनका धर्म परिवर्तन अब्दुल्ला ने कराया। दोनों उसके परिचित थे। उसके क्लीनिक पर आए। वहीं पर उसने उनका ब्रेन वाश कर दिया। कपिल आनंद उसके साथ क्लीनिक पर काम करता था। उसने उसका भी धर्म परिवर्तन करा दिया। इतना ही नहीं। वह जिन लोगों का धर्म बदलवा देता था, उन्हें और लोगों को इस जाल में फंंसाने के लिए उकसाता भी था। उनसे कहता था कि यह नेक काम में, जितना ज्यादा करोगे, उतनी नेकी तुम्हारे खाते में जुड़ती जाएगी। नेकी से ही जन्नत मिलती है। अब्दुल्ला का भी धर्म परिवर्तन हुआ था। मुसीर ने उसे सौरभ खुराना से अब्दुल्ला बनाया था।
नीरू ने परिजनों से कहा, मैं नमाज पढ़ती हूं, तुम भी पढ़ो
धर्म परिवर्तन के इस मामले में खोड़ा थाने में केस नीरू बिष्ट के परिजनों ने दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे लोग यह देखकर हैरान थे कि बेटी उनसे दूरी बना रही है। वह बहुत कम बातें करने लगी थी। इतना ही नहीं, और भी बदलाव आए थे, वह हिजाब पहनने लगी थी। उन्हें गौर किया तो पता चला कि वह दिन में पांच वक्त सबसे अलग चली जाती है और ऐसे करती है जैसे नमाज पढ़ रही हो। उससे पूछा गया कि वह क्या करती है। पुलिस का कहना है कि उसने बगैर किसी हिचक से कह दिया कि वह इस्लाम कुबूल कर चुकी है। उसने कहा कि वह नमाज पढ़ती है, तुम लोग भी पढ़ा करो। इस पर उन्होंने उसका काॅल सेंटर जाना बंद करा दिया। उसका मोबाइल फोन चेक किया तो पता चला कि उसमें राहिल ने इस्लाम धर्म से जुड़े कई वीडियो भेज रखे हैं। इनमें नमाज पढ़ने का तरीका भी है। इसके बाद वे लोग पुलिस के पास गए।
धोखा खाकर भी नहीं मानी- बोली, राहिल के साथ रहना है
पुलिस का कहना है कि राहिल नीरू को पहली बार राहुल बनकर मिला था। उसने बाद बताया कि वह पहले राहुल था, अब राहिल है। उसने उसे यह नहीं बताया कि उसकी शादी अब्दुल्ला की बहन इकरा से हो चुकी है। जब उसे लगा कि नीरू उसके फरेब के जाल में फंस चुकी है, तब उससे कहा कि वह उससे शादी करना चाहता है। नीरू इसके लिए राजी नहीं हो रही थी। इस पर उसने उसे ऑनलाइन निकाह के लिए राजी किया। इसके बाद कहने लगा कि इस्लाम में ऑनलाइन निकाह मान्य नहीं है। इस पर नीरू ने कुछ दिन इंतजार के लिए कहा तो राहिल ने फर्जी कहानी बना दी। बोला, उसके परिवार वाले उस पर निकाह के लिए दबाव डाल रहे हैं, वे लड़की पसंद कर चुके हैं। लड़की के नाम पर उसे अपनी पत्नी इकरा का फोटो भेज दिया। पुलिस ने बताया कि इन सब बातों का पता चल जाने पर भी नीरू यही कह रही है कि उसे राहिल के साथ रहना है।
ऐसे फंसाते थे जाल में
1. धर्म परिवर्तन कराने के लिए ऐसे लोगों को चुनते थे जो परिवार से भावनात्मक रूप से नहीं जुड़े होते थे या नाराज रहते थे।
2. ऐसे लोगों से भावनात्मक रूप से जुड़ जाते थे और खुद को भी उनकी तरह दुखी या परिवार से प्यार न पाने वाला बताते थे।
3. बातों-बातों मे उनके धर्म की आलोचना करते थे और अपने धर्म इस्लाम की खूबियां बताते थे।
4. इस्लाम को सबसे बेहतर धर्म बताकर मानसिक रूप से धर्म परिवर्तन के लिए तैयार करते थे।
