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Ghaziabad News: 2.40 करोड़ से डाली पाइपलाइन, 10 साल में भी नहीं मिला पानी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 23 Mar 2023 01:05 AM IST
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Pipeline laid with 2.40 crores, water not found even in 10 years
साहिबाबाद। महाराजपुर में करीब दस साल पहले 2.40 करोड़ लागत से डाली गई सीमेंट की पेयजल पाइपलाइन से अब तक 40 हजार लोगों को पानी नहीं मिल सका है। दो साल पहले निगम की ओर से डाली गई पीवीसी पाइपलाइन से भी पेयजल सुविधा नहीं मिल पाई है। लोगों को दूषित पेयजल का सेवन करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग मुख्यमंत्री पोर्टल, तहसील दिवस, डीएम व नगर आयुक्त के पास 100 से भी ज्यादा बार शिकायत कर चुके हैं।
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महाराजपुर निवासी कुलवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2009 में जीडीए की ओर महाराजपुर में पेयजल के लिए पाइपलाइन डालने की कवायद शुरू की गई थी। वर्ष 2012 में करीब छह किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन डालने का कार्य पूरा हो गया था। शुरुआत में 20 हजार लोगों को पेयजल लाइन की सुविधा मिलनी थी। काम पूरा होने पर गंगाजल नहीं मिला। करीब पांच साल तक फाइलों में ही पेयजल मुहैया कराया जाता रहा लेकिन फिर भी गंगाजल नहीं मिलने पर लोगों ने वर्ष 2017 में मामले की शिकायत एनजीटी में की। एनजीटी की ओर से सितंबर 2017 में दीपावली तक पेयजल पहुंचाने का आदेश दिया गया लेकिन फिर भी पेयजल की सुविधा नहीं मिल सकी।
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वर्ष 2020-21 में नगर निगम की ओर पीवीसी की पेयजल लाइन डालने का सर्वे कराया गया। उसके बाद बाहर की ओर से पीवीसी पेयजल डालने का काम कराया गया लेकिन उसके बाद भी पेयजल नहीं मिला। इसके पीछे नगर निगम अधिकारियों का तर्क है कि अमृत योजना के अंतर्गत सीवर लाइन डालने के दौरान सीमेंट पेयजल लाइन को नुकसान पहुंचा था। इस कारण लोगों को गंगाजल नहीं मिल पा रहा है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि दस साल से स्वच्छ पेयजल सुविधा की मुहैया नहीं हो सकी है। इससे करीब 40 हजार की आबादी भूमिगत पानी पीने के चलते बीमारी के शिकार हो रहे हैं। दूषित पानी पीने से लोग असमय बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं। (संवाद)

जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत का निस्तारण भी कर दिया
महाराजपुर के लोग वर्ष 2017 से लगातार शिकायतें कर रहे हैं। लोगों ने नगर आयुक्त से 16 मार्च 2017 से लिखित शिकायत करने की शुरुआत की। उसके बाद जीडीए उपाध्यक्ष, डीएम, तहसील दिवस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई। एक अगस्त 2018 को नगर निगम की ओर से जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत का निस्तारण भी कर दिया गया था। जेई सोमेंद्र तोमर की ओर से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति कराने की रिपोर्ट भी लगाई गई थी।

पेजयल लाइन की कराई जाएगी जांच
जलकल सहायक अभियंता ओमप्रकाश का कहना है कि महाराजपुर में पूर्व में डाली गई पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त है। इस कारण पेयजल सुविधा नहीं मिल पा रही है। लाइन की क्या स्थिति है, इसची जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही घरों में पेयजल पहुंचाने के दिशा में काम कराया जाएगा।


योजना हो चुकी है हैंडओवर
जीडीए सचिव बृजेश कुमार का कहना है कि महाराजपुर का मामला संज्ञान में नहीं है। कई साल पहले योजना नगर निगम को हैंडओवर हो चुकी है। इस संबंध में नगर निगम से पत्राचार किया जाएगा।
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