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Ghaziabad News: एसीपी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक लोनी समेत दस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश
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गाजियाबाद। लोनी बार्डर थाने में वकील की पिटाई करने और झूठ केस में फंसाने के आरोप में तत्कालीन सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अंकुर विहार भास्कर वर्मा, थाना प्रभारी लोनी बॉर्डर कृष्ण कुमार मौर्य, तत्कालीन चौकी प्रभारी गुलाब वाटिका विकास सिंह, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक नरेश कुमार, अनिल कुमार, अंकुश तोमर, सिपाही सचिन कुमार राठी, उप निरीक्षक वीरेंद्र कुमार मिश्रा, लोनी बॉर्डर के पैरोकार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक लोनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दिया है। आदेश में मजिस्ट्रेट ऐश्वर्या प्रताप सिंह ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज कर केस की विवेचना की जाए।
अदालत में मिली जानकारी के मुताबिक अधिवक्ता नितिन ने अदालत में दी अर्जी में बताया था कि वह सात जुलाई 2024 को गुलाब वाटिका क्षेत्र में हुए दो पक्षों के झगड़े के दौरान अपने मुवक्किल की पैरवी करने लोनी थाने पहुंचे थे। इसी दौरान लोनी थाने में पुलिस अधिकारियों ने उन्हें जबरन थाने में बैठाकर बेरहमी से पीटा, उनका मोबाइल फोन छीन लिया और रुपये भी लूट लिए। आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने उनके ही खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कर दी, जिसके चलते उन्हें जमानत करानी पड़ी। बाद में नितिन की शिकायत पर जांच करते हुए चौकी प्रभारी गुलाब वाटिका को निलंबित कर दिया गया, लेकिन बाकी अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर नितिन ने दस पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाते हुए अदालत में अर्जी दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऐश्वर्या प्रताप सिंह की अदालत ने लोनी बार्डर थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाए।
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अदालत में मिली जानकारी के मुताबिक अधिवक्ता नितिन ने अदालत में दी अर्जी में बताया था कि वह सात जुलाई 2024 को गुलाब वाटिका क्षेत्र में हुए दो पक्षों के झगड़े के दौरान अपने मुवक्किल की पैरवी करने लोनी थाने पहुंचे थे। इसी दौरान लोनी थाने में पुलिस अधिकारियों ने उन्हें जबरन थाने में बैठाकर बेरहमी से पीटा, उनका मोबाइल फोन छीन लिया और रुपये भी लूट लिए। आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने उनके ही खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कर दी, जिसके चलते उन्हें जमानत करानी पड़ी। बाद में नितिन की शिकायत पर जांच करते हुए चौकी प्रभारी गुलाब वाटिका को निलंबित कर दिया गया, लेकिन बाकी अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर नितिन ने दस पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाते हुए अदालत में अर्जी दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऐश्वर्या प्रताप सिंह की अदालत ने लोनी बार्डर थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाए।
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