5. जो भी गिरोह के सदस्य की बातों में फंस जाता, उसका धर्म परिवर्तन करा देते थे।
( जैसा पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बताया )
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1. प्यार का नाटक कर लड़कियों को जाल में फंसाता था राहिल
दिल्ली के संगम विहार काॅलोनी के आई ब्लाॅक में रहने वाले राहिल काॅल सेंटर में अपनी छवि आशिक मिजाज युवक की बना रखी थी। वह साथ में काम करने वाली युवतियों की मदद के बहाने उनसे नजदीकी बनाता था। उनके जन्मदिन पर उन्हें महंगे तोहफे देता था। पहले व्हाट्सएप पर दुआ-सलाम करता था। जो जवाब देने लगे, उससे चैटिंग शुरु कर देता था। इसके बाद फोन पर बातें करता और फिर शादीशुदा होते हुए भी खुद को अविवाहित बताकर प्यार के नाम पर फरेब के जाल में फंसा लेता। धर्म परिवर्तन कराने का अपना यह तरीका उसने पुलिस पूछताछ में बताया है। पुलिस का कहना है कि किसी लड़की से दोस्ती या प्यार हो जाने पर वह उसे उसके धर्म के बारे में बात करता था। इसमें वह उसके धर्म में कमियां बताता था और इस्लाम की खूबियां गिनाता था। इसके लिए जाकिर नाइक और कई मौलानाओं के वीडियो व्हाट्सएप पर साझा करता था। इसी तरह से उसने नोएडा की दो युवतियों को फंसाया। इनमें से नीरू बिष्ट धर्म परिवर्तन कर चुकी थी। दूसरी तैयार हो गई थी लेकिन इससे पहले ही वह पकड़ा गया।
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ट्यूशन में छात्रों का ब्रेनवाश कर देता था मोहम्मद मुसीर
दिल्ली की संगम विहार काॅलोनी निवासी मोहम्मद मुसीर पुत्र अली मोहम्मद मस्जिद में गणित का ट्यूशन पढ़ाता था। वह बहुत कम फीस लेता था। इससे उसके पास गरीब परिवार के बच्चे ट्यूशन पढ़ने के लिए आते थे। वह ट्यूशन के बहाने उन्हें इस्लाम के बारे में बताता था। पुलिस ने उससे पूछताछ के बारे में बताया कि इसी तरीके से उसने दिल्ली के ही निवासी अजय का धर्म परिवर्तन कराया था। इससे पहले राहुल अग्रवाल का धर्म परिवर्तन कराकर उसका नाम राहिल रखवाया। राहिल उससे गणित पढ़ने के लिए मस्जिद में आता था। पुलिस का कहना है कि अभी प्रारंभिक पूछताछ में ही कई नाम मिल गए हैं। आशंका है कि मुसीर ने और भी लोगों के धर्म परिवर्तन कराए हैं। उससे ट्यूशन पढ़ने वाले छात्रों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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दिल्ली के तीन युवकों का धर्म परिवर्तन कराया अब्दुल्ला ने
अब्दुल्ला अहमद ने एएमयू से बीडीएस की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली के संगम विहार में दांतों का क्लीनिक खोला। इसमें वह इलाज के साथ धर्म परिवर्तन भी करा रहा था। उसके पास जो मरीज आते, उनमें से ऐसे लोगों की तलाश करता जो धर्म परिवर्तन के लिए राजी हो सकते थे। अमित राठौर और अमृत सिंह ऐसे ही शख्स हैं जिनका धर्म परिवर्तन अब्दुल्ला ने कराया। दोनों उसके परिचित थे। उसके क्लीनिक पर आए। वहीं पर उसने उनका ब्रेन वाश कर दिया। कपिल आनंद उसके साथ क्लीनिक पर काम करता था। उसने उसका भी धर्म परिवर्तन करा दिया। इतना ही नहीं। वह जिन लोगों का धर्म बदलवा देता था, उन्हें और लोगों को इस जाल में फंंसाने के लिए उकसाता भी था। उनसे कहता था कि यह नेक काम में, जितना ज्यादा करोगे, उतनी नेकी तुम्हारे खाते में जुड़ती जाएगी। नेकी से ही जन्नत मिलती है। अब्दुल्ला का भी धर्म परिवर्तन हुआ था। मुसीर ने उसे सौरभ खुराना से अब्दुल्ला बनाया था।
