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राकेश टिकैत का एलान: आंदोलन को तेज करने के लिए पांच सितंबर को करेंगे बड़ी पंचायत, नहीं लड़ेंगे चुनाव, देंगे वोट की चोट
Mon, 12 Jul 2021 06:22 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Mon, 12 Jul 2021 06:22 PM IST
सार
पंचायत में आंदोलन के लिए आगे की रणनीति बनाई जाएगी। राकेश टिकैत ने अटकलों पर विराम लगाते हुए एक बार फिर कहा कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन वोट की चोट देंगे।
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राकेश टिकैत व अन्य किसान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सोमवार को बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को और तेज करने के लिए पांच सितंबर को एक बड़ी पंचायत करेंगे।
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पंचायत में आंदोलन के लिए आगे की रणनीति बनाई जाएगी। राकेश टिकैत ने अटकलों पर विराम लगाते हुए एक बार फिर कहा कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन वोट की चोट देंगे। गौरतलब है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर महीने से किसानों का प्रदर्शन जारी है।
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उधर, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) किसानों की आवाज संसद में उठाने के लिए 17 जुलाई तक विपक्षी दलों को चेतावनी पत्र भेजेगा। एसकेएम ने कहा कि हर दिन मानसून सत्र के अंत तक, प्रत्येक किसान संगठन के 5 सदस्य, कुल मिलाकर कम से कम 200 किसान संसद के बाहर विरोध करेंगे।
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Samyukta Kisan Morcha (SKM) will send warning letter to opposition parties by July 17 to raise their voice in Parliament for farmers. Every day during monsoon session till its end,5 members from each farmers’ org, at least 200 farmers in total will protest outside Parliament: SKM
— ANI (@ANI) July 12, 2021
वहीं, इससे पहले किसान नेता राकेश टिकैत की यूएन जाने वाली बात को लेकर विवाद हो गया था, हालांकि राकेश टिकैत ने इस बयान पर सफाई दे दी। उन्होंने कहा है कि मैंने ये नहीं कहा था कि कृषि कानूनों को लेकर यूएन (संयुक्त राष्ट्र) जाएंगे। हमने कहा था कि 26 जनवरी की घटना की निष्पक्ष जांच हो जाए। अगर यहां की एजेंसी जांच नहीं कर रही है तो क्या हम यूएन में जाएं?
गलतफहमी में है भाजपा
राकेश टिकैत ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा गलतफहमी में है कि यह उसकी सरकार है। वोट मांगते समय कहा कि अबकी बार, मोदी सरकार। लेकिन भाजपा यह नहीं समझ रही है कि यह उनकी नहीं मोदी सरकार है। उन्होंने कब्जा कर लिया है, इनके बड़े नेताओं को घर बिठा रखा है, जिन्होंने पार्टी बनाई वह घरों में कैद हैं, कोई बयान भी नहीं देता। इन्होंने पूरे देश और सिस्टम पर कब्जा कर लिया है, अघोषित इमरजेंसी लगी हुई है। आधा देश बिक चुका है, आधा तीन साल में बिक जाएगा। देश की जनता को अब खड़ा होना चाहिए। यूपी के जिला परिषद चुनाव में नंगा नाच हुआ। अब जो कहीं से भी जीता हो, उसे भाजपा में शामिल करवा रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार कान खोल कर सुन ले, चार लाख ट्रैक्टर दिल्ली गए थे। वे अफगानिस्तान के नहीं थे, सारे हिंदुस्तान के ही थे। अगर जरूरत पड़ी तो किसान फिर दिल्ली जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार बातचीत करना चाहती है तो हम तैयार हैं। 22 तारीख से हमारा दिल्ली जाने का कार्यक्रम रहेगा। 22 जुलाई से संसद सत्र शुरू होगा। हमारे 200 लोग संसद के पास धरना देने जाएंगे।