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Ghaziabad News: छह हजार बुजुर्गों का हालचाल लेने घर पहुंचेगी पुलिस, हर रोज लेनी होगी खैर खबर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 01:33 AM IST
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Police to visit the homes of 6,000 elderly citizens to check on their well-being; daily status updates will be required.
साहिबाबाद। ट्रांस हिंडन जोन में अकेले रह रहे छह हजार से अधिक बुजुर्गों की नींद अब पुलिस की गुड मॉर्निंग से खुलेगी। पुलिसकर्मी उनका हालचाल भी लेंगे। जोन के कुल 693 बीट पुलिसकर्मियों को बुजुर्गों के निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दूसरे शब्दों में कहें तो प्रत्येक पुलिसकर्मी पर 10 बुजुर्गों की देखरेख का जिम्मा सौंपा गया है। वे सुबह-सुबह लोगों की सुविधानुसार स्वास्थ्य और मानसिक हाल जानने उनके घर पहुंचेंगे।
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दरअसल, पिछले दिनों शालीमार गार्डन में रह रहे दो बुजुर्गों की मौत की सूचना पुलिस को मालूम नहीं हो सकी थी। इनमें एक बुजुर्ग लंबे समय से बीमार थे और बिस्तर से उठ भी नहीं पाते थे, जबकि दूसरे बुजुर्ग की मौत कैसे हुई यह भी नहीं मालूम हो सका। ऐसी कोई परिस्थिति दोबारा उत्पन्न न हो इसलिए पुलिस अधिकारियों ने इस उम्र के बुजुर्गों को चिंहित कराया। इनमें विशेषकर ऐसे बुजुर्ग हैं जो अकेले रह रहे हैं और परिवार के लोग है नहीं या फिर शहर से बाहर रहते हैं। अब इन सभी बुजुर्गों के घर पुलिस दस्तक देगी। कई बार अकेले रहने वाले बुजुर्गों को तबीयत खराब होने या हादसा होने पर मदद नहीं मिल पाती। इसकी वजह से कई बार जान का खतरा मंडराता रहता है। इसलिए ऑपरेशन सवेरा अभियान को नई व्यवस्था के साथ एक बार फिर शुरू किया जा रहा है। पिछली बार इन बुजुर्गों की संख्या छह हजार के पार थी, लेकिन अब पुन: बुजुर्गों को चिह्नित किया जाएगा जो पूरी तरह अकेले रहते हैं या जिनकी शारीरिक स्थिति नाजुक है। पुलिसकर्मी न केवल सुबह नमस्ते करने जाएंगे, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर दवा या डॉक्टर से संपर्क कराने में भी मदद करेंगे।
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वर्ष 2023 में लागू हुआ था ऑपरेशन सवेरा
गाजियाबाद में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की मदद और उनकी निगरानी के लिए पुलिस ने वर्ष 2023 में ऑपरेशन सवेरा अभियान शुरू किया था। शुरुआती चरण में ट्रांस हिंडन जोन में 6,390 बुजुर्गों को चिह्नित कर उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर डायल 112 के डेटाबेस में दर्ज किया गया था। क्विक रिस्पांस टीम समय रहते उनके पास पहुंच सकती है।
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बड़े क्षेत्र में निगरानी मुश्किल, किया गया बदलाव
वर्ष 2025 में गाजियाबाद में नियुक्ति के बाद कमिश्नर जे रविंद्र गौड़ ने बीट प्रणाली लागू की थी। नगर जोन में 640, ट्रांस हिंडन जोन में 693 और ग्रामीण जोन में 798 बीट निर्धारित की गई थीं। जमीनी निगरानी, सूचना संकलन और नागरिक सत्यापन कार्यों को अंजाम देने के लिए 941 बीट सब इंस्पेक्टर, 1431 बीट पुलिस अधिकारी और बीट सिपाहियों को तैनात किया गया था। वहीं, बीट सिपाही पर बड़ा इलाका होने की वजह से कई बार क्षेत्र में रह रहे सभी एकल बुजुर्गों को देखना या उनकी निगरानी करना संभव नहीं हो पा रहा था। इसके बाद व्यवस्था में बदलाव किया गया।

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बुजुर्गों की लगातार निगरानी करने और उनको समय पर मदद पहुंचाई जा सके, इसलिए व्यवस्था में बदलाव किया गया है। प्रत्येक बीट सिपाही पर 10 बुजुर्गों से बातचीत करते हुए जरूरत पड़ने पर मदद भी मुहैया कराएंगे।-- धवल जायसवाल, प्रभारी डीसीपी ट्रांस हिंडन
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