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Ghaziabad News: चेक बाउंस मामले में एक साल की सजा
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गाजियाबाद। चेक बाउंस होने के मामले में अतिरिक्त न्यायालय कोर्ट-1 के पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश रामप्रताप सिंह ने राजीव गोयल को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर तीन लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत में प्रस्तुत मामले के अनुसार वीरेंद्र कुमार ने एबीआरएस इंजीनियरिंग कॉलेज में कैंटीन चलाने के लिए राजीव गोयल को 1.75 लाख रुपये दिए थे। रकम वापस करने के लिए राजीव गोयल ने वीरेंद्र कुमार को चेक जारी किए। बैंक में भुगतान के लिए चेक लगाए जाने पर खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण वे बाउंस हो गए। इसके बाद वीरेंद्र कुमार ने राजीव गोयल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान परिवादी वीरेंद्र कुमार की मृत्यु हो गई। इसके बाद उनके बेटे राहुल शर्मा ने मामले की पैरवी की।
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सुनवाई के दौरान राजीव गोयल ने चेक चोरी होने और उनके दुरुपयोग किए जाने से बचाव किया। अदालत ने अभियुक्त के इस बचाव को विश्वसनीय नहीं माना। अदालत ने माना कि राजीव गोयल के खाते से जारी किए गए चेक वैध देनदारी के भुगतान के लिए थे। खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक का भुगतान नहीं हो सका।
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साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने राजीव गोयल को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और तीन लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। आदेश के अनुसार अर्थदंड की राशि से 2.80 लाख रुपये मृतक परिवादी वीरेंद्र कुमार के उत्तराधिकारियों को दिए जाएंगे, जबकि 20 हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे।