{"_id":"6a95d74d2098c43b3f09a52c","slug":"problems-arising-from-taking-antibiotics-for-common-fever-ghaziabad-news-c-30-gbd1037-966364-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: सामान्य बुखार में एंटीबायोटिक लेने से हो रही परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: सामान्य बुखार में एंटीबायोटिक लेने से हो रही परेशानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद। मौसम में बदलाव और वायरल संक्रमण के बीच बुखार होने पर कई लोग डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक लेने से लोगों की सेहत पर गलत असर पड़ रहा है। बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेने से दस्त, उल्टी, एलर्जी, त्वचा पर रैश और पेट से जुड़ी दूसरी परेशानियां हो रही हैं। एमएमजी अस्पताल में रोजाना 35 से 40 ऐसे मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक सामान्य वायरल बुखार में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। अधिकांश मामलों में आराम, पर्याप्त पानी और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार लक्षणों की दवा से मरीज कुछ दिनों में ठीक हो जाता है।
बैक्टीरिया उस दवा के प्रति हो सकते हैं प्रतिरोधी एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा ने कहा कि बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेने से दस्त, उल्टी, एलर्जी, त्वचा पर रैश और पेट से जुड़ी दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। सबसे बड़ी चिंता एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की है। बार-बार गलत तरीके से दवा लेने पर बैक्टीरिया उस दवा के प्रति प्रतिरोधी हो सकते हैं और भविष्य में जरूरत पड़ने पर सामान्य एंटीबायोटिक प्रभावी नहीं रहती। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार गलत और जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को बढ़ाता है, जिससे संक्रमण का इलाज कठिन हो सकता है।
वायरल बुखार में एंटीबायोटिक का कोई लाभ नहीं क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट डॉ. अरविंद डोगरा ने बताया कि सामान्य वायरल बुखार में एंटीबायोटिक का कोई लाभ नहीं होता, क्योंकि यह वायरस पर असर नहीं करती। आमतौर पर तीन से पांच दिन में वायरल फीवर सामान्य दवाओं, आराम और पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से ठीक होने लगता है। हालांकि तेज या लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण हों तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। डॉ. डोगरा का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन भी वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने की सलाह देता है।
विज्ञापन
-- --
गर्भावस्था में हो सकती है परेशानी
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. माला शर्मा ने बताया कि महिलाओं में भी बुखार या सर्दी-जुकाम होने पर खुद से एंटीबायोटिक शुरू करने की आदत से बचना चाहिए। गर्भावस्था या अन्य विशेष परिस्थितियों में दवा का चुनाव और भी सावधानी से किया जाता है। किसी परिचित की बची हुई दवा लेना या मेडिकल स्टोर से सीधे एंटीबायोटिक खरीदना उचित नहीं है।
-- --
ऐसे करें बचाव
बुखार आने पर सबसे पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए और जरूरत के मुताबिक जांच करानी चाहिए। वायरल संक्रमण में डॉक्टर की सलाह के अनुसार बुखार कम करने की दवा, पर्याप्त पानी और आराम मददगार होते हैं। एंटीबायोटिक केवल तब लें जब चिकित्सक बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि या पर्याप्त चिकित्सकीय आधार पर इसकी सलाह दें। दवा किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें और डॉक्टर की बताई गई खुराक व अवधि का पालन करें।
विज्ञापन
बैक्टीरिया उस दवा के प्रति हो सकते हैं प्रतिरोधी एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा ने कहा कि बिना जरूरत एंटीबायोटिक लेने से दस्त, उल्टी, एलर्जी, त्वचा पर रैश और पेट से जुड़ी दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। सबसे बड़ी चिंता एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की है। बार-बार गलत तरीके से दवा लेने पर बैक्टीरिया उस दवा के प्रति प्रतिरोधी हो सकते हैं और भविष्य में जरूरत पड़ने पर सामान्य एंटीबायोटिक प्रभावी नहीं रहती। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार गलत और जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को बढ़ाता है, जिससे संक्रमण का इलाज कठिन हो सकता है।
विज्ञापन
वायरल बुखार में एंटीबायोटिक का कोई लाभ नहीं क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट डॉ. अरविंद डोगरा ने बताया कि सामान्य वायरल बुखार में एंटीबायोटिक का कोई लाभ नहीं होता, क्योंकि यह वायरस पर असर नहीं करती। आमतौर पर तीन से पांच दिन में वायरल फीवर सामान्य दवाओं, आराम और पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से ठीक होने लगता है। हालांकि तेज या लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण हों तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। डॉ. डोगरा का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन भी वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने की सलाह देता है।
विज्ञापन
गर्भावस्था में हो सकती है परेशानी
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. माला शर्मा ने बताया कि महिलाओं में भी बुखार या सर्दी-जुकाम होने पर खुद से एंटीबायोटिक शुरू करने की आदत से बचना चाहिए। गर्भावस्था या अन्य विशेष परिस्थितियों में दवा का चुनाव और भी सावधानी से किया जाता है। किसी परिचित की बची हुई दवा लेना या मेडिकल स्टोर से सीधे एंटीबायोटिक खरीदना उचित नहीं है।
ऐसे करें बचाव
बुखार आने पर सबसे पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए और जरूरत के मुताबिक जांच करानी चाहिए। वायरल संक्रमण में डॉक्टर की सलाह के अनुसार बुखार कम करने की दवा, पर्याप्त पानी और आराम मददगार होते हैं। एंटीबायोटिक केवल तब लें जब चिकित्सक बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि या पर्याप्त चिकित्सकीय आधार पर इसकी सलाह दें। दवा किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें और डॉक्टर की बताई गई खुराक व अवधि का पालन करें।