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अब भी मानक से तीन गुना ज्यादा है प्रदूषण

Sat, 26 Nov 2016 10:16 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Sat, 26 Nov 2016 10:16 PM IST
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Now the standard is three times higher than pollution
प्रदूषण - फोटो : amar ujala

दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर के आसमान पर छाए जहरीले स्मॉग से बढ़े पीएम-10 के स्तर को सितंबर-अक्तूबर के स्तर तक आने में अभी वक्त लगेगा।  पीएम-10 के 200 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक के नीचे आने में अभी समय लगेगा। सबसे बड़ी समस्या पीएम-10 को इसी स्तर पर कायम रखना है, क्योंकि ये भी मानक से दोगुना है।

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स्मॉग के दौरान प्रशासन की ओर से कंस्ट्रक्शन वर्क पर एक हफ्ते तक लगाई गई रोक के बाद पीएम-10 में करीब 50 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की कमी दर्ज की गई थी, फिर भी उस दौरान पीएम-10 की मात्रा 600 से 700 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर थी।
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तब से अब पीएम-10 करीब 20 दिन के बाद 415 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर आ गया है, लेकिन अभी भी ये मानकों से तीन गुना है। इस वर्ष अगस्त से अक्तूबर तक पीएम-10 टीएचए में 157 से 179 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था, जो स्मॉग के दौरान अचानक 910 तक पहुंच गया था।
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पिछले वर्ष नवंबर में पीएम-10 312 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था जो इस वर्ष नवंबर के पीएम-10 से करीब 100 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर कम है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वैज्ञानिक सपना श्रीवास्तव ने बताया कि पहले से पीएम-10 काफी कम हो गया है। अगले एक महीने में और कम होने की उम्मीद है।


- फौरी कदमों से नहीं होगा फायदा
जहरीले स्मॉग दौरान प्रशासन की ओर से कंस्ट्रक्शन वर्क पर एक हफ्ते की रोक लगाए जाने के फौरी कदम से ज्यादा फायदा नहीं पहुंचा। पर्यावरण विद् विक्रांत शर्मा का कहना है कि नियमित तौर पर कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

वाहनों के निकलने वाले धुएं को तेजी से कम करने की जरूरत है, इसके साथ सख्ती के साथ कूड़े में आग लगाए जाने की घटनाओं को रोकना होगा।  
- प्रदूषण कम करने को ये कदम उठा सकते हैं

- सीएनजी बसें चलाई जाएं।
- हिंडन श्मशान घाट पर मोक्षदा प्रणाली लागू हो।

- फैक्ट्रियों और ईंट भट्टों के धुएं पर नियंत्रण हो।
- वायु प्रदूषण पर मानकों का पालन नहीं करने वाले बिल्डरों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।

- कार फ्री डे पर जोर दिया जाए।
- 24 घंटे बिजली मुहैया हो, जिससे जनरेटरों के प्रयोग में कमी आए।

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