फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Post-mortems in cases of murder and suspicious death will now be conducted under the supervision of a forensic expert

Ghaziabad News: हत्या और संदिग्ध मौत के मामलों में अब फॉरेंसिक विशेषज्ञ की निगरानी में होगा पोस्टमार्टम

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:02 AM IST
विज्ञापन
Post-mortems in cases of murder and suspicious death will now be conducted under the supervision of a forensic expert
गाजियाबाद। हत्या, संदिग्ध मौत और अन्य गंभीर मामलों की जांच को अधिक पारदर्शी व वैज्ञानिक बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम फॉरेंसिक विशेषज्ञों की निगरानी व भागीदारी में कराया जाएगा।
विज्ञापन

शासन का मानना है कि इससे पोस्टमार्टम रिपोर्ट की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही आपराधिक मामलों की विवेचना व अभियोजन को मजबूत आधार मिलेगा। इसके अलावा सामान्य चिकित्सकों को ओपीडी में मरीजों के उपचार के लिए अधिक समय मिल सकेगा, क्योंकि अब तक रोजाना एक चिकित्सक की पोस्टमार्टम ड्यूटी लगाई जाती थी।
विज्ञापन

प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के महानिदेशक की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जहां फॉरेंसिक विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे, उन्हें पोस्टमार्टम के लिए गठित मेडिकल बोर्ड का अनिवार्य सदस्य बनाया जाएगा। साथ ही पूरी प्रक्रिया राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के दिशा-निर्देशों, निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में गंभीर मामलों में जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से मेडिकल बोर्ड गठित किया जाता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे बोर्ड में फोरेंसिक विशेषज्ञ की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन चंद्र वैश्य ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुपालन के लिए जिले में संबंधित अधिकारियों व चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से पोस्टमार्टम प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष, वैज्ञानिक और न्यायिक आवश्यकताओं के अनुरूप होगी। इससे मृत्यु के कारणों का सटीक निर्धारण करने में सहायता मिलेगी। अदालतों में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed