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Ghaziabad News: हाईवे पर पंचायत नहीं रोक सकी पुलिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। पुलिस अफसरों ने पूरी ताकत झोंककर यति नरसिंहानंद के समर्थकों को डासना के देवी मंदिर में महापंचायत करने से तो रोक दिया लेकिन हाईवे नौ पर जमा होने से नहीं रोक पाई। अफसरों को शायद इसका अंदाजा नहीं था कि लोग सड़क पर भी पंचायत कर सकते हैं। हाईवे पर पंचायत कर रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी नहीं लिया। इसकी वजह भी थी। पंचायत में भाजपा के विधायक नंद किशोर गुर्जर मौजूद थे।
पुलिस ने विधायक को मंदिर के अंदर जाने से तो रोका लेकिन सड़क पर पंचायत करने से नहीं रोक सकी। उनके साथ बड़ी संख्या में लोग भी सड़क पर बैठ गए। तीन घंटे तक पंचायत होती रही। पुलिसवाले खामोशी से देखते रहे। इसके बाद पंचायत में शामिल लोगों से बात करके पुलिस ने जैसे तैसे सड़क पर जमा लोगों को हटाया लेकिन तब तक ट्रैफिक पूरी तरह से जाम हो चुका था। वाहनों की लंबी कतारें लग चुकी थीं। इनमें हजारों वाहन फंस चुके थे।
हिरासत में लिए लोगों को छोड़ा : मंदिर जा रहे लोगों को पकड़कर पुलिस गाड़ी में बिठाकर पुलिस लाइन पहुंचाती रही। शाम तक हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 90 हो गई। इसके बाद पुलिस ने सभी को छोड़ दिया।
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पदयात्रा करके पहुंचे : महापंचायत में शामिल होने के लिए नव युवा शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा त्यागी, प्रदेश मंत्री सेंतुल त्यागी व हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष नीरज चौधरी व नव युवा शक्ति संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता करीब 12 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे। ये लोग सुबह ही शास्त्रीनगर स्थित कार्यालय से रवाना हुए।
थम नहीं रहा बयान पर बवाल
यति नरसिंहानंद ने जो आपत्तिजनक बयान दिया, उस पर बवाल थम नहीं रहा। एक तरफ वे संगठन हैं जो यति की गिरफ्तारी की मांग लेकर हंगामा-प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर यति के समर्थन में भी कई संगठन उतर आए हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला गर्मा रहा है। सियासत से जुड़े लोग भी इसमें कूद पड़े हैं। इसे देखते हुए पूरे जिले में पुलिस को अलर्ट रखा गया है।
बयान
29 सितंबर को हिंदी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में यति नरसिंहानंद ने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
मुकदमा
तीन अक्तूबर को पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर यति नरसिंहानंद के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और दो समुदायों में वैमनस्य पैदा करने की धारा लगाई गईं।
विरोध
चार अक्तूबर को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम संगठनों ने यति नरसिंहानंद के खिलाफ प्रदर्शन किया। रात 11 बजे 100-150 लोग डासना के देवी मंदिर के बाहर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोका तो उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया।
कार्रवाई
इस मामले में यति नरसिंहानंद के खिलाफ और समर्थन में प्रदर्शन करने वाले सभी संगठनों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। जिन लोगों ने पथराव किया, उनमें से 15 से ज्यादा गिरफ्तार किए गए हैं।
चार तरह के केस दर्ज
यति नरसिंहानंद और उनके शिष्यों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के केस दर्ज किए गए हैं। इनकी जांच चल रही है।
यति नरसिंहानंद की गिरफ्तारी की मांग लेकर पथराव करने के दो मामले हैं। डासना के देवी मंदिर के बाहर और कैला भट्ठा का। दोनों में सबसे तेज कार्रवाई हो रही है।
दो केस यति नरसिहानंद के समर्थकों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। दोनों में बिना अनुमति प्रदर्शन करने का आरोप है। इनकी जांच चल रही है। एक मामला यति नरसिंहानंद का सिर कलम करने पर एक लाख के इनाम की घोषणा का है। इसकी भी जांच चल रही है।
