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किसान आंदोलन: राकेश टिकैत बोले- सरकार सबसे पहले प्रदर्शन कर रहे किसानों को लगाए कोरोना की वैक्सीन
Sat, 09 Jan 2021 12:21 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 09 Jan 2021 12:21 PM IST
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राकेश टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर देश के कई राज्यों के किसान दिल्ली के सीमाओं पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। 45 दिनों से लगातार आंदोलन को जारी रखे हुए हैं। दिल्ली, यूपी और हरियाणा के बॉर्डर पर किसान डटे हुए हैं। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार सबसे पहले हमें कोरोना की वैक्सीन लगाए।
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उन्होंने कहा कि अगर सु्प्रीम कोर्ट को लगता है कि किसान आंदोलन से कोरोना ज्यादा फैल सकता है तो सरकार सबसे पहले हमें टीका लगाए। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि किसान आंदोलन को अन्य किसी भी मामले से जोड़ना ठीक नहीं है। राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन को कई मामलों से जोड़ा जा रहा है, लेकिन किसान अपनी फसल और खेती बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। यह आंदोलन तभी समाप्त होगा, जब कृषि कानूनों को वापस ले लिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि ठंड में बीमार होकर या अन्य कारणों से आंदोलन कर रहे किसानों की मौत हो रही है तो इसके लिए कोई ओर नहीं, बल्कि सरकार जिम्मेदार है। सरकार को तुरंत इन कानूनों को वापस लेना चाहिए।
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बता दें कि किसान आंदोलन में कोरोना के हालात के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को चिंता जताई थी। अदालत ने केंद्र से पूछा था कि क्या किसान आंदोलन में कोरोना के नियमों का पालन किया जा सकता है। सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे ने कहा कि हमें नहीं पता कि किसान कोरोना से सुरक्षित हैं या नहीं। यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो तब्लीगी जमात की तरह दिक्कत हो सकती है।
अदालत ने यह बातें निजामुद्दीन स्थित मरकज केस और कोविड लॉकडाउन के दौरान भीड़ इकट्ठा करने की इजाजत देने को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कही थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि सरकार ने निजामुद्दीन मरकज में विदेशी प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति देकर लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया था।