Ghaziabad: सोसायटी वाले कुत्तों से रहें सावधान, पिटबुल ने छात्रा पर किया हमला, पैर पर दिखे क्रूरता के निशान
छात्रा के पिता उसे तुरंत वैशाली के निजी अस्पताल ले गए वहां चिकित्सक से उपचार कराया। पिता उमेश अग्रवाल का आरोप है कि पिटबुल डॉग के मालिक ने शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं की।
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संजय नगर के बाद पिटबुल नस्ल के कुत्ते ने अब वैशाली की रामप्रस्था ग्रीन की सीवीटेक सोसायटी में 11 साल की बच्ची तनिष्का अग्रवाल पर हमला कर दिया। उसे सुरक्षा गार्डों ने बड़ी मुश्किल से छुड़ाया। इसके तुरंत बाद कुत्ते ने फिर से काट लिया। दो बार के हमले में बच्ची की दोनों टांगों में 21 जख्म हो गए। उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उसके पिता उमेश अग्रवाल ने इंदिरापुरम थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सोसायटी की रेजिडेंट वेलफेयर एसोससिएशन (आरडब्ल्यूए) के सदस्य उमेश अग्रवाल ने बताया कि सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली उनकी बेटी तनिष्का सोसायटी में टावर नंबर पांच में अपने फ्लैट के सामने बुधवार की शाम करीब साढ़े छह बजे अपने कुत्ते के साथ खेल रही थी। अचानक टावर की तरफ से पिटबुल दौड़ता हुआ आया और बेटी पर हमला कर दिया। वह गिर पड़ी। उसने उसकी टांगों पर काटा। उसने उनके कुत्ते पर भी हमला किया।
तभी सुरक्षा गार्ड आए और बड़ी मुश्किल से पिटबुल से बच्ची को बचाया। पिटबुल थोड़ी दूर चला गया लेकिन वहां से वापस आया और फिर से हमला कर दिया। सुरक्षाकर्मियों ने फिर से बच्ची को उससे छुड़ाया। परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां बृहस्पतिवार की सुबह छुट्टी दी गई। हालांकि, उपचार जारी रहेगा।
कुत्ते का पंजीकरण नहीं : उमेश अग्रवाल ने बताया कि जिस पिटबुल ने हमला किया, उसका नगर निगम में पंजीकरण नहीं है। वह पहले भी हमला कर चुका है। उसे टावर नंबर पांच में रहने वाले एक परिवार ने पाल रखा है। हालांकि, एफआईआर में किसी को नामजद नहीं कराया गया है। यह अज्ञात में दर्ज कराई गई है।
हमला देखकर भड़के लोग : पिटबुल के हमले के दौरान कई लोग मौजूद थे। उनका कहना है कि वे जब कुत्ते के मालिक के पास शिकायत लेकर पहुंचे तो उसने सुनकर अनसुना कर दिया। इस पर लोग भड़क गए। उन्होंने कहा कि पुलिस और नगर निगम को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
कुत्ते के हमले में गिरफ्तारी नहीं
इंदिरापुरम थाना के प्रभारी देवपाल सिंह पुंडीर का कहना है कि लापरवाही से जानकर पालने की धारा 289 और किसी को नुकसान पहुंचाने की धारा 324 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अगर कोई पालतू कुत्ता किसी पर हमला करता है और इसका केस दर्ज होता है तो ऐसे मामलों में सात साल से कम सजा के चलते इसमें गिरफ्तार करने का प्रावधान नहीं है। ऐसे मामलों में पुलिस आरोपी के खिलाफ 41-ए का नोटिस जारी करती है। इसके बाद साक्ष्य जुटाकर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर देती है।
गाजियाबाद की सोसायटी में कई बार कुत्तों ने मासूमों पर किया हमला
इससे पहले 24 सितंबर को काला पत्थर रोड स्थित आम्रपाली विलेज सोसायटी में बाहर से लौट रहे 11 वर्षीय बच्चे को आवारा कुत्ते ने काटा था। बच्चे के शोर मचाने पर आस-पास के लोगों ने उसे बचाया था। सोसायटी के साहिल अंसारी ने बताया कि उनका बेटा अर्श अंसारी सुबह 11 बजे सोसायटी में नीचे उतरा था। घर लौटते वक्त कुत्ते ने उसके पैर में काट लिया। इस सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।
लिफ्ट में कुत्ते ने बच्चे को काटा
सात सितंबर को राजनगर एक्सटेंशन की चार्म्स कैसल सोसाइटी की लिफ्ट में एक महिला अपने पालतू कुत्ते को ले जा रही थी। इसी बीच कुत्ते ने लिफ्ट में मौजूद एक बच्चे को काट लिया। महिला दर्द से कराहते बच्चे को संभालने या पूछने के बजाय लिफ्ट में चुपचाप खड़ी रही। बच्चे के पिता की शिकायत पर नंदग्राम थाना में मामला दर्ज हुआ था।
कुत्ते ने सात साल की बच्ची का काटा कान
29 अगस्त को लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के राहुल गार्डन कॉलोनी में घर के बाहर झूला झूल रही सात साल की बच्ची की कान को पिटबुल नस्ल के कुत्ते ने काट लिया था। बच्ची के पिता प्रेम के मुताबिक कुत्ते ने पहले उनकी बेटी को झूले से नीचे गिराया था। फिर अपने मुंह से खींच कर कुछ दूर ले गया। बच्ची के शोर मचाने पर आसपास के लोग और पड़ोसी आए। सभी लोग बच्ची को कुत्ते से बचाने लगे। लेकिन कुत्ते ने नहीं छोड़ा और बच्ची को अपने मुंह से पटकने लगा। इस दौरान बच्ची रोती हुई मदद मांग रही थी। इसके बाद कुत्ते को किसी ने डंडा मारा। डंडा लगने के बाद कुत्ते ने बच्ची को छोड़ा। तब तक कुत्ता बच्ची का कान काट चुका था।
डेढ़ महीने बाद स्कूल जा पाया पिटबुल के हमले में घायल कुश
पिटबुल नस्ल के कुत्ते ने आठ सितंबर को संजय नगर सेक्टर-23 में मासूम कुश त्यागी (10) पर अचानक हमला कर दिया था। उसे 150 टांके लगाए गए थे। घटना के लगभग डेढ़ महीने बाद बुधवार को कुश स्कूल जा पाया। वह कई दिनों तक सहमा हुआ रहा था। उपचार पर कई लाख रुपये खर्च हो गए। इस मामले में नगर निगम ने कुत्ते के मालिक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। पुलिस ने केस दर्ज किया था।
नियम बने पर पालन नहीं हो रहा
1. कुत्ते का पंजीकरण कराकर सोसायटी के दफ्तर में रसीद जमा करानी होगी।
2. कुत्ते का टीकाकरण अनिवार्य है, इसकी रसीद भी दफ्तर में देनी होगी।
3. कुत्ता हिंसक नस्ल का है तो उसका प्रशिक्षण कराया जाना अनिवार्य है।
4. कुत्ते को बाहर घुमाते समय उसके मुंह पर मजल (मास्कनुमा प्लेट) बांधनी होगी।
5. सोसायटी में पार्क जैसे कॉमन एरिया में नहीं ले जाया जाएगा कुत्ता।