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Ghaziabad News: राजनगर एक्सटेंशन में औरा कायमेरा में दूषित पानी पी रहे लोग
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औरा चिमेरा सोसायटी में भरा पानी। स्रोत: स्वास्थ्य विभाग
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित औरा कायमेरा सोसायटी में रह रहे लोगों के लिए पीने का पानी अब बीमारी की वजह बनता जा रहा है। सोसायटी में दूषित जल की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं, जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लेते हुए कार्यवाही की। जांच के दौरान लिए गए सभी पानी के चार नमूने फेल पाए गए हैं। सोसायटी में पानी के टैंक में गंदगी भी मिली है। निजी सोसायटियों में मेंटीनेंस और बुनियादी सुविधाओं की वास्तविकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर लोग भारी-भरकम मेंटीनेंस चार्ज दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल रही है।
जिला सर्विलांस अधिकारी और डिस्ट्रिक्ट पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि 23 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोसायटी के विभिन्न जल स्रोतों से चार सैंपल एकत्र किए थे। सभी नमूने जांच में असंतोषजनक पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि लोग लगातार दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं। विभाग ने सोसायटी प्रबंधन को 25 अगस्त को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मेंटीनेंस विभाग में टैंकों की सफाई या जल शुद्धिकरण से जुड़ा कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिला। खुलासा हुआ है कि सोसायटी में जल स्रोतों की नियमित सफाई नहीं हो रही है, न ही जल फिल्टरेशन या क्लोरीनेशन की कोई व्यवस्था की गई है। यह लापरवाही सीधे निवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। ऐसे हालात में पेट से जुड़ी बीमारियां, संक्रमण और डायरिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पनप सकती हैं।
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि लगातार दूषित पानी पीने से बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। इससे आंतों में संक्रमण, उल्टी-दस्त, बुखार जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि मरीज को अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सोसायटी प्रबंधन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द साफ-सफाई और जल शुद्धिकरण की व्यवस्था नहीं की गई, तो कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।
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जिला सर्विलांस अधिकारी और डिस्ट्रिक्ट पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि 23 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोसायटी के विभिन्न जल स्रोतों से चार सैंपल एकत्र किए थे। सभी नमूने जांच में असंतोषजनक पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि लोग लगातार दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं। विभाग ने सोसायटी प्रबंधन को 25 अगस्त को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मेंटीनेंस विभाग में टैंकों की सफाई या जल शुद्धिकरण से जुड़ा कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिला। खुलासा हुआ है कि सोसायटी में जल स्रोतों की नियमित सफाई नहीं हो रही है, न ही जल फिल्टरेशन या क्लोरीनेशन की कोई व्यवस्था की गई है। यह लापरवाही सीधे निवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। ऐसे हालात में पेट से जुड़ी बीमारियां, संक्रमण और डायरिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पनप सकती हैं।
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एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि लगातार दूषित पानी पीने से बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। इससे आंतों में संक्रमण, उल्टी-दस्त, बुखार जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि मरीज को अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सोसायटी प्रबंधन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द साफ-सफाई और जल शुद्धिकरण की व्यवस्था नहीं की गई, तो कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।
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