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Ghaziabad News: मॉकड्रिल में भी नहीं चले तीन अस्पतालों के ऑक्सीजन प्लांट
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गाजियाबाद। सरकारी अस्पतालों में आपात स्थिति में ऑक्सीजन की उपलब्धता परखने के लिए कराई गई मॉकड्रिल में तीन ऑक्सीजन प्लांट बंद मिले। जिले में दो दिन चले निरीक्षण के दौरान 11 में से नौ प्लांटों की जांच की गई। इसमें डासना, मोदीनगर और भोजपुर के प्लांटों में तकनीकी व बिजली संबंधी खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने संबंधित अस्पतालों को तत्काल कमियां दूर कर प्लांट चालू कराने के निर्देश दिए हैं। लोनी क्षेत्र में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के कारण मॉकड्रिल नहीं हो सकी, वहां शनिवार को जांच कराई जाएगी।
शासन के निर्देश पर जिले के सरकारी अस्पतालों में लगे ऑक्सीजन प्लांटों की कार्यक्षमता जांचने के लिए मॉकड्रिल कराई गई। निरीक्षण के दौरान प्लांट की क्षमता, ऑक्सीजन का दबाव, शुद्धता और आपात स्थिति में संचालन की व्यवस्था को परखा गया। अधिकांश प्लांट मानकों के अनुरूप मिले, लेकिन तीन स्थानों पर प्लांट शुरू नहीं हो सके।
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बिजली फॉल्ट के कारण नहीं हो पाया शुरू
शुक्रवार को डासना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 330 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट बिजली के फॉल्ट के कारण शुरू नहीं हो पाया। अधिकारियों ने जनरेटर से भी प्लांट चलाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। नोडल अधिकारी ने मौके पर काफी देर तक स्थिति का जायजा लिया और जल्द समस्या दूर कराने के निर्देश दिए। केंद्र प्रभारी ने बताया कि बाद में लाइनमैन को बुलाकर खराबी ठीक कराई गई और प्लांट चालू होने की जानकारी अधिकारियों को दी गई। मोदीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी निरीक्षण के दौरान ऑक्सीजन प्लांट बंद मिला। यहां बिजली संबंधी समस्या के कारण संचालन प्रभावित था। अधिकारियों ने व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
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मानकों तक नहीं पहुंचा दबाव व शुद्धता
भोजपुर ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगे 330 एलपीएम क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट की जांच में भी समस्या सामने आई। बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद जनरेटर से प्लांट शुरू कराया गया, लेकिन तत्काल संचालन के कारण उस समय ऑक्सीजन का दबाव और शुद्धता निर्धारित मानकों तक नहीं पहुंच सकी।
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यहां ठीक मिले प्लांट
दूसरी ओर एमएमजी अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और संयुक्त जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान ऑक्सीजन प्लांट कार्यशील मिले। यहां ऑक्सीजन का दबाव और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गई।
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निरीक्षण में जहां भी तकनीकी समस्या मिली है, वहां सुधार के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में मरीजों को ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए सभी प्लांटों का नियमित परीक्षण और रखरखाव जरूरी है।
-डॉ. आरके गुप्ता, नोडल अधिकारी, ऑक्सीजन प्लांट
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शासन के निर्देश पर जिले के सरकारी अस्पतालों में लगे ऑक्सीजन प्लांटों की कार्यक्षमता जांचने के लिए मॉकड्रिल कराई गई। निरीक्षण के दौरान प्लांट की क्षमता, ऑक्सीजन का दबाव, शुद्धता और आपात स्थिति में संचालन की व्यवस्था को परखा गया। अधिकांश प्लांट मानकों के अनुरूप मिले, लेकिन तीन स्थानों पर प्लांट शुरू नहीं हो सके।
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बिजली फॉल्ट के कारण नहीं हो पाया शुरू
शुक्रवार को डासना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 330 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट बिजली के फॉल्ट के कारण शुरू नहीं हो पाया। अधिकारियों ने जनरेटर से भी प्लांट चलाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। नोडल अधिकारी ने मौके पर काफी देर तक स्थिति का जायजा लिया और जल्द समस्या दूर कराने के निर्देश दिए। केंद्र प्रभारी ने बताया कि बाद में लाइनमैन को बुलाकर खराबी ठीक कराई गई और प्लांट चालू होने की जानकारी अधिकारियों को दी गई। मोदीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी निरीक्षण के दौरान ऑक्सीजन प्लांट बंद मिला। यहां बिजली संबंधी समस्या के कारण संचालन प्रभावित था। अधिकारियों ने व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
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मानकों तक नहीं पहुंचा दबाव व शुद्धता
भोजपुर ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगे 330 एलपीएम क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट की जांच में भी समस्या सामने आई। बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद जनरेटर से प्लांट शुरू कराया गया, लेकिन तत्काल संचालन के कारण उस समय ऑक्सीजन का दबाव और शुद्धता निर्धारित मानकों तक नहीं पहुंच सकी।
यहां ठीक मिले प्लांट
दूसरी ओर एमएमजी अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और संयुक्त जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान ऑक्सीजन प्लांट कार्यशील मिले। यहां ऑक्सीजन का दबाव और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गई।
निरीक्षण में जहां भी तकनीकी समस्या मिली है, वहां सुधार के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में मरीजों को ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए सभी प्लांटों का नियमित परीक्षण और रखरखाव जरूरी है।
-डॉ. आरके गुप्ता, नोडल अधिकारी, ऑक्सीजन प्लांट