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Ghaziabad News: पुलिस जांच से असंतुष्ट युवक की याचिका परिवाद के रूप में दर्ज
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गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में मारपीट के मामले में पुलिस जांच से असंतुष्ट विनोद कुमार को अदालत से राहत मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173(4) के तहत दाखिल प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। मामले में बयान के लिए 24 नवंबर 2026 की तारीख तय की गई है।
विनोद कुमार ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि 25 अप्रैल 2026 को कुछ लोग उसे अपने साथ ले गए और शराब पिलाने के बाद आंबेडकर भवन में बेरहमी से पीटा। आरोप है कि उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया। गंभीर हालत में उसे सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया गया, जहां उसके सिर में फ्रैक्चर, ब्रेन हेमरेज और जबड़े में फ्रैक्चर समेत अन्य चोटों का इलाज हुआ। आवेदक का आरोप है कि उसकी पत्नी और भाई ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने मामले में गंभीर आरोपों को शामिल नहीं किया। बाद में पुलिस ने एनसीआर दर्ज की और जांच के दौरान इसे मुकदमे में तरमीम कर दिया। पुलिस के अनुसार विवेचना के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र भी न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है। अदालत ने पुलिस रिपोर्ट और पत्रावली में उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन किया। अदालत ने पाया कि आवेदक ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी आरोप लगाए हैं और थाने के सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया है। अदालत ने कहा कि केवल पहले से मुकदमा दर्ज होने के आधार पर घटना के पूरे पक्ष की जांच से इन्कार नहीं किया जा सकता। अदालत ने मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया।
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