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गाजियाबाद में तैयार हुए ‘गतिमान’ के दो और इंजन
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 20 Feb 2017 11:26 PM IST
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हाई स्पीड ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
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देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन ‘गतिमान एक्सप्रेस’ के लिए दो और इंजन गाजियाबाद में तैयार किए गए हैं। सबसे आधुनिक और सबसे तेज दौड़ने वाले डब्ल्यूएपी-5 इंजन को अपग्रेड कर गतिमान के लिए तैयार किया गया है। इन्हें सुरक्षित भी बनाया गया है। ड्राइवर की चूक यात्रियों पर भारी नहीं पड़ेगी।
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इंजन में लगा ट्रेन प्रोटेक्शन एंड वार्निंग सिस्टम पहले अलर्ट वार्निंग देगा और स्पीड नियंत्रित नहीं की गई तो आटोमैटिक ब्रेक लगा देगा। गतिमान के लिए एक इंजन तैयार करके गाजियाबाद से दिल्ली भेज दिया गया है जबकि दूसरा इंजन मंगलवार को दिल्ली रवाना किया जाएगा।
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पांच अप्रैल 2016 को पहली बार दिल्ली से आगरा के लिए अपने सफर पर उतरी ‘गतिमान एक्सप्रेस’ के लिए पूर्व में भी दो इंजन भी गाजियाबाद में ही तैयार किए गए थे। इस सेमी हाईस्पीड ट्रेन के लिए अब दो अतिरिक्त इंजन डब्ल्यूएपी-5 को गाजियाबाद लोकोशेड में गतिमान के लिए अपग्रेड किया गया है।
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करीब एक महीने की मशक्कत के बाद गाजियाबाद में तैनात इंजीनियरों ने दोनों इंजनों को ताकत से लेकर सुरक्षा तक की कसौटियों पर परखा। दिल्ली डिवीजन के एडीआरएम डिंपी गर्ग ने बताया कि दोनों इंजनों में लगाया गया टीपीडब्ल्यूएस (ट्रेन प्रोटेक्शन वार्निंग सिस्टम) लोको पायलट (ड्राइवर) की सिग्नल की अनदेखी को भांप जाता है।
अगर लोको पायलट रेड सिग्नल पर किसी कारण स्पीड नहीं कम करता तो इसमें लगा सेंसर सिस्टम पहले अलार्म देगा और फिर खुद ही ब्रेक लगा देगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह इंजन 200 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ सकता है, लेकिन गतिमान एक्सप्रेस की अधिकतम 160 किलोमीटर प्रतिघंटा स्पीड पर ही चलाई जाती है।
इंजन की सुरक्षा के लिए इसके अगले हिस्से पर लगा कैटल गार्ड भी बदला गया है। इस पर हैवी कैटल गार्ड लगाया गया है ताकि ज्यादा स्पीड में किसी जानवर के टकरा जाने पर इंजन को कोई नुकसान न पहुंचे। सभी ‘परीक्षा’ में पास होने के बाद एक इंजन को ट्रैक पर उतार दिया गया है जबकि दूसरा अतिरिक्त इंजन मंगलवार को गाजियाबाद से दिल्ली पहुंचेगा।