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कान पकड़वाए...पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगवाए
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 12 Jul 2016 12:35 AM IST
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धार्मिक
- फोटो : अमर उजाला
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बाबा बर्फानी के दर्शन करने की चाह रखने वाले यात्रियों को कट्टरपंथियों के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर अमरनाथ यात्रियों से जमकर बदसलूकी की जा रही है। सोमवार को बाबा अमरनाथ के दर्शन करके लौटकर आने के बाद संयुक्त व्यापार मंडल में मेरठ मंडल युवा के अध्यक्ष अरविंद तेवतिया और उनके साथियों ने अपना दर्द बयां किया।
अरविंद तेवतिया ने बताया कि वह विगत सात वर्षों से लगातार अमरनाथ यात्रा करते चले आ रहे हैं।
इस बार वह अपने सात अन्य साथियों राजेंद्र सिंह, कालूराम, अभिषेक गोयल, संदीप, अंकुर चौधरी, गुलबीर और एक अन्य के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन करने गए थे। उनका कहना था कि आतंकी के एनकाउंटर में मारे जाने की घटना से पहले से ही अमरनाथ यात्रियों के साथ जमकर बदसलूकी की जा रही थी। 5 जुलाई को जब वह दर्शन करके लौट रहे थे, तभी अनंतनाग से पहले ही उनकी गाड़ी को रुकवा लिया गया। कुछ कट्टरपंथी सड़क पर बैरियर लगाए हुए थे।
अरविंद ने बताया कि हरे रंग के झंडे लिए हुए कट्टरपंथियों ने उनसे न केवल कान पकड़वाए बल्कि पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगवाए। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ बहुत ही ज्यादा कट्टर थे।
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उनका कहना था कि दोबारा कश्मीर में मत आना, यह भारत नहीं पाकिस्तान का हिस्सा है। इसके अलावा कुछ ऐसे भी थे, जोकि उनकी जेबों से जबरन पैसे निकाल रहे थे। किसी प्रकार मिन्नत करके वह वहां से निकले।
दहशत इस कदर हो गई थी कि वहां से सीधे वैष्णो देवी के दर्शन को पहुंचे और फिर मानसिक रूप से सामान्य होने के बाद वह सोमवार को वापस गाजियाबाद लौटकर आए हैं।
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अरविंद तेवतिया ने बताया कि वह विगत सात वर्षों से लगातार अमरनाथ यात्रा करते चले आ रहे हैं।
इस बार वह अपने सात अन्य साथियों राजेंद्र सिंह, कालूराम, अभिषेक गोयल, संदीप, अंकुर चौधरी, गुलबीर और एक अन्य के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन करने गए थे। उनका कहना था कि आतंकी के एनकाउंटर में मारे जाने की घटना से पहले से ही अमरनाथ यात्रियों के साथ जमकर बदसलूकी की जा रही थी। 5 जुलाई को जब वह दर्शन करके लौट रहे थे, तभी अनंतनाग से पहले ही उनकी गाड़ी को रुकवा लिया गया। कुछ कट्टरपंथी सड़क पर बैरियर लगाए हुए थे।
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अरविंद ने बताया कि हरे रंग के झंडे लिए हुए कट्टरपंथियों ने उनसे न केवल कान पकड़वाए बल्कि पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगवाए। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ बहुत ही ज्यादा कट्टर थे।
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उनका कहना था कि दोबारा कश्मीर में मत आना, यह भारत नहीं पाकिस्तान का हिस्सा है। इसके अलावा कुछ ऐसे भी थे, जोकि उनकी जेबों से जबरन पैसे निकाल रहे थे। किसी प्रकार मिन्नत करके वह वहां से निकले।
दहशत इस कदर हो गई थी कि वहां से सीधे वैष्णो देवी के दर्शन को पहुंचे और फिर मानसिक रूप से सामान्य होने के बाद वह सोमवार को वापस गाजियाबाद लौटकर आए हैं।