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प्रापर्टी के लिए पिता की हत्या, पत्नी-बेटे समेत चार गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 04 Jun 2016 12:48 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पीसीओ बूथ संचालक चौहल सिंह (53) की हत्या के मामले का मसूरी पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। हत्या प्रापर्टी के लिए उसके बेटे ने ममेरे भाई के साथ मिलकर की थी। इसकी प्लानिंग बीएसएफ से रिटायर्ड फौजी ने की थी, जिसके मृतक की पत्नी से अवैध संबंध थे। आरोपी पत्नी (50), उसके बेटे, भांजे और रिटायर्ड फौजी (50) को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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एसओ मसूरी हरिदयाल यादव ने बताया कि संजयनगर निवासी चौहल सिंह बुलंदशहर के बुढ़ाना गांव का रहने वाला था। उसे तीन साल से लकवा की बीमारी थी। वह हापुड़ चुंगी पर पीसीओ बूथ चलाता था। उसका बेटा रवींद्र उर्फ जॉनी नोएडा स्थित गलगोटिया स्कूल में बस चालक है।
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छोटा बेटा विपिन दिल्ली में प्राइवेट ठेकेदार है और परिवार से अलग रहता है। रवींद्र का ममेरा भाई संजय भी नोएडा में प्राइवेट बस चलाता है। उसके माध्यम से रवींद्र की मुलाकात दो साल पहले नोएडा सेक्टर 12 निवासी बीएसएफ से रिटायर्ड शिवराम से हुई थी।
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रवींद्र से दोस्ती होने पर शिवराम उसके घर आने जाने लगा। इस दौरान उसकी मां पुष्पा देवी से शिवराम के अवैध संबंध बन गए। इसकी जानकारी रवींद्र को भी थी, मगर वह विरोध जताने के बजाय मां को सपोर्ट करता था। रिटायर्ड फौजी को डैडी बोलता था।
अप्रैल में पत्नी को रिटायर्ड फौजी के साथ घर में आपत्तिजनक हालत में देख चौहल सिंह ने विरोध जताया तो तीनों ने उसकी पिटाई की। इसकी शिकायत चौहल सिंह ने अपने भाई सुनील से की तो वह आकर उसे अपने घर बुलंदशहर ले गए। सुनील सीआईएसएफ में कांस्टेबल हैं और दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर कार्यरत हैं।
रिटायर्ड फौजी ने रवींद्र को यह कहकर उकसाया कि ‘तेरा चाचा तेरे हिस्से की साढे़ चार बीघे जमीन और संजयनगर स्थित मकान हड़प लेगा। चौहल अपनी संपत्ति भाई के नाम ट्रांसफर कर देगा। इसलिए उसकी हत्या कर दो। इसके बाद तुम्हारी शादी मैं करा दूंगा।’ रवींद्र ममेरे भाई संजय के माध्यम से पिता को बुलंदशहर से संजयनगर ले आया।
21 मई की शाम को संजय और रवींद्र ने घर में बैठकर शराब पी और रात साढे़ 12 बजे थपकी से पीट पीटकर चौहल को मार डाला। शव को बस में डालकर वह रात 1 बजे आकाश नगर में डासना पुलिस चौकी के पास गड्ढे़ में फेंक गए।
जयपाल को फंसाने की थी साजिश:
आरोपियों का प्लान था कि आकाशनगर में चौहल सिंह का दोस्त जयपाल रहता है, जिस पर चौहल के 15 हजार रुपये उधार थे। शक होने पर वह जयपाल को मर्डर के आरोप में फंसा देंगे। 22 मई को राहगीर की सूचना पर शव मिला तो पुलिस ने प्रथम दृष्टया सड़क हादसे में मौत मानकर शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सुनील ने जताया था भतीजे और अन्य पर हत्या का शक:
सुनील 23 मई को चौहल से मिलने के लिए संजयनगर आए तो आरोपियों ने उसके गायब होने की जानकारी दी। सुनील और चौहल का बेटा विपिन उनकी तलाश में जुट गए। 25 मई को एक सूचना पर मोर्चरी पर जाकर उन्होंने शव की पहचान की। इसके बाद सुनील ने चौहल के हत्या का शक आरोपियों पर जताया और मसूरी पुलिस से शिकायत की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी पता चला कि चौहल की हत्या की गई है, तो पुलिस हरकत में आई। आरोपियों के लोकेशन की जांच की गई तो वह घटनास्थल के पास थी। पुलिस ने उन पर शिकंजा कस दिया, वह देर रात शहर से भागने की प्लानिंग कर रहे थे।
चारों को लालकुआं बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया और इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त थपकी, घर से शराब की बोतलें बरामद की। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल लिया, पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया है।