नीरू ने परिजनों से कहा, मैं नमाज पढ़ती हूं, तुम भी पढ़ो
धर्म परिवर्तन के इस मामले में खोड़ा थाने में केस नीरू बिष्ट के परिजनों ने दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे लोग यह देखकर हैरान थे कि बेटी उनसे दूरी बना रही है। वह बहुत कम बातें करने लगी थी। इतना ही नहीं, और भी बदलाव आए थे, वह हिजाब पहनने लगी थी। उन्हें गौर किया तो पता चला कि वह दिन में पांच वक्त सबसे अलग चली जाती है और ऐसे करती है जैसे नमाज पढ़ रही हो। उससे पूछा गया कि वह क्या करती है। पुलिस का कहना है कि उसने बगैर किसी हिचक से कह दिया कि वह इस्लाम कुबूल कर चुकी है। उसने कहा कि वह नमाज पढ़ती है, तुम लोग भी पढ़ा करो। इस पर उन्होंने उसका काॅल सेंटर जाना बंद करा दिया। उसका मोबाइल फोन चेक किया तो पता चला कि उसमें राहिल ने इस्लाम धर्म से जुड़े कई वीडियो भेज रखे हैं। इनमें नमाज पढ़ने का तरीका भी है। इसके बाद वे लोग पुलिस के पास गए।
धोखा खाकर भी नहीं मानी- बोली, राहिल के साथ रहना है
पुलिस का कहना है कि राहिल नीरू को पहली बार राहुल बनकर मिला था। उसने बाद बताया कि वह पहले राहुल था, अब राहिल है। उसने उसे यह नहीं बताया कि उसकी शादी अब्दुल्ला की बहन इकरा से हो चुकी है। जब उसे लगा कि नीरू उसके फरेब के जाल में फंस चुकी है, तब उससे कहा कि वह उससे शादी करना चाहता है। नीरू इसके लिए राजी नहीं हो रही थी। इस पर उसने उसे ऑनलाइन निकाह के लिए राजी किया। इसके बाद कहने लगा कि इस्लाम में ऑनलाइन निकाह मान्य नहीं है। इस पर नीरू ने कुछ दिन इंतजार के लिए कहा तो राहिल ने फर्जी कहानी बना दी। बोला, उसके परिवार वाले उस पर निकाह के लिए दबाव डाल रहे हैं, वे लड़की पसंद कर चुके हैं। लड़की के नाम पर उसे अपनी पत्नी इकरा का फोटो भेज दिया। पुलिस ने बताया कि इन सब बातों का पता चल जाने पर भी नीरू यही कह रही है कि उसे राहिल के साथ रहना है।
ऐसे फंसाते थे जाल में
1. धर्म परिवर्तन कराने के लिए ऐसे लोगों को चुनते थे जो परिवार से भावनात्मक रूप से नहीं जुड़े होते थे या नाराज रहते थे।
2. ऐसे लोगों से भावनात्मक रूप से जुड़ जाते थे और खुद को भी उनकी तरह दुखी या परिवार से प्यार न पाने वाला बताते थे।
3. बातों-बातों मे उनके धर्म की आलोचना करते थे और अपने धर्म इस्लाम की खूबियां बताते थे।
4. इस्लाम को सबसे बेहतर धर्म बताकर मानसिक रूप से धर्म परिवर्तन के लिए तैयार करते थे।
5. जो भी गिरोह के सदस्य की बातों में फंस जाता, उसका धर्म परिवर्तन करा देते थे।
( जैसा पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बताया )