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Ghaziabad News: बिना सहमति मीटर लगाने पर उठे सवाल, जेई पर धमकी देने का आरोप

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 15 Aug 2026 01:11 AM IST
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Questions raised over meter installation without consent; JE accused of issuing threats.
साहिबाबाद। टीएचए की बहुमंजिला आवासीय सोसायटियों में उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड मीटर लगाए जाने की तैयारी पर विवाद खड़ा हो गया है। सोसायटी निवासियों ने ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अधिशासी अभियंता, विद्युत नगरीय वितरण खंड-2, वसुंधरा को पत्र भेजकर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मीटर लगाने का विरोध करने पर जेई की तरफ से कथित रूप से मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देने के मामले में विभागीय जांच की मांग की है।
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सोसायटी निवासी अमित किशोर ने बताया कि अधिशासी अभियंता की ओर से 10 अगस्त को जारी पत्र में बहुमंजिला आवासीय सोसायटियों में पहले से लगे मीटरों के स्थान पर ऑनलाइन प्रीपेड मीटर लगाने के लिए सोसायटी अध्यक्षों, निवासियों और प्रबंधकों से सहयोग मांगा गया है। पत्र में संबंधित एजेंसी की तरफ से 18 अगस्त से मीटर लगाने का कार्य शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। अमित किशोर का कहना है कि यदि मीटर बदलने से पहले विभाग को उपभोक्ताओं को पहले इसकी पूरी जानकारी देकर प्रत्येक उपभोक्ता की स्वैच्छिक और स्पष्ट सहमति लेनी चाहिए। सोसायटी निवासी नरेश वर्मा का कहना है कि फेज-2 में पहले से ही स्मार्ट मीटर लगे हैं। विद्युत वितरण कंपनी का इन पोस्टपेड स्मार्ट मीटर को बदलकर प्रीपेड में बदलने का प्रयास करना अनुचित है।
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बिलिंग और रिचार्ज की जानकारी देने की मांग
सोसायटी निवासियों का कहना है कि प्रीपेड मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं को बिलिंग व्यवस्था, रिचार्ज प्रक्रिया और पुराने मीटर में मौजूद अवशेष राशि के समायोजन समेत सभी नियमों की जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह स्मार्ट मीटर तकनीक के विरोध में नहीं हैं, लेकिन उपभोक्ताओं के अधिकारों और सहमति की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने मुख्यमंत्री, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से भी एक्स के माध्यम से हस्तक्षेप कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता अमित कुमार का कहना है कि जेई पर लगे सभी आरोप निराधार हैं। वहीं, कोई स्मार्ट मीटर सोसायटियों में नहीं लगाया जा रहा है। जिन सोसायटी में पुराने की-पैड (टोकन आधारित प्रीपेड मीटर) लगाए हुए थे। उनके आधार पर डीआर मीटर लगाए जा रहे हैं। जिन सोसायटी में पत्र भेजा गया है। उसमें भी स्पष्ट लिखा हुआ है कि कोई स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जा रहे हैं।
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