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Ghaziabad News: परिजनों ने देखा घटनास्थल, पुलिस के कब्जे में फोन आयुष का इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट
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साहिबाबाद। फाइनेंसर दीक्षित पाल की हत्या में सोमवार को परिजनों ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश पी. कुमार से मुलाकात की। उन्होंने नामजद आरोपियों से दोबारा पूछताछ की, आयुष के परिजनों की तलाशी और सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की। बाद में पिता राजकुमार, भाई मंजीत और अमित पाल ने डीसीपी, एसीपी के साथ आयुष का घर देखा। पुलिस ने तीनों को वहां घटनाक्रम बताया। इस बीच मंजीत ने आयुष के फोन से उसका इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट होने पर सवाल खड़ा किया। निष्पक्ष जांच नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। पुलिस ने उन्हें जांच के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भाई मंजीत ने बताया कि सुबह में परिवार के लोग एकत्रित होकर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कार्यालय गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि साहिबाबाद पुलिस ने नामजद विशाल, विक्की, हिमांशु बैसला को एक बार पूछताछ में ही क्लीन चिट दे दी। उनकी सीडीआर से लोकेशन ट्रेस करने के अलावा पुराने विवाद पर सख्ती से पूछताछ नहीं हुई। साहिबाबाद पुलिस गंभीर प्रकरण में लापरवाही बरत रही है। सिर्फ इतना ही नहीं, पुलिस ने घटनास्थल पर सभी सीसीटीवी फुटेज चेक नहीं की। सबसे महत्वपूर्ण है कि पुलिस आयुष के परिजनों को तलाशने में लगातार लापरवाही बरत रही है। अभी तक उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई। मंजीत के मुताबिक, पुलिस उनसे पूछताछ के बिना ही सिर्फ आयुष के ही घटना में शामिल होने की बात कह रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर एक घर में हत्या होने के बाद परिवार के लोगों ने घटना नहीं देखी होगी क्या? बेसबॉल के बल्ले हमले की आवाज को परिजनों ने नहीं सुना होगा? फिर दीक्षित के शव को बोरे में भरने के बाद स्कूटी से ले जाने की घटना परिजनों ने नहीं देखी होगी? अभी तक पुलिस इनकी लोकेशन ट्रेस क्यों नहीं कर पाई? ऐसे कई सवाल का जवाब दीक्षित के परिजनों को नहीं मिला। पुलिस आयुक्त ने तत्काल डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन को फोन कर सभी मुद्दों पर स्थिति साफ करने के लिए भेजा दिया। दोपहर में परिजन और डीसीपी, एसीपी, कोतवाली निरीक्षक, चौकी प्रभारी आयुष के घर पहुंचे। वहां अधिकारियों ने मुख्य गेट पर लगे ताले को दिखाया और कहा कि घटना के बाद से परिजन भागे हैं। उनकी तलाश हो रही है।
दावा: पुलिस के पास आयुष का फोन, तीन दिन बाद डिलीट हुआ इंस्टाग्राम अकाउंट:
मंजीत का दावा है कि 17 अगस्त को भाई दीक्षित की हत्या होने के बाद उन्होंने पौने 11 बजे आयुष का इंस्टाग्राम अकाउंट देखा था। उससे पहले ही पुलिस ने हिंडन चौकी पर उसका फोन कब्जे में लेकर पूछताछ की थी। उन्होंने सोमवार को उसका अकाउंट चेक किया तो उस पर सभी पोस्ट और फोटो व वीडियो डिलीट हो चुकी थीं। उनका कहना है कि आयुष भाई दीक्षित से फोन लेने के बाद हर वीडियो अपने अकाउंट पर डालता था। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि गंभीर प्रकरण में पुलिस के पास फोन होने के बावजूद आयुष का इंस्टाग्राम अकाउंट कैसे डिलीट हो गया। उन्होंने मामले में सबूत मिटाने की आशंका जाहिर की है।
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डीसीपी शुभम पटेल ने बताया कि अतिरिक्त सीपी से मिलने के बाद परिजनों को घटनास्थल दिखाया गया। उन्हें पूरी घटना और जांच के बारे में बताया। इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट होने की बात सामने नहीं आई है। इसकी जांच कराई जाएगी।
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भाई मंजीत ने बताया कि सुबह में परिवार के लोग एकत्रित होकर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कार्यालय गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि साहिबाबाद पुलिस ने नामजद विशाल, विक्की, हिमांशु बैसला को एक बार पूछताछ में ही क्लीन चिट दे दी। उनकी सीडीआर से लोकेशन ट्रेस करने के अलावा पुराने विवाद पर सख्ती से पूछताछ नहीं हुई। साहिबाबाद पुलिस गंभीर प्रकरण में लापरवाही बरत रही है। सिर्फ इतना ही नहीं, पुलिस ने घटनास्थल पर सभी सीसीटीवी फुटेज चेक नहीं की। सबसे महत्वपूर्ण है कि पुलिस आयुष के परिजनों को तलाशने में लगातार लापरवाही बरत रही है। अभी तक उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई। मंजीत के मुताबिक, पुलिस उनसे पूछताछ के बिना ही सिर्फ आयुष के ही घटना में शामिल होने की बात कह रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर एक घर में हत्या होने के बाद परिवार के लोगों ने घटना नहीं देखी होगी क्या? बेसबॉल के बल्ले हमले की आवाज को परिजनों ने नहीं सुना होगा? फिर दीक्षित के शव को बोरे में भरने के बाद स्कूटी से ले जाने की घटना परिजनों ने नहीं देखी होगी? अभी तक पुलिस इनकी लोकेशन ट्रेस क्यों नहीं कर पाई? ऐसे कई सवाल का जवाब दीक्षित के परिजनों को नहीं मिला। पुलिस आयुक्त ने तत्काल डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन को फोन कर सभी मुद्दों पर स्थिति साफ करने के लिए भेजा दिया। दोपहर में परिजन और डीसीपी, एसीपी, कोतवाली निरीक्षक, चौकी प्रभारी आयुष के घर पहुंचे। वहां अधिकारियों ने मुख्य गेट पर लगे ताले को दिखाया और कहा कि घटना के बाद से परिजन भागे हैं। उनकी तलाश हो रही है।
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दावा: पुलिस के पास आयुष का फोन, तीन दिन बाद डिलीट हुआ इंस्टाग्राम अकाउंट:
मंजीत का दावा है कि 17 अगस्त को भाई दीक्षित की हत्या होने के बाद उन्होंने पौने 11 बजे आयुष का इंस्टाग्राम अकाउंट देखा था। उससे पहले ही पुलिस ने हिंडन चौकी पर उसका फोन कब्जे में लेकर पूछताछ की थी। उन्होंने सोमवार को उसका अकाउंट चेक किया तो उस पर सभी पोस्ट और फोटो व वीडियो डिलीट हो चुकी थीं। उनका कहना है कि आयुष भाई दीक्षित से फोन लेने के बाद हर वीडियो अपने अकाउंट पर डालता था। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि गंभीर प्रकरण में पुलिस के पास फोन होने के बावजूद आयुष का इंस्टाग्राम अकाउंट कैसे डिलीट हो गया। उन्होंने मामले में सबूत मिटाने की आशंका जाहिर की है।
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डीसीपी शुभम पटेल ने बताया कि अतिरिक्त सीपी से मिलने के बाद परिजनों को घटनास्थल दिखाया गया। उन्हें पूरी घटना और जांच के बारे में बताया। इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट होने की बात सामने नहीं आई है। इसकी जांच कराई जाएगी।