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गाजियाबाद। पुलिस अफसरों ने पूरी ताकत झोंककर यति नरसिंहानंद के समर्थकों को डासना के देवी मंदिर में महापंचायत करने से तो रोक दिया लेकिन हाईवे नौ पर जमा होने से नहीं रोक पाई। अफसरों को शायद इसका अंदाजा नहीं था कि लोग सड़क पर भी पंचायत कर सकते हैं। हाईवे पर पंचायत कर रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी नहीं लिया। इसकी वजह भी थी। पंचायत में भाजपा के विधायक नंद किशोर गुर्जर मौजूद थे।
पुलिस ने विधायक को मंदिर के अंदर जाने से तो रोका लेकिन सड़क पर पंचायत करने से नहीं रोक सकी। उनके साथ बड़ी संख्या में लोग भी सड़क पर बैठ गए। तीन घंटे तक पंचायत होती रही। पुलिसवाले खामोशी से देखते रहे। इसके बाद पंचायत में शामिल लोगों से बात करके पुलिस ने जैसे तैसे सड़क पर जमा लोगों को हटाया लेकिन तब तक ट्रैफिक पूरी तरह से जाम हो चुका था। वाहनों की लंबी कतारें लग चुकी थीं। इनमें हजारों वाहन फंस चुके थे।
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हिरासत में लिए लोगों को छोड़ा : मंदिर जा रहे लोगों को पकड़कर पुलिस गाड़ी में बिठाकर पुलिस लाइन पहुंचाती रही। शाम तक हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 90 हो गई। इसके बाद पुलिस ने सभी को छोड़ दिया।
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पदयात्रा करके पहुंचे : महापंचायत में शामिल होने के लिए नव युवा शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा त्यागी, प्रदेश मंत्री सेंतुल त्यागी व हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष नीरज चौधरी व नव युवा शक्ति संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता करीब 12 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे। ये लोग सुबह ही शास्त्रीनगर स्थित कार्यालय से रवाना हुए।
थम नहीं रहा बयान पर बवाल
यति नरसिंहानंद ने जो आपत्तिजनक बयान दिया, उस पर बवाल थम नहीं रहा। एक तरफ वे संगठन हैं जो यति की गिरफ्तारी की मांग लेकर हंगामा-प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर यति के समर्थन में भी कई संगठन उतर आए हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला गर्मा रहा है। सियासत से जुड़े लोग भी इसमें कूद पड़े हैं। इसे देखते हुए पूरे जिले में पुलिस को अलर्ट रखा गया है।
बयान
29 सितंबर को हिंदी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में यति नरसिंहानंद ने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
मुकदमा
तीन अक्तूबर को पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर यति नरसिंहानंद के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और दो समुदायों में वैमनस्य पैदा करने की धारा लगाई गईं।
विरोध
चार अक्तूबर को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम संगठनों ने यति नरसिंहानंद के खिलाफ प्रदर्शन किया। रात 11 बजे 100-150 लोग डासना के देवी मंदिर के बाहर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोका तो उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया।
कार्रवाई
इस मामले में यति नरसिंहानंद के खिलाफ और समर्थन में प्रदर्शन करने वाले सभी संगठनों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। जिन लोगों ने पथराव किया, उनमें से 15 से ज्यादा गिरफ्तार किए गए हैं।
चार तरह के केस दर्ज
यति नरसिंहानंद और उनके शिष्यों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के केस दर्ज किए गए हैं। इनकी जांच चल रही है।
यति नरसिंहानंद की गिरफ्तारी की मांग लेकर पथराव करने के दो मामले हैं। डासना के देवी मंदिर के बाहर और कैला भट्ठा का। दोनों में सबसे तेज कार्रवाई हो रही है।
दो केस यति नरसिहानंद के समर्थकों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। दोनों में बिना अनुमति प्रदर्शन करने का आरोप है। इनकी जांच चल रही है। एक मामला यति नरसिंहानंद का सिर कलम करने पर एक लाख के इनाम की घोषणा का है। इसकी भी जांच चल रही है।