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Ghaziabad News: न्यूयार्क में नौकरी दिलाने का दिया झांसा, वीजा के नाम पर आठ लाख ठगे
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गाजियाबाद। इंदिरापुरम निवासी परम कृष्णात्रय ने लिंक्डइन वेबसाइट पर एक मार्च को न्यूयार्क स्थित पटेल ब्रदर्स कंपनी में स्टोर मैनेजर के पद के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के बाद साइबर ठगों ने परम कृष्णात्रय को न्यूयार्क में मैनेजर की नौकरी, आवास और अच्छा वेतन दिलाने का आश्वासन दिया। ठगों ने ई-मेल पर पटेल ब्रदर्स में मैनेजर पद का फर्जी ऑफर लेटर भेजकर वीजा बनवाने के नाम पर आठ लाख दो हजार 360 रुपये ठग लिए। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एसीपी अपराध अंबुज कुमार ने बताया कि इंदिरापुरम न्यायखंड-दो निवासी परम कृष्णात्रय नौकरी की तलाश में लिंक्डइन वेबसाइट पर सक्रिय थे। एक मार्च को उन्होंने अमेरिका के न्यूयार्क स्थित पटेल ब्रदर्स कंपनी में स्टोर मैनेजर के पद के लिए आवेदन किया। कुछ दिन बाद ही पटेल ब्रदर्स कंपनी की वेबसाइट से उन्हें ई-मेल भेजा गया, जिसमें उन्हें फाइनल राउंड साक्षात्कार के लिए चयनित बताया गया। फाइनल साक्षात्कार एक ऑनलाइन चैट आधारित प्लेटफार्म से लिया गया, जिसके बाद उनको चयनित होने की सूचना मिली। कंपनी की ओर से उन्हें बताया गया कि उनका वीजा प्रोसेस एजेंट स्टीवन स्काट द्वारा कराया जाएगा।
बाद में वीजा एजेंट ने उनसे संपर्क किया और वीजा जल्द बनवाने का आश्वासन देकर आठ लाख 2 हजार 360 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। भुगतान होने के बाद भी उन्हें वीजा संख्या और आवेदन प्रक्रिया की बाबत जानकारी नहीं दी गई। 12 अप्रैल को एजेंट ने परम कृष्णात्रय से सवा दो लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की और सूचना दी कि 17 अप्रैल उनके ऑफलाइन फाइनल साक्षात्कार की तिथि निर्धारित कर दी गई है। जब परम कृष्णात्रय ने वीजा संख्या बताने की जिद की तो साइबर ठगों ने 2.15 लाख रुपये नहीं देने पर प्रक्रिया बाधित करने की धमकी दी।
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वीजा और साक्षात्कार के नाम पर हुई अवैध वसूली की शिकायत पीड़ित ने साइबर थाने में की है। एसीपी अंबुज कुमार ने बताया कि जिन बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई है। उन खातों की जांच की जा रही है। धोखाधड़ी से संपत्ति हड़पने और कंप्यूटर संसाधनों से पैसे ट्रांसफर करने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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एसीपी अपराध अंबुज कुमार ने बताया कि इंदिरापुरम न्यायखंड-दो निवासी परम कृष्णात्रय नौकरी की तलाश में लिंक्डइन वेबसाइट पर सक्रिय थे। एक मार्च को उन्होंने अमेरिका के न्यूयार्क स्थित पटेल ब्रदर्स कंपनी में स्टोर मैनेजर के पद के लिए आवेदन किया। कुछ दिन बाद ही पटेल ब्रदर्स कंपनी की वेबसाइट से उन्हें ई-मेल भेजा गया, जिसमें उन्हें फाइनल राउंड साक्षात्कार के लिए चयनित बताया गया। फाइनल साक्षात्कार एक ऑनलाइन चैट आधारित प्लेटफार्म से लिया गया, जिसके बाद उनको चयनित होने की सूचना मिली। कंपनी की ओर से उन्हें बताया गया कि उनका वीजा प्रोसेस एजेंट स्टीवन स्काट द्वारा कराया जाएगा।
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बाद में वीजा एजेंट ने उनसे संपर्क किया और वीजा जल्द बनवाने का आश्वासन देकर आठ लाख 2 हजार 360 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। भुगतान होने के बाद भी उन्हें वीजा संख्या और आवेदन प्रक्रिया की बाबत जानकारी नहीं दी गई। 12 अप्रैल को एजेंट ने परम कृष्णात्रय से सवा दो लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की और सूचना दी कि 17 अप्रैल उनके ऑफलाइन फाइनल साक्षात्कार की तिथि निर्धारित कर दी गई है। जब परम कृष्णात्रय ने वीजा संख्या बताने की जिद की तो साइबर ठगों ने 2.15 लाख रुपये नहीं देने पर प्रक्रिया बाधित करने की धमकी दी।
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वीजा और साक्षात्कार के नाम पर हुई अवैध वसूली की शिकायत पीड़ित ने साइबर थाने में की है। एसीपी अंबुज कुमार ने बताया कि जिन बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई है। उन खातों की जांच की जा रही है। धोखाधड़ी से संपत्ति हड़पने और कंप्यूटर संसाधनों से पैसे ट्रांसफर करने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।