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झूठी निकली बेटी से दुष्कर्म की रिपोर्ट, मां पर लगाया जुर्माना, आरोपी को कोर्ट ने किया बरी
Sun, 31 Jan 2021 12:06 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sun, 31 Jan 2021 12:06 PM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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लोनी थाना क्षेत्र में बेटी से दुष्कर्म होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाली मां पर पॉक्सो कोर्ट ने बीस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव ने आदेश दिया है कि जुर्माने की आधी धनराशि पीड़ित युवक को दी जाए। दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पीड़ित युवक 45 दिन तक जेल में बंद था। जुर्माना नहीं देने पर महिला को 15 दिन का साधारण कारावास भुगतने का आदेश कोर्ट ने दिया है। दुष्कर्म के आरोपी युवक को अदालत ने बरी कर दिया।
विशेष पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि लोनी बॉर्डर क्षेत्र स्थित एक मकान में महिला अपने परिवार के साथ किराए पर रहती थी। उसी मकान में रजत भी किराए पर रहता था। छह अक्तूबर 2020 को महिला ने रजत पर आरोप लगाया कि रात में रजत ने उसकी बेटी से दुष्कर्म किया। महिला की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने रजत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में वह 45 दिन जेल में बंद रहा, उसके बाद जमानत मिली थी।
मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में चली। शनिवार को मामले की अंतिम सुनवाई पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव की कोर्ट में चली। न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर दुष्कर्म की घटना को झूठा पाया। इस आधार पर कोर्ट ने रजत को बरी कर दिया। वहीं दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया।
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विशेष पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि लोनी बॉर्डर क्षेत्र स्थित एक मकान में महिला अपने परिवार के साथ किराए पर रहती थी। उसी मकान में रजत भी किराए पर रहता था। छह अक्तूबर 2020 को महिला ने रजत पर आरोप लगाया कि रात में रजत ने उसकी बेटी से दुष्कर्म किया। महिला की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने रजत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में वह 45 दिन जेल में बंद रहा, उसके बाद जमानत मिली थी।
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मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में चली। शनिवार को मामले की अंतिम सुनवाई पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव की कोर्ट में चली। न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान साक्ष्यों के आधार पर दुष्कर्म की घटना को झूठा पाया। इस आधार पर कोर्ट ने रजत को बरी कर दिया। वहीं दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया।
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