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Ghaziabad News: पिछले नवरात्र में बीमार हुए लोग, सात महीने बाद रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि
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गाजियाबाद। कुट्टू का आटा खाने से छह लोग बीमार हुए, लेकिन इसकी गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट आने में सात महीने लग गए। जब रिपोर्ट आई तो आटा अधोमानक मिला और उसमें मिलावट की पुष्टि हुई। इस दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई नोटिस और कानूनी प्रक्रिया तक सीमित रही। संबंधित कारोबारी का कामकाज जारी रहा। अब रिपोर्ट के आधार पर दुकानदार, निर्माता और डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है।
मोदीनगर में मार्च में नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे से बना भोजन खाने के बाद छह लोग बीमार हुए थे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस मामले में कुट्टू के आटे का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। करीब सात महीने बाद आई रिपोर्ट में ओम ब्रांड का कुट्टू का आटा अधोमानक पाया गया और उसमें मिलावट की पुष्टि हुई। इसके बाद बुधवार को विक्रेता मोदीनगर निवासी दीपक गोयल, निर्माता राधा किशन गोविंदराम (दिल्ली) और मोदीनगर की ममता ट्रेडिंग के खिलाफ एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया।
दावा...एक माह के भीतर आ रही रिपोर्ट
सहायक आयुक्त खाद्य सुरेश मिश्र ने बताया कि पहले नमूने जांच के लिए गोरखपुर भेजे जाते थे, जबकि अब लखनऊ भेजे जा रहे हैं। उनके मुताबिक, लखनऊ से रिपोर्ट एक महीने के भीतर आ रही है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार विभाग संबंधित स्टॉक को जब्त या नष्ट कर सकता है, लेकिन रिपोर्ट आने तक कारोबारी का पूरा कामकाज बंद नहीं करा सकता।
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कार्रवाई की प्रक्रिया में उलझा उपभोक्ता का हित
खाद्य सुरक्षा विभाग की प्रक्रिया के अनुसार, नमूने की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारी को नोटिस दिया जाता है। उसे एक महीने के भीतर दूसरे स्थान पर नमूने की जांच कराने का अवसर भी मिलता है। इस प्रक्रिया के दौरान अंतिम कार्रवाई में देरी हो सकती है। सहायक आयुक्त खाद्य के मुताबिक, कुट्टू के आटे में वजन बढ़ाने के लिए कुछ कारोबारी चावल का आटा मिला देते हैं। इससे उत्पाद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। विभाग ने संबंधित विक्रेता, निर्माता और डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ वाद दायर किया है। मामले में जुर्माने की राशि एसडीएम कोर्ट तय करेगी।
जेप्टो के दो केंद्रों से 94 किलो आटा सीज
कुट्टू के आटे की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछले दो दिनों में कार्रवाई करते हुए करीब 200 किलो आटा सीज किया है। इसमें जेप्टो इंडिया लिमिटेड के डूडा हेडा केंद्र से 75 किलो और मोरटा केंद्र से 19 किलो कुट्टू का आटा शामिल है। दोनों केंद्रों से कुल 94 किलो आटा सीज किया गया है। विभाग ने दो दिनों में 11 फर्मों की जांच कर 17 नमूने लिए हैं। इनमें नौ नमूने कुट्टू के आटे के हैं। सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि जांच जारी है और नमूनों की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
खुले में रखा आटा भी हो सकता है नुकसानदेह
संयुक्त अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि कुट्टू के आटे में प्रोटीन और फाइबर होता है, लेकिन खुले में रखे आटे में नमी के कारण फंगस लगने का खतरा रहता है। दूषित आटा खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है, इसलिए उपभोक्ताओं को खुले में रखे आटे के बजाय सुरक्षित तरीके से पैक और सही ढंग से संरक्षित उत्पाद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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मोदीनगर में मार्च में नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे से बना भोजन खाने के बाद छह लोग बीमार हुए थे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस मामले में कुट्टू के आटे का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। करीब सात महीने बाद आई रिपोर्ट में ओम ब्रांड का कुट्टू का आटा अधोमानक पाया गया और उसमें मिलावट की पुष्टि हुई। इसके बाद बुधवार को विक्रेता मोदीनगर निवासी दीपक गोयल, निर्माता राधा किशन गोविंदराम (दिल्ली) और मोदीनगर की ममता ट्रेडिंग के खिलाफ एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया।
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दावा...एक माह के भीतर आ रही रिपोर्ट
सहायक आयुक्त खाद्य सुरेश मिश्र ने बताया कि पहले नमूने जांच के लिए गोरखपुर भेजे जाते थे, जबकि अब लखनऊ भेजे जा रहे हैं। उनके मुताबिक, लखनऊ से रिपोर्ट एक महीने के भीतर आ रही है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार विभाग संबंधित स्टॉक को जब्त या नष्ट कर सकता है, लेकिन रिपोर्ट आने तक कारोबारी का पूरा कामकाज बंद नहीं करा सकता।
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कार्रवाई की प्रक्रिया में उलझा उपभोक्ता का हित
खाद्य सुरक्षा विभाग की प्रक्रिया के अनुसार, नमूने की रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारी को नोटिस दिया जाता है। उसे एक महीने के भीतर दूसरे स्थान पर नमूने की जांच कराने का अवसर भी मिलता है। इस प्रक्रिया के दौरान अंतिम कार्रवाई में देरी हो सकती है। सहायक आयुक्त खाद्य के मुताबिक, कुट्टू के आटे में वजन बढ़ाने के लिए कुछ कारोबारी चावल का आटा मिला देते हैं। इससे उत्पाद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। विभाग ने संबंधित विक्रेता, निर्माता और डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ वाद दायर किया है। मामले में जुर्माने की राशि एसडीएम कोर्ट तय करेगी।
जेप्टो के दो केंद्रों से 94 किलो आटा सीज
कुट्टू के आटे की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछले दो दिनों में कार्रवाई करते हुए करीब 200 किलो आटा सीज किया है। इसमें जेप्टो इंडिया लिमिटेड के डूडा हेडा केंद्र से 75 किलो और मोरटा केंद्र से 19 किलो कुट्टू का आटा शामिल है। दोनों केंद्रों से कुल 94 किलो आटा सीज किया गया है। विभाग ने दो दिनों में 11 फर्मों की जांच कर 17 नमूने लिए हैं। इनमें नौ नमूने कुट्टू के आटे के हैं। सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि जांच जारी है और नमूनों की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
खुले में रखा आटा भी हो सकता है नुकसानदेह
संयुक्त अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि कुट्टू के आटे में प्रोटीन और फाइबर होता है, लेकिन खुले में रखे आटे में नमी के कारण फंगस लगने का खतरा रहता है। दूषित आटा खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है, इसलिए उपभोक्ताओं को खुले में रखे आटे के बजाय सुरक्षित तरीके से पैक और सही ढंग से संरक्षित उत्पाद को प्राथमिकता देनी चाहिए।