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Ghaziabad News: कीटनाशक दवाइयों पर फर्जी मार्का लगाकर ऑनलाइन बेची
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गाजियाबाद। नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित जस्सीपुरा में दिल्ली की कंपनी का ट्रेड मार्क लगाकर नकली कीटनाशक दवाइयों की बिक्री का पर्दाफाश हुआ है। कंपनी के सहायक प्रबंधक ने ऑनलाइन बिक्री करने वाले के खिलाफ नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एसीपी नगर कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि नोएडा के सेक्टर तीन स्थित ट्रूबड़ी कंसल्टिंग प्राईवेट लिमिटेड कंपनी के सहायक प्रबंधक प्रेम शर्मा ने थाना पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी के नाम से जस्सीपुरा स्थित ट्रांसपोर्ट पर नकली कीटनाशक की आपूर्ति हो रही है। टीम ने मौके पर छापेमारी की। जहां से कंपनी का मार्का लगी नकली कीटनाशक बरामद हुआ। प्रेम शर्मा ने बताया कि उनकी ग्राहक कंपनियों यूपीएल, आधुनिका एग्रोटेक लिमिटेड और बायर क्रॉप साइंस को उनकी कंपनी के नाम से नकली कीटनाशक आपूर्ति किया जा रहा था। गूगल पर आपूर्तिकर्ता का नाम मयंक कुमार खत्री और मोबाइल नंबर मिला। संपर्क करने पर उसे पकड़ने के लिए सहायक प्रबंधक ने आरोपी से संपर्क साधकर कुछ माल आपूर्ति करने को कहा। कीटनाशक की आपूर्ति के लिए 41 हजार रुपये भी आरोपी ने अपने खाते में ट्रांसफर कराए। आरोप है कि उसने माल आपूर्ति के लिए जस्सीपुरा के द्वारिकापुरी स्थित गोल्डन ट्रांसपोर्ट पर बुलाया, जहां आपूर्ति होने वाला माल बरामद हुआ। इस कीटनाशक पर उनकी कंपनी का मार्का और लोगो लगा था, जबकि उनकी कंपनी के सीरियल नहीं थे। पुलिस ने कीटनाशक जांच के लिए भेजा है। एसीपी ने बताया कि हालांकि नकली कीटनाशक बेचने वाला हत्थे नहीं चढ़ा है। आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच कर आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
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एसीपी नगर कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि नोएडा के सेक्टर तीन स्थित ट्रूबड़ी कंसल्टिंग प्राईवेट लिमिटेड कंपनी के सहायक प्रबंधक प्रेम शर्मा ने थाना पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी के नाम से जस्सीपुरा स्थित ट्रांसपोर्ट पर नकली कीटनाशक की आपूर्ति हो रही है। टीम ने मौके पर छापेमारी की। जहां से कंपनी का मार्का लगी नकली कीटनाशक बरामद हुआ। प्रेम शर्मा ने बताया कि उनकी ग्राहक कंपनियों यूपीएल, आधुनिका एग्रोटेक लिमिटेड और बायर क्रॉप साइंस को उनकी कंपनी के नाम से नकली कीटनाशक आपूर्ति किया जा रहा था। गूगल पर आपूर्तिकर्ता का नाम मयंक कुमार खत्री और मोबाइल नंबर मिला। संपर्क करने पर उसे पकड़ने के लिए सहायक प्रबंधक ने आरोपी से संपर्क साधकर कुछ माल आपूर्ति करने को कहा। कीटनाशक की आपूर्ति के लिए 41 हजार रुपये भी आरोपी ने अपने खाते में ट्रांसफर कराए। आरोप है कि उसने माल आपूर्ति के लिए जस्सीपुरा के द्वारिकापुरी स्थित गोल्डन ट्रांसपोर्ट पर बुलाया, जहां आपूर्ति होने वाला माल बरामद हुआ। इस कीटनाशक पर उनकी कंपनी का मार्का और लोगो लगा था, जबकि उनकी कंपनी के सीरियल नहीं थे। पुलिस ने कीटनाशक जांच के लिए भेजा है। एसीपी ने बताया कि हालांकि नकली कीटनाशक बेचने वाला हत्थे नहीं चढ़ा है। आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच कर आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
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